
भारत में मिला कोरोना वायरस का एक और नया स्ट्रेन, 2.5 गुना अधिक है संक्रामक- रिपोर्ट
क्या है खबर?
भारत में कोरोना वायरस के डबल और टि्रपल म्यूटेंट स्ट्रेन के कारण आई महामारी की दूसरी लहर ने हाहाकार मचा दिया है। तमाम प्रयासों के बाद भी मामलों में कमी नहीं आ रही है। इसी बीच देश के लिए एक और खतरे की घंटी बज गई है।
मुबई स्थित टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ फंडामेंटल रिसर्च (TIFR) और बेंगलुरू स्थिति भारतीय विज्ञान संस्थान (IISc) ने वायरस के नए स्ट्रेन का पता लगाया है, जो मौजूदा स्ट्रेन से 2.5 गुना अधिक संक्रामक है।
खतरा
नए स्ट्रेन से संक्रमित व्यक्ति तीन लोगों तक पहुंचा सकता है संक्रमण
न्यूज 18 के अनुसार नए स्ट्रेन को लेकर TIFR और IISc की रिपोर्ट में कहा गया है कि पहचाने गए वायरस के नए स्ट्रेन से संक्रमित व्यक्ति तीन लोगों को बहुत तेजी से संक्रमित कर सकता है।
TIFR की सिमुलेशन परियोजना के समन्वयक संदीप जुनेजा ने बताया कि वायरस में बढ़ा हुआ RO इस बात का संकेत है कि नया स्ट्रेन बहुत अधिक संक्रमाक है और वर्तमान स्ट्रेनों की तुलना में लोगों को अधिक तेजी से संक्रमित कर सकता है।
अन्य
CCMB ने भी लगाया 15 गुना अधिक संक्रामक स्ट्रेन का पता
इससे पहले सेंटर फॉर सेल्युलर एंड मॉलिक्युलर बायोलॉजी (CCMB) ने भी कोरोना के एक नए स्ट्रेन N440K का पता लगाया था।
कहा जा रहा है कि इसी नए स्ट्रेन से विशाखापत्तनम में तबाही मच गई है। यह स्ट्रेन सबसे पहले करनूल में मिला था।
CCMB के अनुसार नया स्ट्रेन दूसरे स्ट्रेनों के मुकाबले 15 गुना अधिक तेजी से फैलता है। दावा किया जा रहा है कि यह भारत के B1.617 और B1.618 स्ट्रेन के मुकाबले काफी अधिक संक्रामक है।
लक्षण
नए स्ट्रेन से मरीजों में बहुत जल्दी नजर आ रहे हैं लक्षण- सुधाकर
कोरोना महामारी के विशेष अधिकारी पीवी सुधाकर ने कहा कि नए स्ट्रेन में इंक्यूबेशन काफी कम है। इससे संक्रमित होने के तीन-चार दिन में ही लक्षण दिखने लगते हैं। पहले के मामलों में मरीज को हाइपोक्सिया या डिस्पेनिया स्टेज तक पहुंचने में एक सप्ताह का समय लगता था।
उन्होंने कहा कि नए स्ट्रेन के कारण परेशानी बढ़ गई है। विशेषज्ञों का भी कहना है कि यह स्ट्रेन कुछ ही देर में पांच-छह लोगों को संक्रमित कर सकता है।
राहत
मुंबई में जून तक मामलों में कमी आने की संभावना- जुनेजा
जुनेजा ने कहा कि अध्ययन के अनुसार मुंबई में 1 जून तक कोरोना संक्रमण के मामलों में कमी आना शुरू हो जाएगा। हालांकि, इसके लिए वैक्सीनेशन अभियान की रफ्तार को बढ़ाना जरूरी होगा।
बता दें कि मुंबई में दूसरी लहर के कारणों का पता लगाने के लिए किए गए गणितीय मॉडल ने भी भविष्यवाणी की थी कि मई के पहले सप्ताह मृत्यु दर में इजाफा होगा, लेकिन 1 जुलाई तक शहर स्कूलों को खोलने की स्थिति में होगा।
जानकारी
लोकल ट्रेन के संचालन के बाद महाराष्ट्र में तेजी से फैला संक्रमण
गणितीय मॉडल के आधार पर कहा गया था कि महाराष्ट्र में फरवरी में कोरोना वायरस का नया स्ट्रेन मौजूद था, लेकिन लोकल ट्रेनों का संचालन शुरू होने से इसके प्रसार में मदद मिली। यही कारण रहा कि महाराष्ट्र में स्थिति नियंत्रण से बाहर हो गई।
संक्रमण
भारत में यह है कोरोना संक्रमण की स्थिति
भारत में पिछले 24 घंटे में कोरोना वायरस से संक्रमण के 3,57,229 नए मामले सामने आए और 3,449 मरीजों की मौत हुई। देश में लगातार तीसरे दिन नए मामलों में कमी आई है।
इसी के साथ देश में कुल संक्रमितों की संख्या दो करोड़ से पार पहुंचकर 2,02,82,833 हो गई है।
इनमें से 2,22,408 लोगों को इस खतरनाक वायरस के कारण अपनी जान गंवानी पड़ी है। सक्रिय मामलों की संख्या बढ़कर 34,47,133 हो गई है।