
दुनिया के इन 15 देशों में नहीं हैं कोरोना वायरस संक्रमण का एक भी मामला
क्या है खबर?
कोरोना वायरस ने लगभग पूरी दुनिया में आतंक मचा रखा है। यह प्रतिदिन हजारों लोगों की जिंदगी लील रहा है।
ऐसे में अधिकतर देशों की सरकार इसके आगे बेबस नजर आ रही है। इसके उलट दुनिया के 15 ऐसे देश भी हैं, जहां अभी तक कोरोना संक्रमण का कोई भी मामला सामने नहीं आया है।
जॉन्स हॉपकिन्स यूनिवर्सिटी सेंटर फॉर सिस्टम्स साइंस एंड इंजीनियरिंग (CSSE) के आंकड़ों से यह बात पता चली है।
जानकारी
इन महाद्वीपों के देशों में नहीं पहुुंचा कोरोना वायरस
CSSE के आंकड़ों के अनुसार एशिया, अफ्रीका, ओशिनिया और मानव रहित अंटार्टिका के 15 देशों में अभी तक कोरोना संक्रमण का मामला सामने नहीं आया है। CSSE बीमारी के फैलने की मॉडलिंग और वास्तविक समय डैशबोर्ड के जरिए डाटा दिखाता है।
उत्तर कोरिया
खुद को कोरोना संक्रमण से दूर बताता है उत्तर कोरिया
एशिया के दक्षिण कोरिया में जहां कोरोना के हजारों मामले आ चुके हैं, वहीं तानाशाह किम जोंग उन के शासन वाले उत्तर कोरिया में एक भी मामला नहीं आया है।
हालांकि, इसके पीछे वहां की अलग नीति को भी माना जा सकता है कि वह अपने देश की बात बाहर नहीं आने देता है।
इसकी पूरी दुनिया में सबसे खराब मानवाधिकार रैकिंग है। चीन और रूस से इसकी सीमा लगने के बाद भी संक्रमण नहीं होना आश्चर्य की बात है।
लॉकडाउन
दक्षिण कोरिया के अनुसार उत्तर कोरिया में लागू किया गया है लॉकडाउन
भले ही उत्तर कोरिया में आधिकारिक रूप से संक्रमण का कोई मामला सामने नहीं आया है, लेकिन उसके पड़ोसी देश ने कई खुलासे किए हैं।
दक्षिण कोरिया ने दावा किया है कि उसके पड़ोसी देश की सेना 30 दिन के लिए लॉकडाउन में चली गई थीं।
WHO के अनुसार, उत्तर कोरिया जनवरी में चीन से परीक्षण किट लेने के बाद सक्रिय रूप से परीक्षण और क्वारंटाइन कर रहा है। विशेषज्ञ भी संक्रमण नहीं होने की बात से सहमत नहीं हैं।
तजाकिस्तान
तजाकिस्तान में सार्वजनिक आयोजनों पर नहीं है प्रतिबंध
अफगानिस्तान, उज्बेकिस्तान, किर्गिस्तान और चीन से सीमा लगने के बाद भी मध्य एशिया के देश तजाकिस्तान में संक्रमण का कोई मामला नहीं आया है।
मार्च में यहां 35 प्रभावित देशों के लोगों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाया गया था, लेकिन उसे वापस ले लिया गया।
हालांकि, यहां यात्रियों को क्वारंटाइन किया गया था।
यहां सार्वजनिक आयोजनों पर कोई प्रतिबंध नहीं है। यहां तक कि राष्ट्रपति इमोमाली रहमोन भी इनमें शामिल हो रहे हैं।
जानकारी
निरंकुश राष्ट्र के रूप में है पहचान
तजाकिस्तान में इंटरनेट और सूचना पर काफी पाबंदियां हैं। यहां के लोगों को भी मानवाधिकारों को अधिक लाभ नहीं मिल पाता है। यही कारण है कि दुनिया में इस देश पहचान एक निरंकुश राष्ट्र के रूप में है।
तुर्कमेनिस्तान
