
सांड ने निगले एक लाख रुपये से अधिक के गहने, अब गोबर में हो रही तलाश
क्या है खबर?
अक्सर लोग ध्यान न देने की वजह से घर के क़ीमती सामान को कचरे के साथ फेंक देते हैं और बाद में पता चलने पर उसकी खोज करने लगते हैं।
ऐसा ही एक मामला हरियाणा में देखा गया है। दरअसल, एक महिला ने कचरे के साथ गहने फेंक दिए जिसके बाद उसे एक सांड निगल गया। गहनों की कीमत लगभग डेढ़ लाख बताई जा रही है।
सच्चाई पता चलने पर अब गोबर में गहने की तलाश हो रही है।
जानें।
मामला
CCTV फ़ुटेज की जाँच के बाद सच्चाई आई सामने
जानकारी के अनुसार, घटना हरियाणा के सिरसा जिले के कालांवाली शहर के वार्ड नंबर-6 की खेत्रपाल वाली गली की है।
वहाँ की एक महिला ने सड़ी-गली सब्ज़ियों और छिलकों के साथ अपने चार तोले के सोने के आभूषण को भी गली के फेंक दिया। इसके बाद गली में घूम रहे एक सांड ने उसे निगल लिया।
जब महिला को उसके गहने नहीं मिले, तो परिवार वालों ने CCTV कैमरे के फ़ुटेज की जाँच की और सच्चाई सामने आई।
कार्यवाई
परिजन सांड की पहचान घर ले आए
CCTV फ़ुटेज में साफ़-साफ़ दिख रहा था कि सांड सब्ज़ियों के साथ गहने भी निगल गया।
इसके बाद परिजनों ने घंटों गली-गली घूमकर उस सांड की खोज की और उसे पकड़कर अपने घर ले आए।
अब परिजन सांड को हरा चारा, गुड और केले आदि खिला रहे हैं, ताकि वह गोबर करे और उसके साथ गहने भी बाहर निकल आएँ।
इस घटना के बाद से परिवार के सभी सदस्य काफ़ी चिंतित हैं।
उपाय
पशु चिकित्सक ने बताया गहने पाने का उपाय
मामले में पशु चिकित्सक ने बताया कि पहले विकल्प के तौर पर पशु को हरा चारा आदि खिलाकर गोबर के माध्यम से सोना निकाला जा सकता है।
वहीं, दूसरे विकल्प के तौर पर हिसार के पशु अस्पताल में पेट का एक्स-रे कराकर पेट में सोना है या नहीं, इसकी जाँच कराएँ।
यदि सांड के पेट में सोना है, तो ऑपरेशन के माध्यम से उसके पेट से सोना निकाला जा सकता है, लेकिन इससे पशु की जान भी जा सकती है।
अन्य मामला
महाराष्ट्र में डेढ़ लाख का मंगलसूत्र निगल गया था बैल
इसके अलावा पिछले महीने महाराष्ट्र में पोला त्यौहार के दौरान एक बैल ने डेढ़ लाख रुपये का मंगलसूत्र निगल लिया था।
दरअसल, पोला में बैलों की पूजा कि जाती है। पूजा के समय किसान की पत्नी ने सोने का मंगलसूत्र थाली में रख दिया।
उसी दौरान बिजली चली गई और बैल मंगलसूत्र को निगल गया। किसान ने मंगलसूत्र निकालने के लिए बैल के मुँह में हाथ भी डाला, लेकिन कोई फ़ायदा नहीं हुआ।
बाद में ऑपरेशन से मंगलसूत्र निकाला गया।