
विज्ञान और स्वास्थ्य पुरस्कारों को तर्कसंगत बनाएगी सरकार, विज्ञान रत्न सम्मान शुरू करने की योजना
क्या है खबर?
केंद्र सरकार ने विज्ञान और स्वास्थ्य विभाग की तरफ से दिए जाने वाले पुरस्कारों की संख्या कम करने को कहा है। सरकार ने इन विभागों को सलाह दी है कि कम पुरस्कार दिए जाएं ताकि उनका महत्व बना रहे।
साथ ही सरकार ने इन विभागों से मुख्य वैज्ञानिक सलाहकार के साथ सलाह-मशविरा कर विज्ञान रत्न पुरस्कार शुरू करने को कहा है, जो विज्ञान के क्षेत्र में देश के सबसे बड़ा नागरिक सम्मान भारत रत्न के बराबर होगा।
फैसला
गृह सचिव की बैठक में लिया गया फैसला
16 सितम्बर को गृह सचिव अजय भल्ला की अध्यक्षता में हुई बैठक में यह फैसला लिया गया था।
बैठक में भल्ला ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस विजन की बात की, जिसमें वो पुरस्कारों से जुड़ी पूरी व्यवस्था को बदलना चाहते हैं ताकि पारदर्शिता को सुनिश्चित करते हुए असल मायनों में योग्य उम्मीदवारों का चयन हो सके।
इस बैठक से पहले विज्ञान मंत्रालय ने पिछले आठ महीनों में सभी विभागों की तरफ से दिए गए सम्मानों की समीक्षा की थी।
जानकारी
अब केवल छह पुरस्कार देंगे विज्ञान और भू-विज्ञान मंत्रालय
इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार, विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि विज्ञान और भू-विज्ञान मंत्रालयों की तरफ से कुल 801 पुरस्कार दिए जाते हैं, लेकिन अब केवल छह पुरस्कार ही दिए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि कई पुरस्कार वैज्ञानिकों के नाम पर निजी व्यक्तियों ने शुरू किये थे, जिसमें सरकार भी सहयोग देती थी। अब इन्हें तर्कसंगत बनाए जाने की जरूरत है। इसका उद्देश्य पुरस्कारों का महत्व बनाए रखना है।
पुरस्कार
कौन सा विभाग कितने सम्मान देता है?
विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग 207 सम्मान देता है, जिनमें से चार राष्ट्रीय पुरस्कार, 97 निजी सम्मान, 54 लेक्चर/स्कॉलरशिप/फैलोशिप आधारित सम्मान और 56 आंतरिक सम्मान शामिल है।
अब विभाग को निजी और लेक्चर/स्कॉलरशिप/फैलोशिप आधारित सम्मान बंद कर स्कॉलरशिप/फैलोशिप पर आधारित नई व्यवस्था शुरू करने को कहा गया है।
इसी तरह CSIR शांति स्वरुप भटनागर सम्मान समेत सात सम्मान देता है। अब इसे शांति स्वरूप भटनागर अवॉर्ड को छोड़कर बाकी छह को बंद या अन्य के साथ विलय को कहा गया है।
पुरस्कार
परमाणु ऊर्जा और ISRO
परमाणु उर्जा विभाग 25 प्रदर्शन आधारित सम्मान और 13 नॉन-कोर डोमेन अवॉर्ड देता है। अब इन सबको बंद कर परमाणु ऊर्जा के वैज्ञानिकों के लिए बेहद प्रतिष्ठित एक नया अवॉर्ड शुरू किया जाएगा।
ठीक इसी तरह भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) की तरफ से दिए जाने वाले तीन आंतरिक अवॉर्ड बंद किए जाएंगे। यहां भी परमाणु ऊर्जा विभाग की तरह एक प्रतिष्ठित अवॉर्ड शुरू किया जाएगा।
स्वास्थ्य विभाग भी अपनी तरफ से दिए जाने वाले पुरस्कारों को तर्कसंगत बनाएगा।
जानकारी
विभागों से 10 दिनों में मांगी गई कार्य प्रगति रिपोर्ट
अधिकारियों ने बताया कि सभी विभागों से 10 दिनों में कार्य प्रगति की रिपोर्ट गृह मंत्रालय में भेजने को कहा गया है। इस संबंध में प्रधानमंत्री कार्यालय में भी जल्द एक अहम बैठक होने वाली है।