
दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे: प्रधानमंत्री मोदी ने पहले चरण का किया उद्घाटन
क्या है खबर?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को राजस्थान के दौसा जिले में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के पहले चरण का उद्घाटन कर दिया है।
बता दें कि 1,386 किलोमीटर लंबे इस एक्सप्रेसवे के करीब 246 किलोमीटर लंबे दिल्ली-दौसा-लालसोट चरण के शुरू होने से दिल्ली और जयपुर के बीच यात्रा का समय पांच घंटे से घटकर 3.5 घंटे रह जाएगा।
आठ लेन वाले दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के इस चरण को 12,150 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से विकसित किया गया है।
एक्स्प्रेसवे
राजस्थान के सात जिलों को जोड़ेगा एक्स्प्रेसवे
राजस्थान के दौसा से हरियाणा के सोहना तक के इस चरण में यह एक्सप्रेसवे राजस्थान के सात जिलों को आपस में जोड़ेगा। इनमें अलवर, भरतपुर, दौसा, सवाईमाधोपुर, टोंक, बूंदी और कोटा शामिल हैं और हर जिले के लिए एक ही एंट्री और एग्जिट पाइंट होगा।
बता दें कि एक्सप्रेसवे की गुजरात में लंबाई 426 किलोमीटर, राजस्थान में 373 किलोमीटर, मध्यप्रदेश में 244 किलोमीटर, महाराष्ट्र में 171 किलोमीटर और हरियाणा में 129 किलोमीटर की लंबाई रहेगी।
भाषण
एक्सप्रेसवे विकसित भारत की भव्य तस्वीर- प्रधानमंत्री
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक्सप्रेसवे के खंड का उद्घाटन करने के बाद कहा, "यह एक्सप्रेसवे भारत की भव्य तस्वीर है। जब ऐसी आधुनिक सड़कें बनती हैं तो देश की प्रगति को गति मिलती है। दुनिया में ऐसे अनेक अध्ययन हैं, जो बताते हैं कि इन्फ्रास्ट्रक्चर में लगाई गई राशि जमीन पर कई गुना असर दिखाती है और इससे कई गुना निवेश आकर्षित होता है।"
उद्घाटन के दौरान केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी भी मौजूद रहे।
शिलान्यास
प्रधानमंत्री ने अन्य कई परियोजनाओं का शिलान्यास किया
प्रधानमंत्री मोदी ने एक्सप्रेसवे के पहले चरण का उद्घाटन करने के साथ-साथ कई अन्य सड़क परियोजनाओं की आधारशिला रखी।
इनमें 2,020 करोड़ रुपये की लागत से बांदीकुई से जयपुर के बीच 67 किलोमीटर लंबा चार लेन का शाखा मार्ग, 3,775 करोड़ रुपये से विकसित होने वाला 86 किलोमीटर लंबा कोटपुतली-अलवर दिल्ली-मुंबई इंटरचेंज और लगभग 150 करोड़ रुपये की लागत से लालसोट-करोली सेक्शन के बीच दो लेन का पेव्ड शोल्डर शामिल हैं।
एक्सप्रेसवे
1,386 किलोमीटर लंबा होगा दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे
पूरा तैयार होने पर दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे भारत का सबसे लंबा एक्सप्रेसवे होगा जिसकी कुल लंबाई करीब 1,386 किलोमीटर होगी। यह एक्सप्रेसवे दिल्ली और चार राज्यों (हरियाणा, राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र) से होकर गुजरेगा और इसके जनवरी, 2024 तक पूरा तैयार होने की उम्मीद है।
बता दें कि दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे एशिया का पहला और दुनिया का दूसरा एक्सप्रेसवे है, जहां वन्यजीवों के चलने-फिरने के लिए ओवरपास और अंडरपास की सुविधा दी गई है।
सफर
मुंबई और दिल्ली के बीच कम होगी दूरी
दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे दिल्ली और मुंबई के बीच की दूरी को 180 किलोमीटर कम कर देगा। पहले यह दूरी 1,424 किलोमीटर थी, जो एक्सप्रेसवे शुरू होने के बाद 1,242 किलोमीटर रह जाएगी। वहीं यात्रा का समय भी 24 घंटे से घटकर 12 घंटे रह जाएगा।
दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे कोटा, इंदौर, जयपुर, भोपाल, वडोदरा और सूरत जैसे बड़े शहरों को भी जोड़ेगा।
आठ लेन के इस एक्सेस-नियंत्रित ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे को भविष्य में 12 लेन में भी विकसित किया जा सकता है।