
JNU हिंसा मामले में डेढ़ साल बाद भी नहीं हुई कोई भी गिरफ्तारी- सरकार
क्या है खबर?
जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (JNU) में पिछले साल जनवरी में हुई हिंसा ने पूरे देश का ध्यान अपनी ओर खींचा था।
इस को लेकर देशभर में विरोध प्रदर्शन हुए थे, लेकिन चौंकाने वाली बात यह है कि घटना के डेढ़ साल बाद भी पुलिस इस मामले में एक भी आरोपी को गिरफ्तार नहीं कर सकी है।
खुद केंद्रीय गृह मंत्रालय ने लोकसभा में यह जानकारी दी है। बता दें JNU कैंपस में हुई इस हिंसा में कई छात्र घायल हुए थे।
पृष्ठभूमि
5 जनवरी, 2020 को JNU में हुई थी हिंसा
JNU हिंसा की शुरुआत 5 जनवरी को हुई थी। करीब 100 की संख्या में नकाबपोश गुंडों ने कैंपस में घुसकर छात्रों और शिक्षकों पर हमला किया।
जिस समय इन गुंडों ने हमला किया, छात्र और शिक्षक साबरमती हॉस्टल के पास एक सभा कर रहे थे।
उन्होंने यहां जमा छात्रों और शिक्षकों पर सबसे पहले पत्थर बरसाए। इस हमले में क्षेत्रीय विकास अध्ययन केंद्र की प्रमुख सुचारिता सेन सिर पर पत्थर लगने की वजह से गंभीर रूप से घायल हो गईं।
हमला
हॉस्टल में घुसकर भी छात्रों को बनाया गया था निशाना
गुंडों के हमले के इस हमले से बचने के लिए छात्र साबरमती हॉस्टल में जाकर छिप गए, लेकिन इन गुंडों ने उन्हें वहां भी नहीं बख्शा। हॉस्टल में घुसकर इन गुंडों ने छात्रों को चुन-चुन कर निशाना बनाया।
कैंपस के अंदर उनका ये आतंक करीब दो घंटे तक चला और वो लोहे की रॉड, हॉकी और डंडों से छात्रों को पीटते रहे।
इस हमले में करीब 34 छात्र घायल हुए जिनमें JNU छात्र संघ प्रमुख आइशी घोष भी शामिल थे।
सवाल
पुलिस की भूमिका पर उठे थे सवाल
उस समय यह सवाल उठे थे कि जब गुंडे कैंपस के भीतर उत्पात मचा रहे थे, तब पुलिस अंदर क्यों नहीं गई।
पुलिस का बाहर रहने का फैसला जामिया मिलिया इस्लामिया की घटना से उलट है, जब पुलिस ने कैंपस के भीतर बनी लाइब्रेरी में घुसकर छात्रों की पिटाई की थी।
पुलिस का कहना है कि जामिया में वो दंगाईयों का पीछा करते हुए अंदर गई थी, जबकि JNU में उनके पास अंदर जाने की अनुमति नहीं थी।
जानकारी
JNU हिंसा के खिलाफ देशभर में हुए थे प्रदर्शन
JNU हिंसा के खिलाफ दिल्ली के साथ देश के दूसरे हिस्सों में भी आक्रोश फैला गया था। मुंबई, हैदराबाद, कोलकाता सहित देश भर में छात्र संगठनों ने इसके विरोध में प्रदर्शन किया था। वाम छात्र संगठनों ने इसके लिए ABVP को जिम्मेदार ठहराया था।
सवाल
लोकसभा में विपक्ष ने गृह मंत्रालय से पूछा था सवाल
इंडिया टुडे के अनुसार, विपक्ष ने मंगलवार को लोकसभा में सरकार से JNU कैंपस हिंसा मामले में पुलिस द्वारा अब तक की गई कार्रवाई की जानकारी मांगी थी।
इसके अलावा यह भी पूछा गया था कि मामले में अब तक कितनी गिरफ्तारी हुई है और मामले की वर्तमान स्थिति क्या चल रही है।
इसको लेकर गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने जवाब दिया कि जनवरी 2020 की हिंसा में दिल्ली पुलिस ने किसी को भी गिरफ्तार नहीं किया है।
बयान
JNU हिंसा मामले में दर्ज किए गए हैं तीन मामले
गृह राज्य मंत्री राय ने कहा, "जनवरी 2020 की हिंसा के संबंध में दिल्ली पुलिस द्वारा तीन मामले दर्ज किए गए हैं। मामले की जांच में गवाहों से पूछताछ, CCTV फुटेज का संग्रह और विश्लेषण तथा पहचाने गए संदिग्धों की जांच की जा रही है। हालांकि, मामले में अभी तक किसी को भी गिरफ्तारी नहीं किया गया है।"
उन्होंने कहा, "तीनों FIR की गहन जांच के लिए क्राइम ब्रांच की एक विशेष जांच टीम (SIT) गठित की गई है।"