
लोकसभा में राफेल डील पर बोलीं रक्षा मंत्री- देश को गुमराह कर रही कांग्रेस
क्या है खबर?
पिछले कई दिन से राफेल को लेकर देश की राजनीति गर्म है। लोकसभा में भी राफेल पर चर्चा हो रही है।
बुधवार को कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने राफेल डील को लेकर सरकार पर निशाना साधा। जिसका जवाब जेटली ने दिया।
आज सरकार की तरफ से रक्षा मंत्री ने मोर्चा संभाला। उन्होंने विपक्ष के सवालों का सिलेसिलेवार तरीके से जवाब दिया।
सीतारमण ने कहा कि कांग्रेस ने सेना की जरूरतों को नहीं समझा और देश की सुरक्षा से समझौता किया।
आरोप
'कांग्रेस नहीं खरीदना चाहती थी विमान'
रक्षा मंत्री सीतारमण ने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा कि कांग्रेस अपने शासनकाल में विमान नहीं खरीदना चाहती थी।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस राष्ट्र सुरक्षा की बात कर रही है लेकिन अपने कार्यकाल में डसौल्ट से समझौता नहीं कर पाई।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने जो काम 10 साल में नहीं किया, हमने वो डील 14 महीने में कर दी। रक्षामंत्री ने कहा कि जो दो कार्यकाल में डील पूरी नहीं कर पाए वे हमसे जवाब मांग रहे हैं।
पलटवार
AA के बदले RV और Q से दिया जवाब
रक्षा मंत्री के भाषण के दौरान कांग्रेस ने सवाल पूछा कि क्या सौदा 'AA' (अनिल अंबानी) के लिए किया गया।
इस पर सीतारमण ने जवाब देते हुए कहा कि अगर आप 'AA' की बात करते हैं तो हर AA के जवाब में एक RV (रॉबर्ट वाड्रा) और Q (ओत्तावियो क्वात्रोक्की) का नाम आ जाता है।
बता देें कि राहुल गांधी ने सदन में अनिल अंबानी का नाम लेने से रोके जाने पर उन्हें AA के नाम से संबोधित किया था।
जानकारी
'देश को गुमराह कर रही कांग्रेस'
सीतारमण ने कहा कि राफेल विमानों का सौदा 74 बैठकों के बाद किया गया है। बिना हथियार और हथियारों से लैस विमानों की कीमत की तुलना करना सही नहीं है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस मामले में झूठ बोलकर देश को गुमराह कर रही है।
कीमत
बेहद संवेदनशील है कीमत से जुड़ा मामला
रक्षा मंत्री ने राफेल की कीमत का खुलासा करने से इनकार करते हुए कहा कि कीमत बताना देशहित में नहीं है। कीमत का मामला बेहद संवेदनशील है।
उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने भी कीमत नहीं बताने पर टिप्पणी नहीं की है। कोर्ट ने पूरी प्रक्रिया देखकर अपना फैसला दिया है।
साथ ही उन्होंने बताया कि पहला राफेल विमान इस साल आ जाएगा और 2022 तक सारे विमान भारत आ जाएंगे।
निशाना
HAL पर घड़ियाली आंसू बहा रही है कांग्रेस
निर्मला सीतारमण ने राफेल डील से हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) को बाहर करने के आरोप पर पलटवार किया।
उन्होंने पूछा कि कांग्रेस को अगर HAL की इतनी ही चिंता है तो उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान HAL का भला क्यों नहीं किया।
साथ ही उन्होंने सवाल उठाया कि कांग्रेस ने हेलिकॉप्टर की डील HAL की जगह अगस्ता-वेस्टलैंड के साथ क्यों की।
रक्षामंत्री ने कहा कि हमारी सरकार ने HAL को एक लाख करोड़ रुपये के कॉन्ट्रैक्ट दिए हैं।