
पंजाब-हरियाणा सीमा पर किसानों पर आंसू गैस और वाटन कैनन का इस्तेमाल, हालात तनावपूर्ण
क्या है खबर?
दिल्ली की ओर कूच रहे किसानों को रोकने के लिए पंजाब-हरियाणा की शंभू सीमा पर हरियाणा पुलिस ने किसानों पर आंसू गैस के गोले दागे।
पुलिस ने काफी मात्रा में गोले दागे, जिससे आसपास धुआं ही धुआं हो गया। पुलिस ने ड्रोन से भी आंसू गैस छोड़ी।
किसानों ने अंबाला राजमार्ग को पार कर पुलिस के अवरोधक को लांघने की कोशिश की थी। तभी पुलिस ने आंसू गैस के गोले दाग दिए, जिससे भगदड़ मच गई। यहां हालात तनावपूर्ण है।
ट्विटर पोस्ट
किसानों पर दागे आंसू गैस
#WATCH | Police fire tear gas to disperse protesting farmers at Punjab-Haryana Shambhu border.
— ANI (@ANI) February 13, 2024
The protesters are demanding a law guaranteeing MSP for crops. pic.twitter.com/TRCI8gZ2M9
हालात बेकाबू
शंभू सीमा पर हालात बेकाबू
शंभू सीमा पर हालात बेकाबू होते जा रहे हैं। पुलिस बल का प्रयोग करके प्रदर्शनकारी किसानों को वहां से हटाने की कोशिश में जुटी हुई है। उसने किसाानों के खिलाफ वाटर कैनन का भी इस्तेमाल किया।
किसानों के ऊपर पुलिस लगातार ड्रोन की मदद से आंसू गैस के गोले दाग रही है। प्रदर्शनकारी किसान बैरिकेडिंग के करीब पहुंच गए हैं और पथराव भी किया जा रहा है।
किसानों ने ट्रैक्टर की मदद से सीमेंट के अवरोधक हटा दिए हैं।
विरोध
पुलिस ने किसानों को 200 मीटर पीछे किया
आजतक के मुताबिक, दिल्ली की ओर बढ़ रहे किसानों पर पुलिस और सुरक्षा बलों ने सख्ती दिखाई। उन्होंने किसानों को 200 मीटर पीछे किया है। हालांकि, किसान फिर आगे बढ़ आए।
किसानों को पंजाब पुलिस ने बिना रोक-टोक आगे बढ़ने दिया। अंबाला राजमार्ग से होते हुए शंभू सीमा पर किसानों की पुलिस से कहासुनी भी हुई थी।
बता दें कि सीमा पर अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात है। यहां कंक्रीट के बड़े-बड़े अवरोधक बनाए गए हैं।
कारण
किसान क्यों कर रहे प्रदर्शन?
संयुक्त किसान मोर्चा और किसान मजदूर मोर्चा की सरकार से कई मांगे हैं। इनमें न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर कानून, स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों को लागू करना, किसानों की कर्ज माफी, मुकदमे रद्द करना, वृद्ध किसानों को पेंशन, कृषि उत्पादों के आयात शुल्क कमी, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में सुधार और भूमि अधिग्रहण अधिनियम, 2013 लागू करना प्रमुख हैं।
किसान की कीटनाशक, बीज और उर्वरक अधिनियम में संशोधन और विद्युत संशोधन विधेयक, 2020 को रद्द करने की मांग भी है।
दिल्ली
किसानों को रोकने के लिए दिल्ली की सीमाओं पर भी कड़े इंतजाम
दिल्ली की सिंघू, टिकरी और गाजीपुर की सीमाओं पर बैरिकेड्स, कंक्रीट ब्लॉक, लोहे की कीलें और कंटीले तारों के जरिए रास्ते सील किए गए हैं।
पूरी राष्ट्रीय राजधानी में पहले ही धारा 144 लागू कर दी गई है और यह 12 मार्च तक लागू रहेगी।
दिल्ली पुलिस के आयुक्त संजय अरोड़ा ने 12 मार्च तक बड़ी सभाओं और रैलियों पर प्रतिबंध. ट्रैक्टरों के प्रवेश और हथियार या ज्वलनशील वस्तुओं को ले जाने पर प्रतिबंध लगाने का आदेश जारी किया है।