
ईरान ने पाकिस्तान की सीमा में घुसकर किया हमला, जैश अल-अदल का शीर्ष कमांडर ढेर
क्या है खबर?
ईरान और पाकिस्तान में तनाव फिर बढ़ता दिखाई दे रहा है। ईरान के सुरक्षाबलों ने 23 फरवरी की शाम पाकिस्तान की सीमा में घुसकर आतंकी संगठन जैश अल-अदल के शीर्ष कमांडर इस्माइल शाह बख्श और उसके कुछ साथियों को मार गिराया है।
समाचार चैनल ईरान इंटरनेशनल ने इसका दावा किया है। बता दें कि करीब एक महीने पहले भी ईरान ने पाकिस्तान की सीमा में घुसकर आतंकी ठिकानों को तबाह किया था।
प्रांत
सिस्तान-बलूचिस्तान प्रांत में हुआ हमला
रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान ने यह हमला सीमा से सटे सिस्तान-बलूचिस्तान प्रांत पर किया है। हालांकि, घटना को लेकर पाकिस्तान की ओर से आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। माना जा रहा है कि इस घटना के बाद ईरान और पाकिस्तान में तनाव फिर बढ़ सकता है।
तेहरान टाइम्स के मुताबिक, शाह बख्श और उसके साथी ईरानी सेना द्वारा चलाए गए एक 'जटिल खुफिया और सैन्य अभियान' में मारे गए।
जैश-अल-अदल
क्या है जैश-अल-अदल?
अरबी में जैश अल-अदल का मतलब न्याय की सेना होता है। यह एक बलूच राष्ट्रवादी समूह है, जो दशकों से ईरानी सरकार के खिलाफ विद्रोह कर रहा है। ईरान ने इसे आतंकवादी संगठन घोषित कर रखा है।
2012 में जुंदाल्लाह नामक एक दूसरे संगठन से अलग होकर जैश अल-अदल की स्थापना हुई थी। मुख्य रूप से यह संगठन अशांत सिस्तान-बलूचिस्तान में सक्रिय है, जहां बड़ी संख्या में बलूच अल्पसंख्यक रहते हैं।
हमले
ईरान में कई हमले कर चुका है जैश अल-अदल
जैश अल-अदल ने पिछले कुछ सालों में ईरान में हुए कई आतंकवादी हमलों की जिम्मेदारी ली है। दिसंबर, 2023 में समूह ने जाहेदान में एक पुलिस स्टेशन पर हमला किया था, जिसमें कम से कम 11 पुलिसकर्मी मारे गए थे और कई घायल हुए थे।
2019 में संगठन ने एक आत्मघाती हमला किया था, जिसमें इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के 27 अधिकारी मारे गए थे। ईरान पाकिस्तान पर ऐसे संगठनों को पनाह देने के आरोप लगाता है।
ईरान
ईरान ने पहले भी किया था पाकिस्तान पर हमला
16 जनवरी को ईरान ने बलूचिस्तान में जैश अल-अदल के ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन से हमले किए थे। हमले में पाकिस्तान ने 2 बच्चों की मौत होने का दावा किया था।
इसके बाद 17 जनवरी को पाकिस्तान ने ईरान के सिस्तान-बलूचिस्तान प्रांत के पंजगुर इलाके में बलूचिस्तान लिबरेशन फ्रंट (BLF) के ठिकानों को निशाना बनाया।
ईरान ने कहा कि इन हमलों में 9 लोगों की मौत हुई है। हालांकि, इनमें से कोई भी ईरान का नागरिक नहीं था।