
मिजोरम चुनाव नतीजे: ZPM को दो-तिहाई बहुमत, MNF की करारी हार; मुख्यमंत्री अपनी सीट हारे
क्या है खबर?
मिजोरम में 40 सीटों पर हुए विधानसभा चुनाव में जोरम पीपुल्स मूवमेंट (ZPM) ने बड़ी जीत दर्ज की है।
पार्टी ने राज्य में 27 सीटें जीती हैं, वहीं सत्तारूढ़ मिजो नेशनल फ्रंट (MNF) मात्र 10 सीटें जीत पाई है।
कांग्रेस का भी प्रदर्शन निराशाजनक रहा और वो महज एक सीट पर आगे है। इसके विपरीत भाजपा 2 सीटें जीतने में कामयाब रही है।
राज्य में ZPM और MNF के बीच मुख्य मुकाबला था।
बड़े चेहरे
बड़े चेहरों की क्या स्थिति रही?
आइजोल पूर्व-1 सीट पर मौजूदा मुख्यंमत्री जोरमथंगा हार गए हैं। उन्हें ZPM के लालथनसंगा ने हराया।
उपमुख्यमंत्री तावंलुइया को भी तुईचांग सीट पर हार का सामना करना पड़ा है और उन्हें ZPM के प्रत्याशी ने हराया।
मिजोरम कांग्रेस प्रमुख लालसावता भी अपनी जीत नहीं बचा पाए और ZPM और MNF के उम्मीदवारों के बाद तीसरे नंबर पर रहे।
सेरछिप सीट पर ZPM प्रमुख लालदुहोमा जीत गए हैं।
संभावित मुख्यमंत्री
कौन हैं ZPM नेता लालदुहोमा, जो बन सकते हैं मुख्यमंत्री?
ZPM नेता लालदुहोमा एक पूर्व IPS अधिकारी हैं, जो पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की सुरक्षा का जिम्मा भी संभाल चुके हैं। वह 1984 में कांग्रेस के टिकट पर पहला लोकसभा चुनाव जीते थे।
1988 में दल-बदल कानून के तहत उनकी लोकसभा सदस्यता रद्द कर दी गई थी। उन्होंने 2018 विधानसभा चुनवा में आइजोल पश्चिम-1 और सेरछिप 2 सीटों पर जीत हासिल की थी।
उनकी पार्टी महज दूसरी बार विधानसभा चुनाव लड़ रही है।
पिछले मुख्यमंत्री
3 बार मुख्यमंत्री रह चुके हैं MNF प्रमुख जोरमथंगा
जोरमथंगा सत्तारूढ़ MNF के अध्यक्ष हैं, जो 1966 में पार्टी से जुड़े थे। 1989 में वब पहली बार चम्फाई सीट से विधायक चुने गए। 1990 में उन्हें पार्टी का अध्यक्ष बनाया गया।
उनके नेतृत्व में MNF ने 1998 में विधानसभा चुनाव जीता और वह पहली बार मुख्यमंत्री बने। इसके बाद 2003 में पार्टी फिर सत्ता में आई और वह दोबारा मुख्यमंत्री बने।
2018 विधानसभा चुनाव में MNF की जीत के बाद वह तीसरी बार मुख्यमंत्री बने थे।
पिछले नतीजे
क्या रहे थे पिछले चुनाव के नतीजे?
2018 में हुए मिजोरम विधानसभा चुनाव में 10 साल सत्ता में रही कांग्रेस को सरकार गंवानी पड़ी थी। खुद तत्कालीन मुख्यमंत्री पी ललथनहवला चम्फाई दक्षिण और सेरछिप दोनों सीटों से चुनाव हार गए थे।
कांग्रेस को MNF ने हराया था और जोरमथंगा मिजोरम के मुख्यमंत्री बने थे।
चुनाव में MNF ने 27 सीटें जीतकर बहुमत हासिल किया था और 8 सीटों पर निर्दलीय उम्मीदवार विजयी हुए थे, जबकि कांग्रेस ने 4 और भाजपा ने एक सीट जीती थी।