
स्टैंडिंग डेस्क पर काम करना आपके स्वास्थ्य के लिए हो सकता है फायदेमंद, जानिए कैसे
क्या है खबर?
अगर आप ऑफिस में घंटों एक ही जगह पर बैठकर काम करते हैं तो इस वजह से अक्सर आपको पीठ दर्द, पाचन की समस्या या रीढ़ की हड्डी संबंधी कई समस्याओं का सामना करना पड़ता होगा।
इन्हीं समस्याओं को देखते हुए आजकल कई ऑफिस और कार्यस्थलों पर स्टैंडिंग डेस्क के इस्तेमाल का चलन बढ़ रहा है क्योंकि स्वास्थ्य के लिहाज से स्टैंडिंग डेस्क पर काम करना लाभकारी होता है।
आइए जानते हैं कैसे।
#1
पीठ दर्द से मिल सकती है राहत
बहुत से लोग आरामदायक स्थिति में बैठने के चक्कर में कुर्सी पर बार-बार अपनी मुद्रा बदलते रहते हैं, लेकिन ऐसा करना अक्सर खराब मुद्रा का कारण बन जाता है।
लंबे समय तक इन खराब मुद्राओं में रहने पर मांसपेशियां प्रभावित होती हैं और इसका सीधा असर पीठ के निचले हिस्से पर पड़ता है और दर्द की संभावना पैदा हो जाती है।
हालांकि स्टैंडिंग डेस्क पर काम करने से आप इस समस्या से दूर रह सकते हैं।
#2
बर्न होती है कैलोरी
घंटों बैठे-बैठे काम करने से वजन बढ़ने और तोंद निकलने का खतरा भी रहता है, लेकिन स्टैंडिंग डेस्क की मदद से आप इस समस्या से भी दूरी रह सकते हैं।
दरअसल, बैठे रहने पर बेहद कम कैलोरी बर्न होती हैं जिसके कारण वजन बढ़ने लगता है। वहीं खड़े रहने पर अधिक कैलरी बर्न होती है।
एक शोध के अनुसार, हफ्ते में अगर रोजाना कुछ देर खड़े रहकर काम किया जाए तो इससे लगभग 1,000 कैलोरी बर्न होती है।
#3
ब्लड शुगर का स्तर रहता है नियंत्रित
स्टैंडिंग डेस्क पर काम करने से ब्लड शुगर के स्तर को नियंत्रित करने में भी काफी मदद मिल सकती है।
एक शोध में सामने आया है कि 180 मिनट तक खड़े होकर काम करने से ब्लड शुगर का स्तर 43 फीसदी कम हो जाता है, वहीं इतने ही समय तक बैठे रहने पर ब्लड शुगर तेजी से बढ़ता है।
यह शोध 10 ऑफिस कर्मचारियों पर किया गया था।
#4
आलस और मूड स्विंग की समस्या होती है दूर
अगर आप एक कुर्सी पर बैठकर घंटों काम करते हैं तो इस वजह से आलस या फिर मूड स्विंग की समस्या पैदा हो सकती है।
इनसे बचने के लिए स्टैंडिंग डेस्क पर काम करने का विकल्प एक अच्छा विचार हो सकता है क्योंकि इस पर कम करने से एनर्जी लेवल हाई रहता है, आलस नहीं आता और मूड भी सही रहता है। साथ ही आप खुद को ज्यादा सक्रिय महसूस करते हैं।