
अभिनेता गिरीश कर्नाड का निधन, आखिरी बार सलमान की 'टाइगर जिंदा है' में आए थे नज़र
क्या है खबर?
जाने माने लेखक, अभिनेता और डायरेक्टर गिरीश कर्नाड का सोमवार को 81 साल की उम्र में बैंगलुरू में निधन हो गया।
बताया जा रहा है कि गिरीश कर्नाड पिछले कई दिनों से बीमार थे जिसकी वजह से उन्हें कई बार अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। लेकिन सोमवार को गिरीश ने इस दुनिया को अलविदा कह दिया।
गिरीश को ज्ञानपीठ, पद्मश्री, साहित्य अकादमी और पद्मभूषण पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।
सिनेमा
1970 में कन्नड़ फिल्म से की थी फिल्मी करियर की शुरुआत
गिरीश का जन्म 19 मई, 1938 को महाराष्ट्र के माथेरान में हुआ था। धारवाड़ स्थित कर्नाटक विश्वविद्यालय से स्नातक करने के बाद वह रोड्स स्कॉलर के रूप में इंग्लैंड चले गए थे।
यहां उन्होंने ऑक्सफोर्ड के लिंकॉन और मॅगडेलन महाविद्यालयों से दर्शनशास्त्र, राजनीतिशास्त्र और अर्थशास्त्र में स्नातकोत्तर की उपाधि प्राप्त की थी।
उन्होंने अपने फिल्मी करियर की शुरुआत कन्नड़ फिल्म 'संस्कार' से साल 1970 में की थी।
इसको राष्ट्रपति का गोल्डन लोटस पुरस्कार मिला था।
बॉलीवुड
सलमान के साथ की थी आखिरी फिल्म
गिरीश ने 'मालगुड़ी डेज़' में स्वामी के पिता की भूमिका निभाई थीं।
बॉलीवुड में उन्होंने 'निशांत' (1975), 'मंथन' (1976) और 'पुकार' (2000) जैसी फिल्में कीं। 'इकबाल' (2005), 'डोर' (2006), '8x10 तस्वीर' (2009) और 'आशाएं' (2010) में भी उन्होंने काम किया।
इसके अलावा गिरीश ने सलमान खान के साथ 'एक था टाइगर' (2012) और 'टाइगर जिंदा है' में भी काम किया था।
बॉलीवुड में वह आखिरी बार 'टाइगर जिंदा है' में दिखे थे। इसमें वह डॉक्टर शेनॉय की भूमिका में थे।
जानकारी
कन्नड़ में लिखा था पहला नाटक
उनके नाटकों में 'ययाति', 'तुगलक', 'हयवदन', 'अंजु मल्लिगे', 'अग्निमतु माले', 'नागमंडल' और 'अग्नि और बरखा' काफी प्रसिद्ध रहे हैं। उन्होंने अपना पहला नाटक कन्नड़ में लिखा था जिसे बाद में अंग्रेजी में भी अनुवाद किया गया था।
सम्मान
इन पुरस्कारों से थे सम्मानित
गिरीश को कई पुरस्कारों से सम्मानित किया जा चुका था।
उन्हें साल 1994 में साहित्य अकादमी पुरस्कार, 1998 में ज्ञानपीठ पुरस्कार, 1974 में पद्मश्री, 1992 में पद्म भूषण, 1972 में संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार, 1992 में कन्नड़ साहित्य अकादमी पुरस्कार, 1998 में ज्ञानपीठ पुरस्कार और 1998 में कालिदास सम्मान से सम्मानित किया गया था।
इसके अलावा उन्हें कन्नड़ फिल्म 'संस्कार' के लिए सर्वश्रेष्ठ निर्देशक का राष्ट्रीय पुरस्कार भी मिला था।
सोशल मीडिया
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर दी श्रद्धांजलि
राजनीति, फिल्म के साथ-साथ कई अन्य वर्गों से लोग गिरीश को सोशल मीडिया पर श्रद्धांजलि दे रहे हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर लिखा, 'गिरीश कर्नाड को सभी माध्यमों में उनकी प्रतिभा के लिए याद किया जायेगा। उनके कामों को आने वाले वक्त में याद किया जायेगा। उनके निधन से दुख हुआ। उनकी आत्मा को शांति मिले।'
इसके अलावा दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी ट्वीट कर गिरीश को श्रद्धांजलि दी।
ट्विटर पोस्ट
प्रधानमंत्री मोदी ने किया ट्वीट
Girish Karnad will be remembered for his versatile acting across all mediums. He also spoke passionately on causes dear to him. His works will continue being popular in the years to come. Saddened by his demise. May his soul rest in peace.
— Narendra Modi (@narendramodi) June 10, 2019
डाटा
सितारों ने गिरीश को दी श्रद्धांजलि
फिल्मी जगत से सोनम कपूर, श्रुति हासन, कमल हासन, मनोज वाजपेयी सहित कई सितारों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी। मनोज ने लिखा, 'साहित्य, सिनेमा और रंगमंच की दुनिया के लिए बहुत बड़ा नुकसान। कला की दुनिया हमेशा उनकी ऋणी रहेगी। हमने अपनी प्रेरणा को खोया है।'
ट्विटर पोस्ट
मनोज का ट्वीट
Huge huge loss for the world of theatre cinema and literature!!! The creative world will always be indebted to him .we lost our https://t.co/uKRJPS31Yq GIRISH KARNAD SIR !!
— manoj bajpayee (@BajpayeeManoj) June 10, 2019
अन्य कलाकार
पंद्रह दिन के भीतर तीन महान कलाकारों का निधन
फिल्म जगत ने पंद्रह दिनों के अंदर ही तीन महान कलाकारों को खो दिया है।
मालूम हो 27 मई को प्रसिद्ध स्टंट मास्टर और अजय देवगन के पिता वीरू देवगन का निधन हो गया था।
इसके बाद 5 जून को अभिनेता दिनयार कॉन्ट्रेक्टर का निधन हो गया था। फिल्म इंडस्ट्री अभी इस सदमे से उबर भी नहीं पाया था और गिरीश का निधन हो गया।
महान कलाकारों के जाने के बाद भी उनके कामों को हमेशा याद किया जाएगा।