सेहत के लिए देसी घी ज्यादा फायदेमंद होता है या मक्खन?
क्या है खबर?
देसी घी और मक्खन, दोनों ही दुग्ध उत्पाद हैं और कई तरह के व्यंजनों को बनाते समय इनका उपयोग किया जाता है। आजकल बाजार में तो इन दोनों की कई किस्में तक मौजूद हैं।
हालांकि, जब इनमें से किसी एक के चयन की बात आती है तो लोग के लिए यह मुश्किल हो जाता है।
आइए आज हम आपको इन चीजों को बनाने का तरीका और इनमें मौजूद पोषण का अंतर बताते हैं, ताकि आप सही विकल्प को चुन सकें।
प्रक्रिया
देसी घी और मक्खन को बनाने का तरीका
देसी घी के लिए सफेद मक्खन का इस्तेमाल किया जाता है और उसे बनाने के लिए सबसे पहले दूध की मलाई और ठंडे पानी के मिश्रण को फेंटा जाता है और उसमें से सफेद मक्खन निकलने लगता है, जिसे कढ़ाई में कुछ मिनट पकाने से देसी घी बन जाता है।
दूसरी ओर मक्खन को क्रीम और गाय के दूध के प्रोटीन और वसा घटकों से बनाया जाता है।
यहां जानिए लस्सी और छाछ में अंतर।
देसी घी
देसी घी में मौजूद पोषण और स्वास्थ्य लाभ
देसी घी विटामिन-A और ओमेगा-3 फैटी एसिड का बेहतरीन स्त्रोत माना जाता है। साथ ही इसमें दूध प्रोटीन कैसिइन और दूध शर्करा लैक्टोज भी होता है।
इसके अलावा इसमें एंटी-इंफ्लेमेटरी भी गुण होते हैं, जो शरीर की सूजन को कम करने के साथ हृदय रोगों से सुरक्षित रखने में मदद कर सकते हैं।
लैक्टोज असहिष्णुता वाले लोगों के लिए भी देसी घी का सेवन लाभदायक हो सकता है।
मक्खन
मक्खन के फायदे
अगर आप घर में सफेद मक्खन बनाकर खाते हैं तो उससे आपके शरीर को भरपूर विटामिन-E, विटामिन-A, फास्फोरस, कैल्शियम और राइबोफ्लेविन जैसे आवश्यक पोषक तत्व मिल सकते हैं।
ये गुण शरीर की कोशिकाओं को मुक्त कणों से बचाने और आंखों की रोशनी को सुधारने में भी मदद कर सकते हैं।
हालांकि, बाजार से मिलने वाले अलग-अलग स्वाद वाले मक्खन में पोषक तत्वों की मात्रा काफी कम होती है।
यहां जानिए मक्खन के सेवन से मिलने वाले अन्य फायदे।
चयन
देसी घी या मक्खन, किसका चयन स्वास्थ्य के लिए है बेहतर?
देसी घी का चयन स्वास्थ्य के लिए ज्यादा बेहतर हो सकता है।
खासतौर से अगर आपको लैक्टोज असहिष्णु हैं तो देसी घी का विकल्प चुनें क्योंकि इसमें लैक्टोज और कैसिइन की मात्रा कम होती है।
साथ ही इसमें मक्खन के मुकाबले पोषक तत्वों की मात्रा भी अधिक होती है। यही कारण है कि आयुर्वेद चिकित्सा में भी लंबे समय से इसका इस्तेमाल किया जा रहा है।
हालांकि, सफेद मक्खन भी स्वास्थ्य के लिए लाभदायक होता है।