
हरियाणा सरकार ने 14 जिलों में इंटरनेट और SMS सेवा पर लगाई रोक
क्या है खबर?
दिल्ली में गणतंत्र दिवस पर किसानों की ट्रैक्टर रैली के दौरान हुई हिंसा और उत्पात के बाद बनी तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए हरियाणा सरकार ने राज्य के 14 जिलों में तत्काल प्रभाव से वॉयस कॉल को छोड़कर इंटरनेट और SMS सेवा पर रोक लगा दी है।
यह रोक 30 जनवरी शाम 5 बजे तक जारी रहेगी। इसके लिए सरकार ने सभी टेलीकॉम कंपनियों को आदेश भी जारी कर दिए हैं।
रोक
हरियाणा के इन जिलों में लगाई गई है इंटरनेट पर रोक
सरकार की ओर से जारी किए गए आदेशों के अनुसार अंबाला, यमुनानगर, कुरुक्षेत्र, करनाल, कैथल, पानीपत, हिसार, जींद, रोहतक, भिवानी, चरखी दादरी, फतेहाबाद, रेवाड़ी और सिरसा जिलों में इंटरनेट और SMS सुविधा पर रोक लगाई गई है।
इन जिलों के लोग अब 30 जनवरी शाम 5 बजे तक केवल वॉयस कॉल ही कर पाएंगे।
बता दें कि सोनीपत, पलवल और झज्जर जिलों में सरकार ने पहले ही इंटरनेट सेवाओं पर रोक लगा रखी है।
आदेश
इस नियम के तहत लगाई इंटरनेट पर पाबंदी
सरकार ने यह पाबंदी दूरसंचार अस्थायी सेवा निलंबन (लोक आपात या लोक सुरक्षा) नियम, 2017 के नियम 2 के तहत लगाई है।
अतिरिक्त मुख्य सचिव राजीव अरोड़ द्वारा जारी आदेश के अनुसार CID के अतिरिक्ति पुलिस महानिदेशक (ADG) ने गणतंत्र दिवस हिंसा के बाद किसान आंदोलन में सोशल मीडिया के तहत गलत सूचना और अफवाह फैलाए जाने की आशंक जताई थी।
ऐसे में राज्य में शांति और कानून व्यवस्था को बनाए रखने के लिए यह रोक लगाई गई है।
जानकारी
सभी तरह के इंटरनेट पर रहेगी रोक
सरकार ने सभी टेलीकॉम कंपनियों को संबंधित जिलों में वॉयस कॉल को छोड़कर इंटरनेट सेवाओं (2G/3G/4G/CDMA/GPRS), सभी SMS सेवाओं (बैंकिंग और मोबाइल रिचार्ज को छोड़कर) और मोबाइल नेटवर्क पर दी जाने वाली डोंगल सेवाओं को बंद करने के आदेश दिए हैं।
ट्विटर पोस्ट
यहां देखें सरकार द्वारा जारी किया गया आदेश
Haryana Government suspends Telecom services in some districts. pic.twitter.com/oX48VLTaQh
— Prashant Kanojia (@PJkanojia) January 29, 2021
चौकसी
सिंघू बॉर्डर पर बढ़ाई सुरक्षा
किसान आंदोलन के प्रमुख केंद्र सिंघू बॉर्डर को पुलिस ने किले में तब्दील कर दिया है। कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच सभी तरफ बैरीकेड लगा दिए गए हैं और सभी प्रवेश मार्गों को बंद कर दिया गया है।
दोपहर में स्थानीय लोगों और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प के बाद पुलिस को लाठीचार्ज के साथ आंसू गैस के गोले भी दागने पड़े थे।
मौके पर हालत तनावपूर्ण बने हुए हैं। ऐसे में वहां तैनात सभी सुरक्षाकर्मी विशेष चौकसी बरत रहे हैं।
पृष्ठभूमि
ट्रैक्टर रैली में किसानों के तय रास्ते से हटने के बाद हुई थी हिंसा
किसानों की ओर से गणतंत्र दिवस पर दिल्ली में बुलाई ट्रैक्टर परेड में एक धड़ा शुरूआत में ही तय रास्ते से हट गया और ITO होते हुए लाल किले की तरफ निकल गया।
इस दौरान उनकी ITO और लाल किला सहित मुकरबा चौक, गाजीपुर, ITO, सीमापुरी, नांगलोई, टिकरी बॉर्डर पर पुलिस के साथ जबरदस्त भिडंत हुई।
इसमें कम से कम 394 पुलिसकर्मी घायल हो गए। पुलिस को मजबूरन लाठीचार्ज और आंसू गैस का प्रयोग करना पड़ा।