
अफगानिस्तान: काबुल गुरुद्वारा हमले का मास्टरमाइंड फारूकी गिरफ्तार
क्या है खबर?
अफगानिस्तान के काबुल स्थित गुरुद्वारे में गत माह किए गए आत्मघाती हमले के मामले में अफगानिस्तान की सुरक्षा एजेंसी को बड़ी सफलता मिली है।
शनिवार को चलाए गए विशेष जांच अभियान में सुरक्षा बलों ने हमले के संबंध में इस्लामिक स्टेट खुरासान प्रांत (ISKP) के प्रमुख मावलावी अब्दुल्ला उर्फ असलम फारूकी को गिरफ्तार कर लिया है।
सुरक्षा एजेंसी अब उससे पूछताछ कर हमले के कारण और उसके पाकिस्तान से संबंधों का पता लगाएगी।
लश्कर-ए-तैयबा
लश्कर-ए-तैयबा के लिए काम कर चुका है फारूकी
खुफिया रिपोर्ट के अनुसार गिरफ्तार आतंकी असलम फारूकी मूलत: पाकिस्तानी नागरिक है।
वह पाक-अफगान सीमा पर ओरकजई एजेंसी क्षेत्र का रहने वाला है। फारूकी पूर्व में प्रमुख आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के लिए काम कर चुका है।
LeT से अलग होने के बाद वह दूसरे आतंकी संगठन तहरीक-ए-तालिबान में शामिल हो गया था।
बाद में अप्रैल 2019 में उसे मावलावी ज़िया-उल-हक उर्फ अबू उमर खुरासान की जगह ISKP का प्रमुख बना दिया गया था।
योजना
हक्कानी नेटवर्क और लश्कर के निर्देश पर बनाई थी हमले की योजना
काबुल और दिल्ली में आतंकवाद-विरोधी गुटों के अनुसार अब्दुल्ला ने हक्कानी नेटवर्क और LeT के निर्देश पर कासरगोड निवासी मोहसीन टिकारीपुर और तीन अन्य उर्दू-पंजाबी बोलने वाले आतंकियों के साथ काबुल में हमला करने की योजना बनाई थीं।
हक्कानी नेटवर्क (क्वेटा शूरा) ने कथित तौर पर काबुल में भारतीय दूतावास पर हमला करने की योजना बनाई थी, लेकिन कड़ी सुरक्षा के कारण वह ऐसा नहीं कर सका। बाद में उन्होंने गुरुद्वारे को चुना था।
जानकारी
सुरक्षाबलों से मुठभेड़ में मारा गया था मोहसीन
बता दें कि हमले के बाद सुरक्षाबलों के साथ हुई मुठभेड़ के आतंकी मोहसीन को मार गिराया था। उसकी सूचना केरल में उनकी मां को भेज दी गई थीं। एजेंसी ने बताया कि हमले में शामिल अन्य आतंकियों की तलाश की जा रही है।
पूछताछ
फारूकी से पूछताछ कर रही सुरक्षा एजेसीं
सुरक्षा एजेंसियों के अधिकारियों ने बताया कि आतंकी मावलावी फारूकी से पूछताछ की जा रही है। इसमें उसके पाकिस्तान के साथ संबंधों का भी पता लगाया जा रहा है।
इसके अलावा यह भी जानने की कोशिक की जा रही है कि आखिरकार उनसे किसके निर्देश पर भारतीय दूतावास और गुरुद्वारे पर हमले की योजना बनाई थी।
इसी प्रकार उससे नंगरहार, नूरिस्तान, कुनार, काबुल और कंधार में समूह का संचालन करने वालों का भी पता लगाया जा रहा है।
पृष्ठभूमि
आत्मघाती हमले में हुई थीं 27 सिखों की मौत
बता दें कि गत 25 मार्च की सुबह चार आतंकियों ने काबुल के शोर बाजार के बीचोंबीच स्थित सिख समाज के गुरुद्वारे पर आत्मघाती हमला कर दिया था।
इस हमले में भारतीय नागरिक तिहान सिंह सहित कुल 27 सिखों की मौत हो गई थीं। आतंकियों ने सिख समुदाय के लोग प्रार्थना सभा के लिए गुरुद्वारे में जमा होने के बाद अचानक हमला कर दिया है।
सुरक्षाबलों ने आतंकियों से मुठभेड़ कर गुरुद्वारे को अपने कब्जे में ले लिया था।