
अब तक कुल 6 ग्रैंड स्लैम जीत चुकी हैं सानिया मिर्जा, जानें उनकी उपलब्धियां
क्या है खबर?
भारतीय टेनिस में अब तक कि सबसे सफल महिला खिलाड़ी रही सानिया मिर्जा आज 35 साल की हो गई हैं। उनका जन्म 15 नवंबर 1986 को मुंबई में हुआ था।
वह WTA खिताब जीतने वाली भारत की पहली महिला टेनिस खिलाड़ी बनी थी। इसके अलावा अब भी सानिया ग्रैंड स्लैम जीतने वाली इकलौती भारतीय महिला टेनिस खिलाड़ी हैं।
सानिया की टेनिस जगत में उपलब्धियों और रिकार्ड्स पर एक नजर डालते हैं।
उपलब्धि
ग्रैंड स्लैम के मुख्य ड्रॉ में प्रवेश करने वाली पहली भारतीय महिला
2000 के दशक की शुरुआत में सानिया ने प्रोफेशनल सर्किट में छाप छोड़ने से पहले जूनियर स्तर पर प्रभावित किया था।
वह 2005 के ऑस्ट्रेलियन ओपन में मुख्य ड्रॉ (एकल) में शामिल होने वाली पहली भारतीय महिला बनीं थी।
महज 18 वर्षीय सानिया को तीसरे राउंड में सेरेना विलियम्स के हाथों 1-6, 4-6 से शिकस्त मिली थी। बता दें सेरेना की भिड़ंत से पहले सानिया ने शुरुआती दो राउंड्स में सिंडी वॉटसन और पेट्रा मंडुला को हराया था।
WTA खिताब
WTA खिताब जीतने वाली पहली भारतीय महिला टेनिस खिलाड़ी बनी थी सानिया
ऑस्ट्रेलियन ओपन 2005 के एक महीने बाद सानिया ने फिर से इतिहास रचा और WTA खिताब जीतने वाली पहली भारतीय महिला टेनिस खिलाड़ी बन गईं थी।
सानिया ने हैदराबाद ओपन के फाइनल में यूक्रेन की अलोना बोंडारेंको को हराया था।
इसी सीजन में मिर्जा US ओपन के चौथे दौर में पहुंचीं, जहां वह दुनिया की पूर्व नंबर एक मारिया शारापोवा के खिलाफ सीधे सेटों में 2-6, 1-6 से हार गई थी।
उपलब्धि
मिश्रित युगल में जीते तीन ग्रैंड स्लैम
2009 में सानिया ने दिग्गज महेश भूपति के साथ मिलकर अपना पहला ऑस्ट्रेलियन ओपन मिश्रित युगल खिताब जीता।
दोनों ने एंडी राम और नथाली डेची को 6-3, 6-1 से हराकर ऐतिहासिक खिताब अपने नाम किया था।
सानिया ने 2012 में भूपति के साथ फ्रेंच ओपन भी जीता, उन्होंने क्लाउडिया जान्स-इग्नासिक और सैंटियागो गोंजालेज को 7-6, 6-1 से हराया।
सानिया का तीसरा मिश्रित युगल खिताब 2014 US ओपन में ब्राजील के ब्रूनो सोरेस के साथ खेलते हुए आया था।
विंबलडन 2015
हिंगिस के साथ मिलकर सानिया ने जीता अपना इकलौता विंबलडन
2015 में मिर्जा ने मार्टिना हिंगिस के साथ जोड़ी बनाकर पहला विंबलडन महिला युगल खिताब जीता।
इंडो-स्विस जोड़ी ने लंदन के सेंटर कोर्ट में रोमांचक फाइनल में मकारोवा-वेस्नीना को 5-7, 7-6, 7-5 से हराया था।
इसके साथ ही मिर्जा महिला युगल ग्रैंड स्लैम खिताब जीतने वाले पहली भारतीय बन गई थी।
दिलचस्प बात यह है कि मिर्जा और हिंगिस ने बिना कोई सेट गंवाए फाइनल में प्रवेश किया था।
जानकारी
सानिया-हिंगिस की जोड़ी ने जीते हैं कुल तीन ग्रैंड स्लैम
विंबलडन के बाद सानिया ने अपनी जोड़ीदार हिंगिस के साथ मिलकर 2015 में US ओपन और उसके अगले साल ऑस्ट्रेलियन ओपन पर भी कब्जा जमाया था। सानिया-हिंगिस की जोड़ी ने कुल तीन ग्रैंड स्लैम जीते थे।
रैंकिंग
नंबर एक रैंकिंग हासिल कर चुकी हैं सानिया
सानिया 2015 में नंबर एक रैंकिंग (एकल या युगल दोनों में से) रखने वाली पहली भारतीय महिला बनी थी। उन्होंने हिंगिस के साथ मिलकर यह उपलब्धि हासिल की थी।
2016 में मिर्जा और हिंगिस ने लगातार 29वां महिला युगल मैच जीतकर 22 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ा था।
पिछले साल की शुरुआत में उन्होंने अपने बेटे के जन्म के बाद कोर्ट में वापसी करते हुए WTA होबार्ट इंटरनेशनल जीता था।