तुर्कमेनिस्तान में नहीं है कोरोना संक्रमण
कजाकिस्तान, उज्बेकिस्तान, अफगानिस्तान और ईरान के साथ सीमा साझा करने वाले तुर्कमेनिस्तान में भी अभी तक कोरोना संक्रमण का मामला नजर नहीं आया है।
लगभग 56 लाख की आबादी वाला यह देश निरंकुश भी है और मानव अधिकारों के मामले में इसे सबसे दमनकारी देश कहा जाता है।
यहां की स्वास्थ्य स्थिति बेहद खराब है। इसके बावजूद भी यहां संक्रमण नहीं होना बड़ी बात है।
बता दें कि यहां कोरोना वायरस शब्द पर भी प्रतिबंध लगा हुआ है।
लेसोथो-कोमोरोस
लेसोथो और कोमोरोस में भी नहीं हुई है संक्रमण की पुष्टि
कोमोरोस अफ्रीकी महाद्वीप के पूर्वी तट और मेडागास्कर के बड़े द्वीप के बीच स्थित द्वीप राष्ट्र है।
WHO यहां की सरकार के साथ जनवरी से वायरस की जांच कर रहा है। यहां 250 लोगों को क्वारंटाइन किया गया है, लेकिन संक्रमण की पुष्टि नहीं हुई है। यहां आंशिक तौर पर लॉकडाउन लागू है।
लेसोथो दक्षिण अफ्रीका में एक पूरी तरह से लैंडलॉक देश है। यहां संक्रमण नहीं होने के बाद भी 21 अप्रैल तक लॉकडाउन कर रखा है।
जानकारी
विदेशों में रह रहे लोगों से की वापस नहीं लौटने की अपील
लेसोथो कोरोना संक्रमण से बचने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है। यहां की सरकार ने सार्वजनिक और निजी क्षेत्रों में आर्थिक हस्तक्षेप भी किया है। इसी तहर सरकार ने विदेशों में रहने वाले अपने नागरिकों से वापस नहीं लौटने की अपील की है।
ओशिनिया
ओशिनिया के आठ देशों में नहीं है कोरोना संक्रमण
ओशिनिया क्षेत्र के आठ देश किरिबाती, तुवालु, टोंगा, समोआ, मार्शल और सोलोमन द्वीप, पलाऊ, वानुअतु, और माइक्रोनेशिया के संघीय राज्यों के द्वीप में अभी तक कोरोना संक्रमण का कोई मामला सामने नहीं आया है।
इन आठों द्वीपों पर करीब सात लाख की आबादी रहती है। ऐसे में इन देशों ने खुद को पूरी तरह से लॉकडाउन कर लिया है।
अधिकतर देशों ने सुरक्षा के लिहाज से राष्ट्रीय आपात स्थिति की घोषणा कर रखी है।
जानकारी
विशेषज्ञों ने भी कही संक्रमण नहीं होने की बात
इन आठों देशों में संक्रमण नहीं होने को लेकर विशेषज्ञ भी सहमत हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इन देशों में को-मोर्बिडिटी की दर (हृदय रोग, छाती की स्थिति, मधुमेह) बहुत अधिक है। ऐसे में यहां संक्रमण होने पर ज्यादा स्थिति खराब होती।
नौरू
दुनिया के दूसरे सबसे छोटे देश नौरू में भी नहीं है संक्रमण
रिपोर्ट के अनुसार, ओशिनिया में आने वाला दुनिया का दूसरा सबसे छोटा देश नौरू भी संक्रमण से बचा हुआ है। यहां की आबादी महज 10,000 है और यहां एक ही अस्पताल संचालित है।
इस अस्पताल में वेंटीलेटर की सुविधा भी नहीं है। नौरू ने अन्य देशों और द्वीपों के लिए उड़ानें निलंबित कर दीं और एक पखवाड़े के लिए ऑस्ट्रेलिया के लिए उड़ानों को कम किया है।
यहां स्थानीय होटलों को क्वारंटाइन जोन बनाया गया है।