
सरकार कर रही बूस्टर लगवाने की अपील, दिल्ली के सरकारी केंद्रों पर उपलब्ध नहीं खुराक- रिपोर्ट
क्या है खबर?
दिल्ली के सरकारी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों पर कोरोना वायरस वैक्सीन की मुफ्त बूस्टर खुराक उपलब्ध नहीं है। यह जानकारी कोविन प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध डाटा के माध्यम से सामने आई है।
इसके अलावा दिल्ली के निजी अस्पतालों में भी बूस्टर खुराक आने वाले कुछ दिनों तक कम मात्रा में उपलब्ध रहेगी।
गौरतलब है कि कोरोना वायरस के खतरे को देखते हुए केंद्र सरकार ने लोगों को वैक्सीन की प्रिकॉशन (बूस्टर) खुराक लेने की सलाह दी है।
कमी
सिर्फ निजी अस्पतालों में उपलब्ध है बूस्टर खुराक
NDTV के मुताबिक, कोविन प्लेटफॉर्म पर उत्तरी दिल्ली और उत्तर-पूर्वी दिल्ली के किसी भी सरकारी अस्पताल या स्वास्थ्य केंद्र पर बूस्टर खुराक उपलब्ध नहीं मिली।
इसी तरह मध्य दिल्ली, पूर्वी दिल्ली और दक्षिण-पूर्वी दिल्ली के अन्य इलाकों में निजी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों पर कुछ स्लॉट उपलब्ध हैं।
दिल्ली के सबसे बड़े अस्पतालों में से एक लोक नायक जयप्रकाश नारायण (LNJP) अस्पताल में भी बूस्टर खुराक उपलब्ध नहीं है।
आंकड़े
दिल्ली की महज 20 प्रतिशत आबादी ने लगवाई है बूस्टर खुराक
देश में लगभग 90 प्रतिशत योग्य आबादी कोरोना वायरस वैक्सीन की दो खुराक लगवा चुकी है, लेकिन पिछले कुछ दिनों में कोरोना वायरस के मामले कम होने के कारण दिल्ली की लगभग 20 प्रतिशत आबादी और देश की करीब 30 प्रतिशत आबादी ने ही प्रिकॉशन खुराक लगवाई है।
गौरतलब है कि 60 वर्ष से अधिक आयु के लोग सरकारी केंद्रों पर मुफ्त में प्रिकॉशन खुराक लगवा सकते हैं।
मंजूरी
नेजल वैक्सीन को बूस्टर के तौर पर मिली है मंजूरी
कई देशों में कोरोना वायरस के मामले बढ़ने पर केंद्र सरकार ने हाल ही में भारत बायोटेक की iNCOVACC नेजल वैक्सीन का बूस्टर खुराक के तौर पर इस्तेमाल करने की मंजूरी दी थी।
यह वैक्सीन जनवरी के चौथे हफ्ते से इस्तेमाल के लिए उपलब्ध होगी। इसे सबसे पहले प्राइवेट अस्पतालों में उपलब्ध कराया जाएगा।
निजी अस्पतालों में यह वैक्सीन 800 रुपये में मिलेगी, जबकि राज्यों और केंद्र सरकार के लिए इसकी कीमत 325 रुपये प्रति खुराक रखी गई है।
स्थिति
भारत में क्या है वैक्सीनेशन अभियान की स्थिति?
भारत में अब तक कोविड वैक्सीन की 2.20 अरब खुराकें लगाई जा चुकी हैं। देश में 18 साल से अधिक उम्र के 92.22 करोड़ वयस्कों को वैक्सीन की पहली खुराक लग चुकी है, वहीं 86.51 करोड़ वयस्कों को दोनों खुराकें लग चुकी हैं।
इसी तरह 15 से 18 साल के 5.36 करोड़ लोगों को भी दोनों खुराकें लग चुकी हैं। 12-14 साल के 3.25 करोड़ बच्चों को दोनों खुराकें लगी हैं।
22.38 करोड़ लोग बूस्टर खुराक लगवा चुके हैं।