
दुनियाभर में काम नहीं कर रहे थे जीमेल, यूट्यूब; यह थी वजह
क्या है खबर?
बीते दिनों दुनियाभर में अचानक गूगल की ढेरों सेवाओं ने काम करना बंद कर दिया था और यूजर्स परेशान हो गए थे।
कंपनी की ईमेल सेवा जीमेल से लेकर वीडियो प्लेटफॉर्म यूट्यूब तक काम नहीं कर रहे थे।
एकसाथ गूगल की ढेरों सेवाएं दुनियाभर में बंद हो गई थीं, हालांकि कुछ देर बाद ये सामान्य रूप से काम करने लगीं।
सर्च इंजन कंपनी की ओर से अब इसकी वजह बताई गई है।
वजह
क्यों ठप हो गईं थीं गूगल की सेवाएं?
गूगल के पास उसकी अलग-अलग सेवाओं में लॉग्ड-इन यूजर्स को ट्रैक करने के लिए कई टूल्स हैं, जो यूजर्स की पहचान वेरिफाइ करते हैं।
अक्टूबर महीने में कंपनी ने इन टूल्स को नए फाइल स्टोरेज सिस्टम में भेजना शुरू कर दिया था और इस दौरान जरूरी डेटा के कुछ हिस्से ठीक से स्टोर नहीं हो पाए।
इस तकनीकी खामी की वजह से बीते सोमवार को गूगल की सेवाएं करीब 47 मिनट के लिए बंद रहीं।
साइबर सुरक्षा
हैकिंग कंपनी जिम्मेदार नहीं
गूगल की ओर से यह सफाई साइबर सुरक्षा से जुड़ा एक मामला प्रकाश में आने के बाद दी गई है।
हैकिंग सॉफ्टवेयर बनाने वाली कंपनी सोलारविंड्स कॉर्पोरेशन ने माइक्रोसॉफ्ट से लेकर कई अमेरिकी सरकारी एजेंसियों से जुड़े बड़े खुलासे किए हैं।
अपनी सेवाएं ठप होने पर गूगल ने कहा कि ऐसा होने के पीछे सोलारविंड्स हैक के शामिल होने से जुड़ा कोई साक्ष्य नहीं मिला है और हैकिंग कंपनी का इसमें कोई हाथ नहीं है।
मामला
क्या था पूरा मामला?
बीते सोमवार को अचानक गूगल की कई सेवाओं ने एकसाथ काम करना बंद कर दिया था।
गूगल के क्लाउड स्टोरेज पर भेजी गईं करीब 15 प्रतिशत रिक्वेस्ट इस दौरान प्रभावित हुईं थीं।
मंगलवार को भी गूगल की जीमेल सर्विस इस्तेमाल करने में कई यूजर्स को दिक्कत आई।
हालांकि, दोनों ही मामलों में गूगल सर्विसेज थोड़ी ही देर में काम करने लगीं और गूगल ने डेटा माइग्रेशन को इसकी वजह बताया।
इंस्टाग्राम
फोटो शेयरिंग ऐप भी रहा ठप
एक अन्य मामले में फोटो शेयरिंग ऐप इंस्टाग्राम के ठप पड़ने और ऐप क्रैश होने की बात सामने आई है।
शुक्रवार शाम ट्विटर पर #Instagramdown ट्रेंड करता रहा और ढेरों यूजर्स ने ऐप के काम ना करने की शिकायत की।
कई यूजर्स ने लिखा कि वे ऐप इस्तेमाल नहीं कर पा रहे हैं तो कुछ के हिसाब से ऐप पहले की तरह काम करता रहा।
कुछ देर बार ऐप की सेवाएं फिर से सामान्य हो गईं।
जानना जरूरी
क्यों ठप हो जाती हैं सेवाएं?
बड़ी सोशल मीडिया कंपनियों के पास करोड़ों यूजर्स होते हैं, जिनके डेटा को मैनेज करने के लिए बड़े और ताकतवर सर्वर की जरूरत पड़ती है।
कई बार एकसाथ ज्यादा लोड पड़ने या फिर तकनीकी खराबी की वजह से सामान्य रूप से चलने वाली प्रक्रिया प्रभावित होती है और यूजर्स को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
साथ ही वेबसाइट या प्लैटफॉर्म में किए जा रहे बड़े बदलावों के दौरान यूजर्स कुछ वक्त के लिए सेवाएं इस्तेमाल नहीं कर सकते।