
अक्टूबर के अंत तक कोरोना वैक्सीन की 100 करोड़ खुराकों का लक्ष्य हासिल कर लेगा भारत
क्या है खबर?
भारत कोरोना वायरस महामारी के खिलाफ चल रहे वैक्सीनेशन अभियान में अहम मुकाम हासिल करने के मुहाने पर पहुंच गया है।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के एक अधिकारी की माने तो भारत अक्टूबर के तीसरे सप्ताह के अंत तक वैक्सीन की 100 करोड़ खुराक लगाने के अहम पड़ाव पर पहुंच जाएगा।
इसके बाद पूरे देश के लोगों को जल्द से जल्द वैक्सीन लगाने की योजना का विस्तार किया जाएगा। यह महामारी के खिलाफ बड़ी जीत होगी।
तैयारी
वैक्सीनेशन को सफलता के रूप में दिखाने के प्रयास में है सरकार
बता दें कि केंद्र सरकार वैक्सीनेशन अभियान की तेजी को अपनी सफलता के रूप में दिखाने के प्रयास में जुटी है।
इसका कारण है कि आने वाले समय में देश के सात राज्यों में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। ऐसे में अधिक से अधिक लोगों को वैक्सीन लगाकर सरकार चुनाव में इस सफलता को भुनाने का प्रयास करेगी।
यही कारण है कि वैक्सीनेशन अभियान की गति को तेज कर दिया और प्रतिदिन बड़ी संख्या में वैक्सीन लगाई जा रही है।
उपलब्धि
"देश में 73 प्रतिशत आबादी को लग चुकी है वैक्सीन की एक खुराक"
हिंदुस्तान टाइम्स के अनुसार, स्वास्थ्य मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया, "देश में अब तक वैक्सीन की 95.89 करोड़ खुराकें लगाई जा चुकी है। ऐसे में अब तक 73 प्रतिशत आबादी को वैक्सीन की एक और 30 प्रतिशत आबादी को दोनों खुराकें लगाई जा चुकी है।"
अधिकारी ने कहा, "हम वैक्सीन की रफ्तार को और बढ़ाने के लिए राज्यों के साथ संपर्क में हैं। वर्तमान में राज्यों के लिए आठ करोड़ से अधिक खुराकें तैयार रखी गई है।"
जानकारी
आदिवासी क्षेत्रों में कम है वैक्सीनेशन की रफ्तार
अधिकारी ने कहा कि अधिकतर राज्यों में 60 प्रतिशत आबादी को वैक्सीन की खुराकें लगाई जा चुकी है, लेकिन फिर भी आदिवासी क्षेत्रों में वैक्सीनेशन की रफ्तार कम है। ऐसे में राज्यों से इन क्षेत्रों में रफ्तार बढ़ाने पर विचार-विमर्श किया जा रहा है।
राहत
देश में नहीं है वैक्सीन की कोई कमी- अधिकारी
अधिकारी ने कहा, "देश में वैक्सीन की कोई कमी नहीं है, लेकिन हम 70 प्रतिशत आबादी को खुराक मिलने के बाद राहत की सांस नहीं ले सकते हैं। ऐसे में बची हुई आबादी को भी तेजी से वैक्सीन लगाने के प्रयास जारी है।"
उन्होंने कहा, "जहां तक वैक्सीन की उपलब्धता का सवाल है, अकेले अक्टूबर में उत्पादन लगभग 28 करोड़ खुराक है। इसमें से 22 करोड़ खुराक कोविशील्ड, छह करोड़ कोवैक्सिन और 60 लाख DNA वैक्सीन (ZyCov-D) की हैं।"
कावैक्सिन
'कोवैक्सिन' को WHO से मंजूरी मिलने का है इंतजार
कोवैक्सिन लगवाने वाले यात्रियों की विदेश यात्रा के सवाल पर अधिकारी ने कहा कि सरकार विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) से कोवैक्सिन को मंजूरी मिलने का इंतजार कर रही है।
इसके अलावा अन्य देशों से आपसी समझौते के आधार पर कोवैक्सिन को मान्यता दिलाने के प्रयास जारी है।
उन्होंने कहा कि अब तक 15-16 देशों ने कोवैक्सिन को मान्यता दे दी है और वहां पर यात्रा भी शुरू हो गई है। अन्य देशों से भी चर्चा की जा रही है।
बयान
"बच्चों के लिए 'कोवैक्सिन' को मंजूरी देने पर चल रही है जांच"
अधिकारी ने कहा, "बच्चों के लिए कोवैक्सिन को मंजूरी देने के मामले में ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (DCGI) के विशेषज्ञ वैक्सीन के डाटा की विस्तृत समीक्षा कर रहे हैं। विशेषज्ञों की रिपोर्ट सामने आने के बाद भी इस पर अंतिम निर्णय किया जाएगा।"
बूस्टर डोज
भारत ने बूस्टर डोज पर नहीं किया कोई निर्णय
अधिकारी ने कहा कि वरिष्ठ नागरिकों, स्वास्थ्यकर्मियों और पुरानी बीमारियों से ग्रसित लोगों को वैक्सीन की तीसरी खुराक (बूस्टर डोज) लगाने पर भारत ने अभी कोई निर्णय नहीं किया है।
सीरो सर्वे के आधार पर देश की 67 प्रतिशत आबादी वायरस की चपेट में आ चुकी है। ऐसे में उनमें एंटीबॉडी बन चुकी है।
उन्होंने कहा कि भले ही WHO तीसरी खुराक की सिफारिश करता हैं, लेकिन भारत में विशेषज्ञों ने अभी तक इस पर जोर नहीं दिया है।
जानकारी
भारत में यह है वैक्सीनेशन की स्थिति
देश में चल रहे दुनिया के सबसे बड़े वैक्सीनेशन अभियान की बात करें तो अब तक वैक्सीन की 96,43,79,212 खुराकें लगाई जा चुकी हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, बीते दिन 50,63,845 खुराकें लगाई गईं। धीरे-धीरे वैक्सीनेशन अभियान रफ्तार पकड़ रहा है।