
मिसाइल घटना: पाकिस्तान ने की संयुक्त जांच की मांग, भारत पर उठाए कई सवाल
क्या है खबर?
पाकिस्तान ने अपने इलाके में गिरी भारतीय मिसाइल के मामले की संयुक्त जांच की मांग की है ताकि तथ्यों का पता लगाया जा सके।
पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय ने कहा कि यह घटना अहम हथियारों को संभालने में भारत की कई खामियों को दर्शाती है। भारत द्वारा इस मामले की कोर्ट ऑफ इंक्वायरी के आदेश देना पर्याप्त नहीं है क्योंकि यह मिसाइल पाकिस्तानी इलाके में गिरी थी।
पाकिस्तान ने कहा कि इस मामले की संयुक्त जांच होनी चाहिए।
पृष्ठभूमि
क्या था मामला?
पाकिस्तान ने कहा था कि बुधवार शाम को एक भारतीय मिसाइल उसके क्षेत्र में आकर गिरी थी। इस पर कोई हथियार नहीं थे और न ही किसी तरह के जानमाल का नुकसान हुआ। पड़ोसी देश ने कहा कि 124 किलोमीटर तक उसके क्षेत्र में घुस आई थी।
भारत ने इस घटना पर खेद व्यक्त करते हुए कहा था कि तकनीकी खराबी के चलते मिसाइल फायर हो गई थी। इसे गंभीरता से लेते हुए जांच के आदेश दिए हैं।
बयान
घटना से उठते हैं कई सवाल- पाकिस्तान
पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय ने भारत के जवाब पर प्रतिक्रिया देते हुए इस घटना की गंभीरता से सुरक्षा और तकनीकी प्रोटोकॉल को लेकर कई सवाल खड़े होते हैं। भारत सरकार के सरलीकृत स्पष्टीकरण से इन सवालों का जवाब नहीं मिलता।
पाकिस्तान ने कई सवाल उठाते हुए भारत से इस तरह की घटनाओं को दोबारा होने से रोकने के लिए उठाए जाने वाले कदमों और प्रक्रियाओं की जानकारी देने को कहा है।
बयान
पाकिस्तान ने उठाए कई सवाल
पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय ने भारत सरकार ने मिसाइल के प्रकार और इसके रास्ते की पूरी जानकारी मांगी है।
मंत्रालय ने यह भी पूछा कि भारत ने मिसाइल के लॉन्च होने के समय इसकी जानकारी क्यों नहीं दी और क्यों पाकिस्तान की तरफ से स्पष्टीकरण माने जाने के बाद इसे स्वीकार किया?
साथ ही पाकिस्तान ने यह भी पूछा कि क्या मिसाइलों को सुरक्षाबल हैंडल करते हैं या किसी असामाजिक तत्वों के हाथ लग गई हैं।
घटना
9 मार्च की बताई जा रही घटना
गुरुवार को पाकिस्तानी इंटर-सर्विस पब्लिक रिलेशन (ISPR) के महानिदेशक मेजर जनरल बाबर इफ्तिखार ने कहा था कि 9 मार्च को शाम करीब 6:43 मिनट पर पाकिस्तानी वायुसेना ने भारतीय हवाई क्षेत्र में एक 'हाई-स्पीड फ्लाईंग ऑब्जेक्ट' को दर्ज किया था। शुरुआती रास्ते से यह अचानक पाकिस्तान की तरफ मुड़ा और यह पाकिस्तानी एयरस्पेस का उल्लंघन करते हुए अंत में मियां चन्नू इलाके के पास गिर गया।
पाकिस्तान का कहना है कि इसने हरियाणा के सिरसा से उड़ान भरी थी।
समझौता
न्यूजबाइट्स प्लस (जानकारी)
भारत और पाकिस्तान के बीच 2005 में हुए समझौते के तहत किसी भी देश को बैलिस्टिक मिसाइलों के फ्लाइट टेस्ट से तीन दिन पहले दूसरे देश को जानकारी देनी होगी। उसे यह भी बताना होगा कि टेस्ट की जाने वाली मिसाइल जमीन से जमीन पर मार करने वाली या जमीन या समुद्र से लॉन्च की जाने वाली मिसाइल है।
समझौते में यह भी लिखा गया है कि लॉन्च साइट अंतरराष्ट्रीय सीमा से कम से कम 40 किलोमीटर दूर होनी चाहिए।