
कौन हैं वैश्विक आर्थिक विकास में गिरावट के लिए भारत को जिम्मेदार ठहराने वाली गीता गोपीनाथ?
क्या है खबर?
अतंरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) की मुख्य अर्थशास्त्री गीता गोपीनाथ फिर से चर्चा में आ गई हैं।
गीता ने वैश्विक आर्थिक विकास में गिरावट के लिए भारत को जिम्मेदार ठहराया है।
उनका कहना है कि वैश्विक विकास में 80 प्रतिशत गिरावट भारत की आर्थिक मंदी के कारण है।
IMF ने सोमवार को 2019-20 में भारत की विकास दर के अनुमान को भी कम करके 4.8 प्रतिशत कर दिया है।
इस लेख में हम आपको बताएंगे कि आखिर कौन हैं गीता गोपीनाथ।
कटौती
1.3 फिसदी घटाया आर्थिक वृद्धि दर का अनुमान
IMF ने दावोस में चल रही विश्व आर्थिक मंच की बैठक में भारत की आर्थिक वृद्धि दर का अनुमान 1.3 फीसदी घटाकर 4.8 फीसदी कर दिया है। उसने पिछले साल अक्टूबर में भारतीय अर्थव्यवस्था के 6.1 फीसदी दर से बढ़ने की उम्मीद जताई थी।
इसका असर वैश्विक अर्थव्यवस्था की ग्रोथ के अनुमान पर भी पड़ा है। अब वैश्विक अर्थव्यवस्था की ग्रोथ 2019 में 3 की जगह 2.9 फीसदी ही रहने का अनुमान है।
निशाना
कांग्रेस नेताओं ने साधा सरकार पर निशाना
गीता के बयान के बाद कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कपिल सिब्बल ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि भारत की GDP का असर दुनिया की अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा। मोदी और अमित शाह की जोड़ी भारतीय लोकतंत्र को कमजोर कर रही है।
वहीं, पी चिदंबरम ने कहा कि उन्हें लगता है कि अब मोदी सरकार के मंत्री IMF और मुख्य अर्थशास्त्री गीता गोपीनाथ पर हमला करना शुरू कर देंगे। उनके इसके लिए तैयार रहना चाहिए।
शिक्षा
दिल्ली विश्वविद्यालय की रही हैं छात्रा
गीता गोपीनाथ का जन्म 8 दिसंबर, 1971 को कोलकाता में हुआ था। उनकी स्कूली शिक्षा मैसूर में हुई थी। उनके माता-पिता केरल के कन्नूर में रहते थे।
उन्होंने 1992 में दिल्ली विश्वविद्यालय के लेडी श्रीराम कॉलेज फॉर वूमेन से अर्थशास्त्र में स्नातक और 1994 में दिल्ली स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स से स्नातकोत्तर की डिग्री हासिल की थी। उनके पास यूनिवर्सिटी ऑफ वाशिंगटन की स्नातकोत्तर डिग्री भी है।
मुख्य पद
2019 में संभाला था IMF की मुख्य अर्थशास्त्री का पद
गीता गोपीनाथ को अक्तबूर 2018 में IMF की मुख्य अर्थशास्त्री नियुक्त किया गया था। उन्होंने एक जनवरी, 2019 को अपना कार्यभार संभाला। वह इस पद पर नियुक्त होने वाली पहली महिला हैं। वह इसके अनुसंधान विभाग की निदेशक भी है।
वह हार्वर्ड यूनिवर्सिटी में इंटरनेशनल स्टडीज एंड इकोनॉमिक्स की प्रोफेसर भी रही हैं। इसी तरह वह राष्ट्रीय आर्थिक अनुसंधान ब्यूरो (NBER) में अंतरराष्ट्रीय वित्त और मैक्रोइकोनॉमिक्स कार्यक्रम की सह-निदेशक भी रही हैं।
आलोचना
नोटबंदी पर की थी सरकार की कड़ी आलोचना
IMF की मुख्य अर्थशास्त्री चुने जाने के बाद गीता गोपीनाथ ने भारत में हुई नोटबंदी की कड़ी आलोचना की थी। उनकी आलोचना के वीडियो अब वायरल हो रहे हैं।
उस दौरान उन्होंने कहा था कि कोई भी बड़ा अर्थशास्त्री नोटबंदी को जायज नहीं ठहरा सकता। सभी नकदी न तो कालाधन होती है और न ही भ्रष्टाचार। किसी विकासशील देश के लिए नोटबंदी खतरनाक होने के साथ-साथ हानिकारक भी होती है।
सदस्य
वित्त मंत्रालय की G-20 सलाहकार समिति की सदस्य भी रही
गीता गोपीनाथ को भारत के वित्त मंत्रालय के G-20 सलाहकार समिति में प्रतिष्ठित सदस्यों में भी शामिल किया गया था। इसके अलावा वह केरल के मुख्यमंत्री की आर्थिक सलाहकार के रूप में भी काम कर चुकी हैं।
उन्होंने अंतरराष्ट्रीय व्यापक अर्थशास्त्र और व्यापार पर किए गए शोध से साल 2001 में प्रिंसटन विश्वविद्यालय से अर्थशास्त्र में PhD की उपाधि भी हासिल की है। उन्होंने सहायक प्रोफेसर के तौर पर शिकागो विश्वविद्यालय में अध्यापन कार्य किया है।
विवाह
सिविल सेवा परीक्षा के टॉपर रहे इकबाल से की शादी
गीता गोपीनाथ खुद इतनी उच्च दर्जे की छात्रा रही हैं तो उन्होंने शादी भी उच्च दर्जे के छात्र यानी 1995 में सिविल सेवा परीक्षा के टॉपर इकबाल सिंह धालीवाल से की है। उन्होंने भी अर्थशास्त्र से स्नातक किया है।
बाद में वह नौकरी छोड़कर पढ़ाई के लिए प्रिंसटन यूनिवर्सिटी चले गए थे। वर्तमान में गीता, उनके पति और बेटा कैम्ब्रिज (ब्रिटेन) में रहते हैं। गीता को 2019 में शैक्षणिक वर्ग में राष्ट्रपति से प्रवासी भारतीय का सम्मान भी मिला था।