
#NewsBytesExplainer: ओमान के सुल्तान की भारत की पहली राजकीय यात्रा के क्या हैं मायने?
क्या है खबर?
ओमान के सुल्तान हैयथम बिन तारिक अपने पहले राजकीय दौरे पर भारत पहुंचे हैं। शनिवार को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उनका आधिकारिक स्वागत किया।
उनकी भारत की यह पहली 3 दिवसीय राजकीय यात्रा है, जो काफी अहम मानी जा रही है। इस दौरान दोनों देशों के बीच कई समझौतों पर सहमति बनने की उम्मीद है।
आइए जानते हैं कि आमोन के सुल्तान का दौरा क्यों अहम है और इसके क्या मायने हैं?
विदेश मंत्रालय
विदेश मंत्रालय ने सुल्तान के दौरे पर क्या कहा?
भारत के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा कि ओमान के सुल्तान की यात्रा से दोनों देशों के बीच दोस्ती और सहयोग को बढ़ावा मिलेगा।
उन्होंने कहा, "ओमान के महामहिम भारत की अपनी पहली राजकीय यात्रा पर नई दिल्ली पहुंचे। यह यात्रा भारत और ओमान के बीच दीर्घकालिक मित्रता और सहयोग को और मजबूत करेगी।"
उन्होंने कहा, "यह यात्रा नई दिल्ली और मस्कट के बीच राजनयिक संबंधों में मील का पत्थर साबित होगी।"
दौरा
भारत के लिए क्यों अहम है ओमान?
ओमान खाड़ी क्षेत्र में भी भारत का सबसे करीबी रक्षा भागीदार है और दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग रणनीतिक साझेदारी के प्रमुख स्तंभ के रूप में उभर रहा है।
ओमान पश्चिम एशिया का एकमात्र देश है, जिसके साथ भारतीय सशस्त्र बलों की तीनों सेनाएं नियमित द्विपक्षीय अभ्यास और सेवा-स्तरीय कर्मचारी वार्ता करती हैं।
हिंद महासागर क्षेत्र में बढ़ते चीन के खतरे की पृष्ठभूमि में ओमान द्वारा भारत को ड्यूकम बंदरगाह तक पहुंच प्रदान करना अमूल्य साबित हुआ है।
कैसे रिश्ते
कैसे हैं ओमान-भारत के बीच व्यापारिक रिश्ते?
ओमान और भारत के बीच 5,000 साल पुराने व्यापारिक संबंध हैं और दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंध 1955 में स्थापित हुए और 2008 में इसे रणनीतिक साझेदारी में बदल दिया गया।
इस वक्त भारत गल्फ को-ऑपरेशन काउंसिल का तीसरा बड़ा कारोबारी सहयोगी है और दोनों देशों के बीच साल-दर-साल व्यापार तेजी से बढ़ रहा है।
ओमान-भारत का ऊर्जा, बुनियादी ढांचे और सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र में काफी अच्छा कारोबारी सहयोग है।
कितना व्यापार
दोनों देशों के बीच कितना होता है व्यापार?
BBC की रिपोर्ट्स के अनुसार, भारत और ओमान के बीच वित्तीय वर्ष 2022-23 में 12.39 अरब डॉलर का कारोबार हुआ था, जो वित्तीय वर्ष 2020-21 के मुकाबले (5.4 अरब डॉलर) दोगुना से ज्यादा था।
वर्तमान में दोनों देशों में 6,000 से ज्यादा संयुक्त उपक्रम चल रहे हैं, जिसकी अनुमानित निवेश 7.5 अरब डॉलर से अधिक है।
दोनों देशों के बीच व्यापार बढ़ाने की असीम संभावनाएं हैं और मुक्त व्यापार समझौते से दोनों देशों का काफी फायदा होगा।
राजकीय यात्रा
क्या है सुल्तान की राजकीय यात्रा का मकसद?
ओमान के सुल्तान की राजकीय यात्रा का बड़ा मकसद दोनों देशों के बीच मुक्त व्यापार समझौते को अंतिम रूप देना है। इसके लिए ओमान से उनके साथ मंत्रियों और अधिकारियों का एक बड़ा दल आ रहा है।
नवंबर में दोनों देशों ने मुक्त व्यापार समझौते को पूरा करने का लिए काफी तेजी से कदम बढ़ाए। दिसंबर में 9 से 11 तारीख के बीच मस्कट में दोनों देशों के बीच इस समझौतों की शर्तों को अंतिम रूप दे दिया गया था।
समझौते
मुक्त व्यापार समझौते से क्या होगा लाभ?
ग्लोबल ट्रेड रिप्रोच इनिशिएटिव (GTRI) के एक रिपोर्ट के अनुसार, मुक्त व्यापार समझौते के तहत गैसोलीन, लोहा, इस्पात, इलेक्ट्रॉनिक्स और मशीनरी जैसे 3.7 अरब डॉलर के 83.5 प्रतिशत से ज्यादा भारतीय उत्पादों को ओमान में महत्वपूर्ण बढ़ावा मिलेगा।
इन वस्तुओं पर वर्तमान में ओमान में 5 प्रतिशत आयात शुल्क लगता है और इस समझौते के बाद आयात शुल्क हट जाएगा। इसके अलावा दोनों देश अधिकतम वस्तुओं पर सीमा शुल्क को काफी कम या खत्म भी कर सकते हैं।
ओमान में
ओमान में भारतीय की कितनी आबादी?
ओमान में बड़ी संख्या में भारतीय प्रवासी भी रहते हैं, जो यहां आर्थिक विकास और सांस्कृतिक विविधता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते आए हैं और इनमें से कई ने ओमानी नागरिकता भी ले रखी है।
वर्तमान में ओमान में 7 लाख से ज्यादा भारतीय रहते हैं और विभिन्न क्षेत्रों में अपना सामाजिक-आर्थिक योगदान देते हैं। इनमें डॉक्टर, इंजीनियर, चार्टर्ड अकाउंटेंट और स्वास्थ्य देखभाल कार्यकर्ता जैसे पेशेवर शामिल हैं।
इसके अलावा ओमान में कई प्रवासी भारतीय मजदूर भी काम करते हैं।