
चीन: 4 फुट से लंबा है 'दुनिया का सबसे बड़ा इंस्टेंट नूडल कप', बेझिझक खाइये
क्या है खबर?
चीन में एक खाद्य कंपनी ने इंस्टेंट राइस नूडल्स का एक ऐसा कप बनाया है, जो दुनिया का अब तक का सबसे बड़ा इंस्टेंट नूडल कप है।
इसकी लंबाई 4 फुट से भी ज्यादा है, जिसकी वजह से इसे गिनीज बुक में भी शामिल किया गया है।
इंस्टेंट राइस नूडल के इस विशाल कप को बनाने के लिए सभी सामग्रियों और मसालों का इस्तेमाल किया गया है इसलिए इसे बेझिझक खाया भी जा सकता है।
रिकॉर्ड
किसने बनाया विशाल इस्टेंट नूडल कप?
जानकारी के मुताबिक, इंस्टेंट राइस नूडल के इस कप को खाद्य कंपनी गुआंग्शी लुओबावांग फूड टेक्नोलॉजी ने बनाया है।
इसकी ऊंचाई 4.3 फुट और इसका वजन 51 किलोग्राम है। यह दुनिया का अब तक का सबसे बड़ा इंस्टेंट राइस नूडल कप है।
गिनीज बुक में नाम दर्ज होने के कारण खाद्य कंपनी के सभी कर्मचारियों बेहद खुश हैं और उन्होंने कंपनी की कैंटीन में इकट्ठा होकर उस इंस्टेंट राइस नूडल कप का सेवन भी किया।
महक
अजीब होती है इसी महक
कंपनी द्वारा बनाए गए इंस्टेंट राइस नूडल कप को चीन में 'लुओसिफेन' कहते हैं। इसकी महक को मल की तरह बताया गया है और यह बहुत तेज होती है, जिसकी वजह से यह प्रसिद्ध है।
इसमें उबले हुए चावल के नूडल्स होते हैं, जिन्हें घोंघा और सूअर की हड्डियों को उबालकर बनाए गए सूप में परोसा जाता है।
इसे सबसे पहले गुआंग्शी के लिउजौ शहर में बनाया था और अब इसे पूरे चीन में पसंद किया जाने लगा है।
सामग्रियां
स्वाद के लिए इस्तेमाल किए जाते हैं कई तरह के मसाले
जानकारी के मुताबिक, इस राइस नूडल को बनाने के लिए केवल लिउजोउ राइस नूडल्स का ही इस्तेमाल किया जाता है। ये पुराने चावल से बनाए जाते हैं, जब उनमें वसा और जिलेटिन खत्म हो जाती है।
इसके अलावा नूडल्स के सूप में स्वाद के लिए इसमें कई सामग्रियां और मसालों का इस्तेमाल किया जाता है।
इसमें सिरका, मिर्च का तेल, सौंफ के बीज, इलायची मूंगफली, बैंबू शूट्स और सूखे हुए टोफू की स्टिक शामिल हैं।
वृद्धि
इंस्टेंट राइस नूडल के उत्पादन में हुई वृद्धि
यह राइस नूडल पहले सिर्फ परंपरागत रूप से छोटे रेस्टोरेंट में मिलते थे, लेकिन पिछले कुछ सालों में यह स्थानीय सीमाओं को पार करके लग्जरी रेस्टोरेंट और अंतरराष्ट्रीय रेस्टोरेंट पर भी मिलने लगा है।
इसका उत्पादन 2014 के अंत से ज्यादा बढ़ा है, जिससे यह चीन के लोगों को पसंद आने लगा।
कोरोना वायरस महामारी के समय भी इसकी बिक्री में वृद्धि देखी गई और वर्तमान में रोजाना इसके 25 लाख से भी ज्यादा पैकेट का उत्पादन किया जाता है।