
पैंगोंग से सैनिक हटने के बावजूद खत्म नहीं हुआ है चीन का खतरा- सेना प्रमुख
क्या है खबर?
भारतीय थल सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे ने वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) को चिन्हित करने की जरूरत पर जोर देते हुए कहा कि पैंगोंग झील से सेनाओं के पीछे हटने के बावजूद चीन की तरफ से खतरा पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है।
साथ ही उन्होंने कहा कि यह कहना गलत होगा कि चीनी सैनिक पूर्वी लद्दाख में उन क्षेत्रों में अब भी मौजूद हैं जो पिछले साल मई में गतिरोध शुरू होने से पहले भारत के नियंत्रण में थे।
बयान
अब भी खतरा बरकरार- नरवणे
एक समाचार चैनल के कॉनक्लेव में बोलते हुए जनरल नरवणे ने कहा कि जब तक पर्याप्त संख्या में सैनिक पीछे नहीं हट जाते और अलग-अलग स्थानों से आए सैनिक सीमा पर एक तय दायरे में मौजूद हैं, तब तक खतरा बरकरार है।
उन्होंने बताया कि उत्तरी सीमा पर जारी तनाव को कई दौर की बातचीत के बाद कम किया गया है। इस संबंध में दोनों देशों के विदेश और रक्षा मंत्रियों ने भी बात की थी।
सीमा विवाद
कुछ क्षेत्रों में तनाव जारी, अभी चर्चा की जरूरत- नरवणे
चीन के साथ लगती सीमा के बारे में बात करते हुए जनरल नरवणे ने कहा कि क्षेत्र में अभी गश्त शुरू नहीं हुई है क्योंकि अभी भी तनाव जारी है और टकराव की स्थिति हमेशा रहती है। कुछ क्षेत्र ऐसे हैं, जिनमें अभी चर्चा की जरूरत है।
गौरतलब है कि दोनों देशों के बीच हुए समझौते के बाद पिछले महीने पूर्वी लद्दाख स्थित पैंगोंग झील के दोनों किनारों पर सेनाएं पीछे हटाने की प्रक्रिया पूरी हो गई थी।
प्रतिक्रिया
पाकिस्तान के साथ सीजफायर समझौते पर क्या बोले नरवणे?
पिछले महीने पाकिस्तान के साथ हुए सीजफायर समझौते के बारे में बोलते हुए नरवणे ने कहा कि मार्च में नियंत्रण रेखा (LoC) पर एक भी गोली नहीं चली है। पिछले 5-6 सालों में यह पहली बार है, जब नियंत्रण रेखा पर इतनी शांति है। यह भविष्य के लिए अच्छा है। सीमा पर शांति और सौहार्द रहने से देश में शांति और स्थिरता आएगी।
गौरतलब है कि पिछले महीने भारत और पाकिस्तान सीमा पर गोलीबारी बंद करने पर सहमत हुए थे।
सीजफायर
सेना प्रमुख बोले- इन वजहों से समझौते पर राजी हुआ पाकिस्तान
जनरल नरवणे ने कहा कि पाकिस्तान के सीजफायर पर सहमत होने के पीछे तीन मुुख्य कारण है। इनमें फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (FATF) द्वारा प्रतिबंधों का डर, घरेलू मजबूरियां और अफगानिस्तान के साथ लगती पश्चिमी सीमा पर बनी स्थिति शामिल हैं।
समझौते के भविष्य के बारे में पूछे जाने पर नरवणे ने कहा कि बार उम्मीद इसलिए ज्यादा है क्योंकि पाकिस्तानी सेना भी इसमें शामिल है। इसकी ठोस प्रगति देखने के लिए थोड़ा इंतजार करना होगा।
बयान
सुधर रहे हैं जम्मू-कश्मीर के हालात- नरवणे
जनरल नरवणे ने इस मौके पर जम्मू-कश्मीर की स्थिति का जिक्र करते हुए अनुच्छेद 370 हटने के बाद वहां हालात सुधर रहे हैं। इसका उदाहरण सर्दियों में देखने को मिला, जब भारी संख्या में पर्यटकों ने घाटी की यात्रा की थी।