
महाराष्ट्र: सड़क दुर्घटना में मारे गए शख्स के परिवार को मिलेगा 1.19 करोड़ रुपये का मुआवजा
क्या है खबर?
महाराष्ट्र के ठाणे के मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण (MACT) ने सड़क दुर्घटना में मारे गए मुंबई के एक व्यक्ति के परिवार को 1.19 करोड़ रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया है।
MACT ने हादसे में शामिल वाहन के मालिक और उसकी बीमा कंपनी को यह राशि देने के लिए कहा है।
गौरतलब है कि मृतक अपने परिवार में कमाने वाला अकेला शख्स था और उसके माता-पिता, पत्नी और बेटी ने मामले में याचिका दायर की थी।
आदेश
MACT ने सालाना 7 प्रतिशत की दर से ब्याज देने के लिए भी कहा
MACT के सदस्य एमएम वलीमोहम्मद ने वाहन का मालिकना हक रखने वाली गुलनार प्लास्टिक प्राइवेट लिमिटेड और उसकी बीमा कंपनी टाटा एआईजी जनरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड को संयुक्त रूप से 1.19 करोड़ रुपये से अधिक की राशि 2 महीने के भीतर दावेदारों को प्रदान करने के लिए कहा है।
उन्होंने अपने आदेश में दावा प्रस्तुत किए जाने तारीख से अब तक सालाना 7 प्रतिशत की दर से ब्याज देने के लिए भी कहा है।
हादसा
2019 में मुंबई में हुई थी सड़क दुर्घटना
शैलेश मिश्रा नमक शख्स 17 जून, 2019 को मुंबई में वेस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे पर कांदिवली से अंधेरी तक एक कार में यात्रा कर रहे थे।
तभी गलत दिशा से आ रही एक तेज रफ्तार कार ने गोरेगांव में दुर्गादी के पास मिश्रा की कार को टक्कर मार दी थी, जिसके कारण मिश्रा गंभीर रूप से घायल हो गए थे और उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
33 वर्षीय मिश्रा कपड़े की कंपनी में मैनेजर के तौर पर कार्यरत थे।
आदेश
दुर्घटना के पीछे लापरवाही मुख्य वजह- MACT
MACT ने अपने आदेश में कहा कि मौके पर किए गए पंचनामे, दुर्घटना की रिपोर्ट और चश्मदीदों के बयानों से साबित होता है कि दुर्घटना में संबंधित अन्य वाहन और उसके ड्राइवर की संलिप्तता थी।
अधिकरण ने हादसे के पीछे लापरवाही को मुख्य वजह मानते हुए बीमा कंपनी को मुआवजे का भुगतान करने का निर्देश दिया और कहा कि बीमा कंपनी वाहन के मालिक से राशि वसूल करने के लिए स्वतंत्र है।
भुगतान
मृतक की बेटी के नाम होगी 25 लाख रुपये की FD
आदेश के मुताबिक, मुआवजे की राशि की वसूली होने पर मृतक की बेटी के नाम पर सावधि जमा (FD) में 25 लाख रुपये की राशि रखी जाए, उसकी पत्नी के नाम पर 15 लाख रुपये की FD और माता-पिता को 10-10 लाख रुपये का भुगतान किया जाए।
शेष बची राशि का भुगतान मृतक की पत्नी को किया जाएगा।
वहीं भुगतान नहीं करने पर मुआवजा प्रदान किये जाने तक सालाना 8 प्रतिशत की दर से ब्याज का भुगतान करना होगा।