
ChatGPT से नकली आधार और पैन कार्ड भी बना रहे यूजर्स, दुरुपयोग का खतरा बढ़ा
क्या है खबर?
आजकल बहुत से लोग ChatGPT का इस्तेमाल करके तरह-तरह की तस्वीरें बना रहे हैं।
इसका फायदा यह है कि कोई भी बिना कैमरे के सुंदर और खास फोटो बना सकता है, लेकिन अब इसके कुछ नुकसान भी सामने आ रहे हैं।
कई लोग इस सुविधा का गलत इस्तेमाल कर रहे हैं। वे इससे फर्जी पहचान पत्र, जैसे आधार और पैन कार्ड, तैयार कर रहे हैं, जो दिखने में असली जैसे लगते हैं।
आधार कार्ड
ChatGPT से आधार कार्ड बना रहें यूजर्स
सोशल मीडिया पर कुछ यूजर्स ने ChatGPT से बनाए गए नकली आधार कार्ड शेयर किए हैं, जिसमें असली जैसे नाम, नंबर और QR कोड भी थे।
कुछ लोगों ने मशहूर हस्तियों की तस्वीरें लेकर उन्हें आधार कार्ड में डाल दिया।
यह दिखाता है कि ChatGPT से असली जैसे दिखने वाले पहचान पत्र बनाना अब आसान हो गया है, जो साइबर जालसाजों द्वारा बहुत ही आसानी से किसी गलत काम में भी इस्तेमाल किया जा सकता है।
ट्विटर पोस्ट
यहां देखें पोस्ट
Ok, so ChatGPT can create Aadhaar images. Thats not the interesting thing. The interesting thing is where did it get the Aadhar photos data for training? pic.twitter.com/kb6lvuD04E
— nutanc (@nutanc) April 3, 2025
पैन कार्ड
पैन कार्ड और अन्य पहचान पत्र भी निशाने पर
अब सिर्फ आधार कार्ड ही नहीं, बल्कि नकली पैन कार्ड भी ChatGPT से बनाए जा रहे हैं।
ये कार्ड देखने में बिल्कुल असली जैसे लगते हैं। असली पैन कार्ड आयकर विभाग जारी करता है, लेकिन फर्जी कार्ड किसी की पहचान चुराने और गलत तरीके से इस्तेमाल करने में मदद कर सकते हैं।
इससे लोगों की निजी जानकारी भी खतरे में पड़ सकती है और धोखाधड़ी के मामले बढ़ सकते हैं।
खतरा
OpenAI ने माना खतरे की बात
ChatGPT बनाने वाली कंपनी OpenAI ने भी माना है कि GPT-4o जैसे नए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) मॉडल में पिछले मॉडल्स की तुलना में ज्यादा खतरे हैं।
पहले की तरह अब AI को अलग से इमेज टूल से जोड़ने की जरूरत नहीं पड़ती, ये खुद ही फोटो बना सकता है।
इससे फर्जी डॉक्यूमेंट बनाना और आसान हो गया है। कंपनी ने कहा है कि इस तकनीक को लेकर सावधानी बरतना जरूरी है।
राय
जानकारों की क्या है राय?
जानकारों का मानना है कि पहचान पत्रों की सुरक्षा के लिए सरकार को अब और सख्त नियम बनाने होंगे।
एकीकृत पहचान प्लेटफॉर्म IDfy के अधिकारी ने बताया कि आधार कार्ड की जांच आसान है, क्योंकि उसका पूरा डाटा सरकार के पास होता है, लेकिन पैन कार्ड या ड्राइविंग लाइसेंस की जांच में मुश्किल होती है।
नीति विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि अगर समय रहते कदम नहीं उठाए गए, तो इससे धोखाधड़ी और पहचान की चोरी बढ़ सकती है।