
G-20 से लेकर UNSC और SCO तक, अहम वैश्विक संगठनों की अध्यक्षता करेगा भारत
क्या है खबर?
भारत को आने वाले महीनों में और अगले साल कई अहम वैश्विक संगठनों की अध्यक्षता मिलने वाली है और इसे कूटनीतिक दुनिया में भारत की बढ़ती शक्ति का संकेत माना जा रहा है।
भारत जिन वैश्विक संगठनों की अध्यक्षता करने वाला है, उनमें G-20 समूह, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) और शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शामिल हैं।
अध्यक्षता के कारण G-20 और SCO की बैठकें भी भारत में होंगी जो देश के लिए एक अहम कूटनीतिक मौका होगा।
G-20
दिसंबर में मिलेगी G-20 की अध्यक्षता
भारत को सबसे पहले इसी साल 1 दिसंबर को 20 सबसे ताकतवार देशों के समूह G-20 की अध्यक्षता मिलेगी और उसके पास ये अध्यक्षता अगले साल 30 नवंबर तक रहेगी।
अध्यक्ष होने के नाते भारत अगले साल G-20 शिखर सम्मेलन की मेजबानी भी करेगी जिसमें तमाम शीर्ष देशों के राष्ट्राध्यक्ष शामिल होंगे।
इसके अलावा भारत किसी भी देश को मेहमान के तौर पर बुला सकता है और वह इसका इस्तेमाल अपने कूटनीतिक लाभ के लिए कर सकता है।
UNSC
दिसंबर में ही UNSC का अध्यक्ष बनेगा भारत
दिसंबर में ही भारत के पास UNSC की अध्यक्षता भी आएगी जिसे दुनिया का सबसे ताकतवर वैश्विक संगठन कहें तो गलत नहीं होगा।
भारत अभी दो साल के लिए इसका अस्थायी सदस्य है और दिसंबर में उसकी ये सदस्यता खत्म हो जाएगी। अपनी सदस्यता खत्म होने के आखिरी महीने में भारत इसकी अध्यक्षता करेगा।
अध्यक्ष के तौर पर भारत इस नाजुक समय पर वैश्विक स्तर की कई बहसों और फैसलों को प्रभावित कर सकता है।
SCO
अगले साल SCO का अध्यक्ष बन सकता है भारत
इसके बाद भारत अगले साल SCO का अध्यक्ष बन सकता है और इसके शिखर सम्मेलन की मेजबानी कर सकता है।
उज्बेकिस्तान में चले रहे मौजूदा SCO शिखर सम्मेलन में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने भारत की अध्यक्षता का समर्थन किया है, वहीं रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन भी भारत के समर्थन में हैं।
इसी कारण ये लगभग तय माना जा रहा है कि भारत अगले साल SCO की अध्यक्षता और इसके शिखर सम्मेलन की मेजबानी कर सकता है।
विश्लेषण
विशेषज्ञ बोले- भारत की बढ़ती अहमियत झलक रही
विशेषज्ञों का मानना है कि इन वैश्विक संगठनों की अध्यक्षता मिलना कूटनीति के क्षेत्र में भारत की बड़ी अहमियत को दर्शाता है और इनकी मदद से भारत अपनी छाप छोड़ने में कामयाब रहेगा।
पूर्व विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला ने समाचार एजेंसी ANI से कहा कि ये घटनाक्रम दर्शाता है कि भारत भविष्य में किस तरह की भूमिका निभाने वाला है। उन्होंने इस बढ़ती अहमियत के पीछे भारत की बढ़ती आर्थिक ताकत को कारण बताया है।
SCO
न्यूजबाइट्स प्लस
शंघाई सहयोग संगठन (SCO) यूरेशियन राजनीतिक, आर्थिक और सैन्य संगठन है। चीन और रूस सहित पांच देशों ने साल 2001 में इसकी स्थापना की थी।
इसका मकसद सदस्य देशों के बीच मौजूद विवादों को सुलझाने और आपसी सहयोग को बढ़ाना है।
चीन, रूस, भारत, पाकिस्तान, कजाकिस्तान, किर्गिस्तान, तजाकिस्तान और उज्बेकिस्तान इसके स्थाई सदस्य हैं।
इसे यूरोपीय देशों के समूह नाटो (NATO) का जवाब माना जाता है। चीन, रूस और भारत जैसे देशों की उपस्थिति इसे बेहद महत्वपूर्ण बनाती है।