
केंद्र सरकार ने लिए दो बड़े फैसले: ई-सिगरेट पर लगा प्रतिबंध, रेलवे कर्मचारियों को मिलेगा बोनस
क्या है खबर?
देश में ई-सिगरेट पर प्रतिबंध लग गया है। केंद्रीय मंत्रीमंडल ने ई-सिगरेट पर रोक लगाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इसकी जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि ई-सिगरेट पर प्रतिबंध लगने का मतलब है कि अब इनका निर्माण, उत्पादन, आयात, निर्यात, वितरण, स्टोरेज और विज्ञापन पर प्रतिबंध लग गया है। यानी अब देश में ई-सिगरेट बनाना, रखना, बेचना अब गैर-कानूनी होगा।
जुलाई में ई-सिगरेट पर प्रतिबंध लगाने का प्रस्ताव आया था।
प्रतिबंध
150 से ज्यादा फ्लेवर्स में मौजूद है ई-सिगरेट
सीतारमण ने कहा कि देश में ई-सिगरेट के 400 से ज्यादा ब्रांड्स हैं, जो 150 फ्लेवर मे सिगरेट बेचते हैं। ये सभी ब्रांड विदेशी हैं।
उन्होंने कहा कि ऐसे दिखाया जाता है कि ई-सिगरेट की मदद से धुम्रपान छोड़ने में मदद मिलती है, लेकिन रिपोर्ट्स में पता चला है कि इससे सिगरेट की आदत लगती है।
ऐसी रिपोर्ट्स आई हैं कई लोगों को ई-सिगरेट पीना कूल लगता है और इसलिए वो इसके आदी हो रहे हैं।
प्रावधान
नियमों के उल्लंघन पर सजा का प्रावधान
सीतारमण ने कहा कि ई-सिगरेट को बैन करने का अध्यादेश पारित किया जाएगा। राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद इसे संसद के अगले सत्र में पेश किया जाएगा।
स्वास्थ्य मंत्रालय ने ई-सिगरेट पर प्रतिबंध लगाने वाले प्रस्ताव में पहली बार नियमों के उल्लंघन पर एक साल तक की जेल और एक लाख रुपये का जुर्माना प्रावधान किया है।
एक से अधिक बार नियम तोड़ने पर पांच लाख रुपये जुर्माना और तीन साल तक जेल की सिफारिश की है।
एजेंडा
मोदी सरकार के 100 दिन के एजेंडे में शामिल था ई-सिगरेट पर बैन लगाना
ई-सिगरेट पर प्रतिबंध लगाना मोदी सरकार के पहले 100 दिन के एजेंडे में शामिल था।
देश में ई-सिगरेट को किसी प्रकार का लाइसेंस नहीं मिला है और इसे गैर-कानूनी तरीके से देश में बेचा जाता है।
ई-सिगरेट की मार्केटिंग धुम्रपान की आदत छोड़ने में मदद करने वाले डिवाइस की तौर पर की गई, जिसके बाद ये युवाओं के बीच एक फैशन स्टेटमेंट बन गई।
सरकार ने अब इसके निर्माण, आयात और बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया है।
बोनस
रेलवे कर्मचारियों के लिए बड़े तोहफे का ऐलान
ई-सिगरेट पर बैन लगाने के साथ-साथ केंद्र सरकार ने रेलवे कर्मचारियों के लिए बड़े तोहफे का ऐलान किया है।
केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने बताया कि सरकार ने रेलवे कर्मचारियों को बोनस के रूप में मिलेगा 78 दिनों का वेतन देने का फैसला किया है।
उन्होंने कहा कि रेलवे कर्मचारियों को लगातार छठे साल बोनस मिलेगा। दीवाली से पहले लिए गए सरकार के इस फैसले से 11 लाख कर्मचारियों को फायदा होगा।