
यात्रियों में कटौती के साथ संचालन के लिए तैयार है बेंगलुरू मेट्रो, जानिए सभी सुरक्षा उपाय
क्या है खबर?
कर्नाटक में भले ही कोरोना वायरस के संक्रमण की रफ्तार पर ब्रेक नहीं लग रहे हैं, लेकिन लॉकडाउन के बाद जाम हुए बेंगलुरू मेट्रो के पहियों पर सख्त ब्रेक लगे हुए हैं।
हालांकि, अब केंद्र सरकार आगामी 1 सितंबर से मेट्रो सेवा का फिर से संचालन शुरू करने की योजना बना रही है।
ऐसे में यदि इसके संचालन को हरी झंडी मिलती है तो फिर सुरक्षा और कोरोना नियमों के पालन के साथ इनका संचालन बड़ी चुनौती होगा।
बयान
नए डिजाइन के साथ सुरक्षित होगा मेट्रो का सफर- उपमुख्यमंत्री
कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री अश्वथ नारायण ने NDTV को बताया कि मेट्रो के संचालन से पहले यह देखना जरूरी होगा कि उसके केबिन कोरोना संक्रमण के प्रसार को रोकने के लिए सुरक्षित होंगे या नहीं।
उन्होंने कहा कि यदि मेट्रो के केबिनों को कोरोना गाइडलाइन के अनुसार डिजाइन किया जाए तो यह सुरक्षित यात्रा दे सकती है। इसको लेकर कई स्थानों पर पहले से ही तैयारी कर ली गई है। ऐसे में बेंगलुरू मेट्रो में भी जरूरी बदलाव दिखेंगे।
बदलाव
एक रैक में 300-350 यात्री ही कर पाएंगे यात्रा
बेंगलुरु मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BMRCL) के मुख्य सूचना एवं जनसंपर्क अधिकारी (CPRO) यशवंत चव्हाण ने NDTV को बताया कि वह मानक संचालन प्रकिया (SOP) की पालना के साथ मेट्रो सेवा का संचालन करने के लिए तैयार हैं।
नई नीति के तहत सोशल डिस्टेसिंग के पालन के लिए प्रत्येक मेट्रो रैक में एक बार में 300-350 यात्री ही सवार हो पाएंगे। पूर्व में एक रैक में 1,800 से अधिक यात्री सवार होते थे।
सुरक्षा
थर्मल स्क्रीनिंग के बाद मिलेगा स्टेशन पर प्रवेश
CPRO चव्हाण ने बताया कि थर्मल स्क्रीनिंग के बाद ही यात्रियों को स्टेशन पर प्रवेश दिया जाएगा। जगह-जगह पर हैंड सैनिटाइजर रखे जाएंगे तथा स्टेशन और प्लेटफॉर्म पर सोशल डिस्टेसिंग के लिए मार्किंग की जाएगी। ट्रेन में सभी वैकल्पिक सीटों को खाली रखा जाएगा।
इसी तरह यात्रियों के मोबाइल में आरोग्य सेतु ऐप देखा जाएगा। यदि SOP में बड़ा बदलाव नहीं होता है तो बेंगलुरू मेट्रो दो-तीन दिन में संचालन के लिए तैयार होगी।
जानकारी
पहले की तरह यात्रियों के आने की उम्मीद कम
CPRO चव्हाण ने कहा कि भले ही मेट्रो का संचालन शुरू हो जाए, लेकिन यहां पहले की तरह यात्रियों के आने की उम्मीद कम हैं। उन्होंने कहा कि लोगों में संक्रमण फैलने के डर के कारण मेट्रो में यात्रा करने को लेकर झिझक रहेगी।
प्रतिक्रिया
मेट्रो के संचालन को लेकर आई मिली जुली प्रतिक्रिया
उपनगरीय सेवा के अनुज ने कहा कि कोरोना की स्थिति में सुधार होने तक मेट्रोल का संचालन नहीं किया जाना चाहिए।
हितेश ने कहा कि इससे संक्रमण के तेजी से प्रसार में मदद मिलेगी। वैक्सीन आने तक इंतजार किया जाना चाहिए।
एक महिला कम्यूटर ने कहा कि अभी मेट्रो को खोला जा रहा है। हर कोई कोरोना के साथ रह रहा है। वह कुछ नहीं कर सकते। जयश्री ने कहा कि लोगों को अब घर से बाहर निकलना ही होगा।
नुकसान
बेंगलुरू मेट्रो को हुआ 150 करोड़ का नुकसान
CPRO चव्हाण ने कहा कि लॉकडाउन के बाद से मेट्रो का संचालन नहीं होने से बड़ा नुकसान हुआ है।
पहले मेट्रो संचालन से हर महीने 32-34 करोड़ रुपये की आय होती थी। ऐसे में अब तक 120-150 करोड़ रुपये का नुकसान हो चुका है।
गौरतलब है कि इस सप्ताह की शुरुआत में केंद्रीय गृह मंत्रालय के सूत्रों ने कहा था कि सरकार अनलॉक 4.0 में मेट्रो सेवा का संचालन शुरू करने का विचार कर रही है।
संक्रमण
भारत और कर्नाटक में यह है कोरोना संक्रमण की स्थिति
भारत में पिछले 24 घंटे में कोरोना वायरस के 76,472 नए मामले सामने आए और 1,021 मरीजों ने इसकी वजह से दम तोड़ा।
इसी के साथ देश में कुल मामलों की संख्या 34,63,972 हो गई है, वहीं 62,550 की मौत हो चुकी है। सक्रिय मामलों की संख्या 7,52,424 है।
कर्नाटक में कोरोना वायरस से संक्रमितों की संख्या बढ़कर 3.18 लाख के पार पहुंच गई है। इसी तरह यहां 5,368 की मौत हो चुकी है।