
भारतीय सैन्य अधिकारियों के फेक ट्विटर अकाउंट्स बना कश्मीर पर प्रोपगैंडा कर रहा पाकिस्तान
क्या है खबर?
जम्मू-कश्मीर पर भारत के फैसले से बौखलाया पाकिस्तान भारत के खिलाफ प्रोपगैंडा करने से बाज नहीं आ रहा है।
अपने लोगों को भारतीय सेना की वर्दी पहना कर कश्मीरियों पर अत्याचार के प्रोपगैंडा वीडियो बनाने के बाद अब पाकिस्तान ने भारतीय सेना के उच्च अधिकारियों के फेक ट्विटर अकाउंट्स बनाकर प्रोपगैंडा कर रहा है।
ऐसे कम से कम 50 ट्विटर अकाउंट्स को सुरक्षा एजेंसियों की शिकायत के बाद बंद कर दिया गया है।
फेक अकाउंट
थल सेनाध्यक्ष जनरल बिपिन रावत के नाम पर भी बनाया गया फेक अकाउंट
एक वरिष्ठ अधिकारी ने गोपनीयता की शर्त पर 'हिंदुस्तान टाइम्स' को बताया कि भारत के जिन सैन्य अधिकारियों के फेक ट्विटर अकाउंट्स बनाए गए हैं, उनमें थल सेनाध्यक्ष जनरल बिपिन रावत का नाम भी शामिल हैं।
इसके अलावा उत्तरी सेना के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल रणबीर सिंह के नाम से भी फेक ट्विटर अकाउंट बनाया गया है।
इन अकाउंट्स से ट्वीट करके "कश्मीर में अत्याचार" की बात कही जा रही है।
प्रोपगैंडा
फेक अकाउंट से कहा गया, कश्मीर में मरे 700 से अधिक लोग
जम्मू-कश्मीर में तैनात एक कर्नल के फेक अकाउंट से ट्वीट कर कहा गया है, "पिछले छह दिनों में हमारे कम से कम 69 सैनिक पाकिस्तानी सेना की फायरिंग में मारे गए हैं।"
वहीं पूर्व DGMO लेफ्टिनेंट जनरल विनोद भाटिया के नाम से चल रहे फेक अकाउंट पर कहा गया है, "मेरे खुफिया रिपोर्ट के अनुसार, 700 से अधिक कश्मीरी मारे जा चुके हैं। हजारों महिलाओं का रेप हुआ है। कश्मीर पूरी तरह से बंद है। हमें शर्म आनी चाहिए।"
अन्य अकाउंट
मालेगांव धमाकों के आरोपी लेफ्टिनेंट कर्नल पुरोहित के नाम से भी बनाया गया फेक अकाउंट
इसी तरह सेना के पूर्व उपाध्यक्ष देवराज अंबू के फेक अकाउंट से कहा गया है कि अनुच्छेद 370 को हटाना एक बड़ी गलती है।
मालेगांव धमाकों के आरोपी लेफ्टिनेंट कर्नल श्रीकांत पुरोहित के नाम से भी फेक अकाउंट बनाकर सरकार की आलोचना की गई है।
अधिकारी के अनुसार, ऐसे 50 अकाउंट्स को बंद करा दिया गया है।
एक अन्य अधिकारी ने बताया कि 5 अगस्त के बाद से ऐसे फेक अकाउंट्स की संख्या में वृद्धि हुई है।
विश्लेषण
कई महीने पहले बनाए गए थे अकाउंट्स, लेकिन 5 अगस्त तक रहे निष्क्रिय
दिलचस्प बात ये है कि इनमें से कई अकाउंट्स कई महीनों पहले बनाए गए थे, लेकिन अगस्त में अनुच्छेद 370 पर फैसले तक ये निष्क्रिय थे।
एक अधिकारी ने बताया, "विश्लेषण दर्शाता है कुछ फेक अकाउंट्स से बीच-बीच में सामान्य ट्वीट किए गए, ताकि उनकी विश्वसनीयता और फॉलोअर्स बढ़ें। 5 अगस्त के बाद इन अकाउंट्स ने अनुच्छेद 370 और जम्मू-कश्मीर में अत्याचार के बारे में ट्वीट करना शुरू कर दिया।"
कार्रवाई
फेक अकाउंट्स की निगरानी के लिए भारत ने बनाई टीम
पाकिस्तान ने इन फेक अकाउंट के जरिए इतनी तेजी से प्रोपगैंडा फैलाया कि भारत को ऐसे अकाउंट्स की निगरानी करने के लिए सुरक्षा एजेंसियों और सेना की एक टीम बनानी पड़ी।
इस टीम में शामिल एक अधिकारी ने कहा कि चर्चित लोगों के फेक अकाउंट्स से किए गए ट्वीट्स लोगों में भ्रम पैदा करते हैं, राष्ट्र के मनोबल को प्रभावित करते हैं और एक स्तर सेना भी इनसे प्रभावित होती है।
प्रोपगैंडा
कश्मीर में अत्याचार के फेक वीडियो बनाकर भी प्रोपगैंडा कर रहा है पाकिस्तान
बता दें कि अनुच्छेद 370 हटने के बाद से पाकिस्तान भारतीय सेना द्वारा कश्मीरियों पर अत्याचार के फेक वीडियो बनाकर भी प्रोपगैंडा कर रहा है।
इसके लिए वह अपने लोगों को भारतीय सेना की वर्दी पहना कर पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में वीडियो शूट कर रहा है।
ऐसे वीडियोज को नागालैंड के विद्रोही समूहों के पास भी भेजा जा रहा है और उन्हें अलग देश की मांग के लिए भड़काने की कोशिश की जा रही है।