
उत्तर भारत में बारिश के कारण लगभग 150 की मौत, हिमाचल और उत्तराखंड में येलो अलर्ट
क्या है खबर?
उत्तर भारत के कई राज्यों में बारिश का कहर जारी है। यहां मानसून की शुरुआत के बाद बारिश से संबंधित घटनाओं में लगभग 150 लोगों की मौत हुई है। पहाड़ी राज्यों, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड, में हालात सबसे ज्यादा खराब हैं।
दोनों राज्यों में लगातार बारिश के कारण भूस्खलन होने से कई सड़कें बाधित हैं, जिसके कारण यहां सैकड़ों की तादाद में पर्यटक फंसे हैं।
आइए जानते हैं कि उत्तर भारत में बारिश ने कहां-कहां तबाही मचाई है।
मौत
बारिश से किस राज्य में कितनी मौत?
इंडिया टुडे की रिपोर्ट के अनुसार, बारिश से सबसे अधिक प्रभावित राज्य हिमाचल प्रदेश हुआ है। यहां बाढ़ और भूस्खलन की चपेट में आकर 91 लोगों की मौत हो चुकी है।
उत्तराखंड में अब तक बारिश से संबंधित घटनाओं में 16 लोगों की मौत हुई है, जबकि हरियाणा में 16 लोगों मारे जाने की सूचना है।
इसके अलावा बारिश के कारण पंजाब में 11 और उत्तर प्रदेश में 14 लोग मारे गए हैं। दिल्ली में एक मौत हुई है।
दुर्घटना
मंडी में खाई में कार गिरने से 5 लोगों की मौत
हिमाचल प्रदेश में गुरुवार रात को मंडी जिले के कुशला क्षेत्र में एक बोलेरो गाड़ी अनियंत्रित होकर गहरी खाई में जा गिरी। इस हादसे में वाहन सवार 5 लोगों की मौत हो गई, जबकि 4 गंभीर रूप से घायल हो गए।
पुलिस टीम ने सभी घायलों को खाई से बाहर निकाल कर इलाज के लिए नेरचौक मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया है। बताया जा रहा है कि वाहन सवार देर रात कमरूनाग मंदिर के दर्शन कर घर लौट रहे थे।
राहत और बचाव
लाहौल और स्पीती में फंसे 290 पर्यटकों को बचाया गया
हिमाचल प्रदेश के लाहौल और स्पीती के चंद्रताल में पिछले 5 दिनों से फंसे 290 पर्यटकों को सुरक्षित बचा लिया गया है। यहां सड़क पर जमी बर्फ को हटाकर BRO और ITBP की टीम ने मार्ग पर आवाजाही शुरू करवा दी है।
इसके अलावा सांगला और किन्नौर के आसपास स्थानों पर फंसे 100 से अधिक लोगों को निकालने के लिए हेलीकॉप्टर तैनात हैं। प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में फंसे पर्यटकों को निकालने के लिए युद्धस्तर पर अभियान जारी है।
सड़क
हिमाचल में 1,110 सड़क मार्ग बाधित
हिमाचल प्रदेश में राजमार्ग समेत अभी भी करीब 1,110 सड़कें बाधित हैं, जिन्हें यातायात के लिए सुचारू करने के लिए 834 जेसीबी मशीनें लगाई गई हैं। 12 घंटे बाद मंडी-कुल्लू वाया बजौरा सड़क मार्ग पर यातायात सुचारू हो गया है।
प्रदेश में मानसून की भारी बारिश के कारण करीब 3,000 करोड़ रुपये की संपत्ति का नुकसान हुआ है। इसमें अकेले जल शक्ति विभाग को ही करीब 1,000 करोड़ रुपये की क्षति हुई है और कई जल परियोजनाएं बाधित हुई हैं।
उत्तराखंड
उत्तराखंड में लगातार बारिश के चलते हाई अलर्ट
उत्तराखंड में कई दिनों से लगातार बारिश हो रही है, जिस वजह से कई जगहों पर भूस्खलन और भू-धंसाव हुआ है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आपदा प्रबंधन विभाग को हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए हैं।
गुरुवार तक प्रदेश में करीब 404 सड़क मार्ग बाधित होने की सूचना है। इसमें रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड राष्ट्रीय राजमार्ग भी शामिल है। प्रदेश में अब तक मानसून की बारिश के चलते 12 पुल क्षतिग्रस्त हुए हैं।
अलर्ट
IMD का हिमाचल और उत्तराखंड में येलो अलर्ट
भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश की संभावना जताते हुए 14 और 17 जुलाई तक येलो अलर्ट जारी किया है। IMD ने प्रदेश के 10 जिलों में शुक्रवार से भारी बारिश की संभावना जताई है।
मौसम विभाग ने उत्तराखंड में भी अगले 4 दिन तक भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। यहां कुमाऊं मंडल के चंपावत, नैनीताल और ऊधमसिंह नगर जिले में अत्याधिक बारिश की चेतावनी जारी की गई है।