
कोरोना टेस्टिंग पर ICMR की नई गाइडलाइंस, RT-PCR टेस्ट की संख्या कम करने को कहा
क्या है खबर?
केंद्र सरकार जहां राज्यों से अधिक RT-PCR टेस्ट करने को कह रही है, वहीं भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (ICMR) ने इनकी संख्या कम करने को कहा है।
दरअसल, ICMR ने टेस्टिंग लैबोरेट्रीज पर बढ़ रहे दबाव को कम करने के लिए नई गाइडलाइंस जारी कर बताया है कि किन लोगों का RT-PCR टेस्ट नहीं करना चाहिए।
इससे पहले केंद्र ने कहा था कि राज्यों की कुल टेस्टिंग में 70 प्रतिशत RT-PCR टेस्ट होने चाहिए।
जानकारी
क्या होता है RT-PCR टेस्ट?
RT-PCR टेस्ट यानी रिवर्स ट्रांसक्रिप्शन पॉलीमर्स चेन रिएक्शन टेस्ट। इसमें वायरस के RNA की जांच की जाती है।
इसके सैंपल में नाक और गले से म्यूकोजा के अंदर वाली परत से स्वैब लिया जाता है। रिपोर्ट में सामान्यतः 6-8 घंटे लगते हैं, लेकिन कई बार इससे ज्यादा समय भी लग सकता है।
इसे कोरोना वायरस की पुष्टि के लिए सबसे भरोसेमंद टेस्ट माना जाता है, लेकिन कई बार इस टेस्ट से नए वेरिएंट का पता नहीं चलता।
गाइडलाइंस
इन लोगों के RT-PCR टेस्ट के लिए किया मना
अगर एंटीजन टेस्ट में किसी व्यक्ति के संक्रमण की पुष्टि हो चुकी है तो उसका RT-PCR टेस्ट नहीं किया जाएगा।
इसी तरह एक बार RT-PCR टेस्ट में संक्रमित पाए गए व्यक्ति का दोबारा यह टेस्ट नहीं होगा।
अगर किसी ने होम आइसोलेशन में 10 दिन पूरे कर लिए हैं और पिछले तीन दिनों से बुखार नहीं है।
अस्पताल से छुट्टी देते समय RT-PCR टेस्ट नहीं किया जाएगा।
राज्यों के बीच यात्रा कर रहे स्वस्थ व्यक्ति का RT-PCR न किया जाए।
कोरोना का कहर
लैबोरेट्रीज पर बढ़ा काम का बोझ
हिंदुस्तान टाइम्स के अनुसार, देशभर में स्थित 2,506 मॉलिक्युलर टेस्टिंग लैबोरेट्रीज में रोजाना 15 लाख RT-PCR, ट्रू-नेट और CBNAAT आदि टेस्ट हो सकते हैं।
हालांकि, लगातार बढ़ते मामलों के कारण RT-PCR टेस्ट की संख्या तेजी से बढ़ी है और कई लैबोरेट्रीज के कर्मचारी खुद संक्रमण की चपेट में आ चुके हैं इसलिए इन लैब्स पर काम का दबाव बढ़ गया है।
कई जगहों पर RT-PCR टेस्ट की रिपोर्ट आने में 72 घंटों का समय लग रहा है।
गाइडलाइंस
रैपिड एंटीजन टेस्ट पर दिया जाएगा ज्यादा जोर
इस स्थिति को देखते हुए ICMR ने दोबारा से रैपिड एंटीजन टेस्ट पर ज्यादा ध्यान देने को कहा है।
ICMR ने कहा कि सभी सरकारी और निजी स्वास्थ्य केंद्रों, शहरों, गांवों, कार्यालयों, स्कूलों, कॉलेजों, सामुदायिक केंद्रों और दूसरी जगहों पर बड़े स्तर की टेस्टिंग के लिए रैपिड एंटीजन टेस्ट किए जा सकते हैं।
हालांकि, ऐसा नहीं है कि ICMR ने सभी लोगों के लिए RT-PCR टेस्ट कराने से मना किया है।
कोरोना टेस्टिंग
किन लोगों का RT-PCR टेस्ट किया जा सकता है?
ICMR के अनुसार, जिन लोगों में कोरोना वायरस महामारी के लक्षण हैं और जिनके रैपिड एंटीजन टेस्ट की रिपोर्ट नेगेटिव आई है, उन लोगों को RT-PCR टेस्ट कराना चाहिए।
सरकार की तरफ से कहा गया है कि जिन लोगों में बुखार, खांसी, सिरदर्द, गले में खराश, सांस लेने में परेशानी, बदन दर्द, गंध या स्वाद का चले जाना, थकान और डायरिया जैसे लक्षण हों, उन्हें टेस्ट की रिपोर्ट आने तक कोरोना के संदिग्ध मरीज माना जाए।
जानकारी
टेस्ट से पहले वैक्सीनेशन की जानकारी देना जरूरी
ICMR की तरफ से यह भी कहा गया है कि अगर कोई कोरोना वायरस का किसी भी तरह का टेस्ट करवा रहा है, तो उसे यह जानकारी देने चाहिए कि उसने वैक्सीन ली है या नहीं। यह जानकारी बहुत महत्वपूर्ण होती है।