
भारत में 2021 की शुरुआत में आ सकती है कोरोना वैक्सीन, राष्ट्रव्यापी टीकाकरण होगा चुनौती
क्या है खबर?
देश में बढ़ते कोरोना वायरस संक्रमण के मामलों के बीच एक प्रमुख वैज्ञानिक ने कहा है कि साल 2021 की शुरुआत में इसकी वैक्सीन आने की उम्मीद की जा सकती है।
हालांकि, उन्होंने इस वैक्सीन को भारत की 135 करोड़ की आबादी तक पहुंचाना सबसे बड़ी चुनौती करार दिया है।
बता दें कि देश में संक्रमितों की संख्या 55 लाख के पार पहुंच चुकी है। इसके चलते भारत दुनिया में दूसरा सबसे अधिक प्रभावित देश बना हुआ है।
वैक्सीन
प्रमुख वैक्सीनों का भारत में किया जा रहा है क्लिनिकल ट्रायल
दुनिया की सबसे बड़ी वैक्सीन निर्माता कंपनी सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (SII) वर्तमान में भारत में ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राजेनेका द्वारा विकसित वैक्सीन के तीसरे चरण का क्लिनिकल ट्रायल आयोजित कर रही है।
इसी तरह डॉ रेड्डीज लैब ने रूस द्वारा विकसित वैक्सीन 'स्पूतनिक वी' की नियामक मंजूरी मिलने के बाद ट्रायल शुरू करने की बात कही है।
इसी तरह भारत बायोटेक दूसरे चरण का ट्रायल कर रहा है और जायडस कैडिला को तीसरे चरण के ट्रायल के लिए अनुमति का इंतजार है।
समय
आखिर कब तैयार होगी वैक्सीन?
गगनदीप कांग ने ब्लूमबर्ग से कहा, "साल के अंत तक हमारे पास ऐसे आंकड़े होंगे जो हमें बताएंगे कि कौनसी वैक्सीन कारगर हैं और किसके परिणाम ज्यादा अच्छे नहीं आए हैं।"
कांग वेल्लोर स्थित क्रिश्चियन मेडिकल कॉलेज में माइक्रोबायोलॉजी के प्रोफेसर हैं और विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की वैक्सीन सुरक्षा पर वैश्विक सलाहकार समिति के सदस्य हैं।
उन्होंने कहा कि 2021 की शुरुआत में एक कारगर वैक्सीन के तैयार होने की उम्मीद की जा सकती है।
बयान
तीसरे चरण के ट्रायल वाली वैक्सीनों के सफल होने की है 50% संभावना
कांग ने कहा, "साल के अंत तक अच्छे परिणाम मिलने पर हमने वैक्सीनों के 2021 की पहली छमाही में छोटी संख्या और बाद में बड़ी संख्या में उपलब्ध होने का अनुमान लगाया हैं। तीसरे चरण के ट्रायल वाली वैक्सीनों की सफलता की 50% संभावना है।"
चुनौतियां
भारत को सभी आयु समूहों में बड़े पैमाने पर टीकाकरण का अनुभव नहीं
जुलाई तक संभावित स्वदेशी वैक्सीन की तलाश में सरकारी समिति का नेतृत्व कर रहे कांग ने कहा कि भारत में शिशुओं और गर्भवती महिलाओं के अलावा लोगों के वैक्सीन लगाने के लिए कोई स्थानीय बुनियादी ढांचा नहीं है।
विशेष रूप से भारत के पास सभी आयु समूहों में बड़े पैमाने पर टीकाकरण का कोई अनुभव नहीं है और वैक्सीन तैयार होने पर भंडारण और वितरण समस्याएं झेलनी पड़ेगी। सुदूर क्षेत्रों में वैक्सीन पहुंचना बड़ी चुनौती होगा।
बयान
'हमारे पास बुजुर्गों के वैक्सीन लगाने का कोई तरीका नहीं'
कांग ने ब्लूमबर्ग से कहा, "हमारे पास सभी आयु वर्ग में टीकाकरण का ढांचा नहीं हैं। हमारे पास बुजुर्गों के टीकाकरण का कोई तरीका नहीं है जो यहां एक विशेष जोखिम समूह हैं। ऐसे में इसके लिए सक्षम ढांचा तैयार करना भी अहम चुनौती है।"
अन्य परेशानियां
भारत कोरोना टेस्ट का डाटा स्पष्ट नहीं
ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार भारत में संक्रमण के प्रकोप की सही स्थिति एंटीजन टेस्ट के कारण सामने नहीं आ पा रही है। इसका कारण है कि एंटीजन टेस्ट में 50 प्रतिशत निगेटिव की रिपोर्ट गलत हो सकती है।
कांग ने बताया देश के प्रतिदिन के डाटा में यह भी स्पष्ट नहीं हो पा रहा है कि कितने टेस्ट एंटीजन किट के जरिए हुए और कितने RT-PCR के तहत किए गए हैं। यह भी देश के लिए बड़ी परेशानी है।
संक्रमण
भारत में यह है कोरोना संक्रमण की स्थिति
भारत में बीते दिन कोरोना वायरस से संक्रमण के 75,083 नए मामले सामने आए और 1,053 मरीजों ने इसकी वजह से दम तोड़ा।
देश में कई हफ्ते बाद 80,000 से कम नए मामले सामने आए हैं। इसी के साथ देश में कुल मामलों की संख्या 55,62,663 हो गई है, वहीं 88,935 लोगों को इस खतरनाक वायरस के संक्रमण के कारण अपनी जान गंवानी पड़ी है। सक्रिय मामलों की संख्या 9,75,861 हो गई है।