
किन देशों में बच्चों को लग रही कोरोना वैक्सीन और भारत में क्या तैयारी?
क्या है खबर?
जहां एक तरफ ज्यादातर गरीब देश अपने बुजुर्गों और अधिक जोखिम वाली आबादी को कोरोना वायरस वैक्सीन लगाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं, वहीं कई अमीर देशों में बच्चों को भी वैक्सीन लगना शुरू हो गया है जिन्हें कोरोना से अपेक्षाकृत कम खतरा होता है। इनमें मुख्य तौर पर यूरोपीय देश शामिल है।
चलिए फिर जानते हैं कि किन-किन देशों में 12 साल से अधिक उम्र के बच्चों को कोरोना की वैक्सीन लग रही है।
अमेरिका
सबसे पहले अमेरिका में शुरू हुआ था बच्चों को वैक्सीनेशन
अमेरिका पहला ऐसा देश था कि जिसने 12 साल से अधिक उम्र के बच्चों को कोरोना वैक्सीन लगाना शुरू किया था। देश के सेंटर्स फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (CDC) ने मध्य मई में फाइजर की वैक्सीन को 12-15 साल के बच्चों पर उपयोग की मंजूरी दी थी।
इसके बाद से ही देश में 12 साल से अधिक उम्र के बच्चों को फाइजर की वैक्सीन लगाई जा रही है और वह इस मामले में सबसे आगे है।
जानकारी
इन दो अमेरिकी देशों में भी बच्चों को लग रही वैक्सीन
कनाडा और चिली अन्य दो ऐसे अमेरिकी देश हैं जहां 12 साल से अधिक उम्र के बच्चों को कोरोना वैक्सीन लगाई जा रही है। कनाडा में मई और चिली में 31 मई को फाइजर की वैक्सीन को बच्चों पर उपयोग की मंजूरी दी गई थी।
यूरोप
यूरोप में कौन-कौन से देश लगा रहे बच्चों को वैक्सीन?
यूरोप की बात करें तो इटली ने 31 मई को फाइजर वैक्सीन को 12 साल से अधिक उम्र के बच्चों पर इस्तेमाल की मंजूरी दे दी थी, वहीं जर्मनी और पोलैंड 7 जून से बच्चों का वैक्सीनेशन शुरू करेंगे।
इसी तरह फ्रांस में इसी महीने 16-18 साल के किशोरों का वैक्सीनेशन शुरू होगा, वहीं जुलाई से 12-15 साल के बच्चों का वैक्सीनेशन शुरू हो सकता है।
रोमानिया में 1 जून से बच्चों का वैक्सीनेशन शुरू हो गया है।
अन्य देश
इन देशों में भी बच्चों का वैक्सीनेशन शुरू
यूरोप के बाहर के देशों की बात करें तो दुबई में 1 जून से 12-15 साल के बच्चों पर फाइजर वैक्सीन का इस्तेमाल शुरू हो गया है।
सिंगापुर में भी 1 जून से 12-18 साल के बच्चों और किशोरों को वैक्सीन लगना शुरू हो गया है, वहीं जापान ने 28 मई को ही फाइजर वैक्सीन को बच्चों पर इस्तेमाल की मंजूरी दे दी थी।
फिलीपींस ने 26 मई को वैक्सीन को बच्चों पर उपयोगी की मंजूरी दे दी थी।
भारत
भारत में बच्चों के वैक्सीनेशन की क्या योजना?
भारत में अभी 18 साल से अधिक उम्र के लोगों का वैक्सीनेशन चल रहा है और बच्चों का वैक्सीनेशन नहीं हो रहा है।
हालांकि ड्रग्स कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (DCGI) ने भारत बायोटेक को अपनी वैक्सीन 'कोवैक्सिन' का 2-18 साल के बच्चों पर ट्रायल करने की मंजूरी दे दी है। दो महीने में इसके नतीजे आने की उम्मीद है।
फाइजर ने भी सरकार से 12 साल से अधिक उम्र के लोगों के लिए वैक्सीन तैयार होने की बात कही है।
जानकारी
इन देशों में चल रहा किशोरों का वैक्सीनेशन
इजरायल में जनवरी से ही 16-18 साल के बच्चों का वैक्सीनेशन हो रहा है, वहीं इसी हफ्ते इसे 12-15 साल के बच्चों पर इस्तेमाल की मंजूरी दी जा सकती है। हंगरी में भी मध्य मई से 16-18 साल के किशोरों का वैक्सीनेशन चल रहा है।