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कोरोना गाइडलाइंस: राज्यों को नाइट कर्फ्यू की इजाजत, लॉकडाउन से पहले केंद्र की मंजूरी जरूरी

कोरोना गाइडलाइंस: राज्यों को नाइट कर्फ्यू की इजाजत, लॉकडाउन से पहले केंद्र की मंजूरी जरूरी

संपादन भारत शर्मा
Nov 25, 2020
07:33 pm

क्या है खबर?

कई राज्यों में कोरोना वायरस संक्रमण की तेज रफ्तार के चलते केंद्र ने बुधवार को राज्य सरकारों को नाइट कर्फ्यू समेत कई पाबंदियां लगाने की अनुमति दे दी है। राज्य सरकारें हालातों की समीक्षा कर इन पाबंदियों को लागू कर सकती हैं। हालांकि, कंटेनमेंट जोन से बाहर लॉकडाउन लगाने के लिए राज्यों को पहले केंद्र सरकार से अनुमति लेनी होगी। बुधवार को गृह मंत्रालय की तरफ से जारी गाइडलाइंस में ये बातें कही गई हैं।

जानकारी

दफ्तर खोलने के समय में किया जा सकता है बदलाव

गृह मंत्रालय ने यह भी कहा है कि जिन शहरों में साप्ताहिक पॉजीटिविटी रेट 10 प्रतिशत से ज्यादा है, वहां दफ्तरों के खुलने के समय को चरणबद्ध तरीकों में बांटा जा सकता है, ताकि एक साथ ज्यादा संख्या में कर्मचारी एक जगह इकट्ठे न हों।

गाइडलाइंस

1 से 31 दिसंबर तक लागू रहेंगी गाइडलाइंस

ये गाइडलाइंस प्रधानमंत्री मोदी की मुख्यमंत्रियों के साथ हुई बैठक के एक दिन बाद जारी की गई हैं। ये 1 दिसंबर से 31 दिसंबर तक लागू रहेंगी।

गाइडलाइंस में कहा गया है कि महामारी को पूरी तरह से काबू करने के लिए सावधानी बरतने और कंटेनमेंट रणनीति का कड़ाई से पालन करने की जरूरत है।

इसमें आगे कहा गया है कि पुलिस, जिला प्रशासन और स्थानीय निकाय कंटेनमेंट कदमों के लागू कराने के लिए जिम्मेदार होंगे।

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गाइडलाइंस

लॉकडाउन लगाने से पहले केंद्र से मंजूरी जरूरी

गाइडलाइंस में कहा गया है कि राज्य और केंद्र शासित प्रदेश स्थितियों की समीक्षा कर स्थानीय स्तर पर नाइट कर्फ्यू जैसी पाबंदियां लगा सकते हैं।

हालांकि, उन्हें राज्यों, जिला और शहर के स्तर पर कंटेनमेंट जोन से बाहर लॉकडाउन लगाने से पहले केंद्र सरकार की अनुमति लेनी होगी।

इसके अलावा गृह मंत्रालय ने राज्यों को कोरोना से बचाव के नियम न मानने वाले लोगों के खिलाफ प्रशासनिक कार्रवाई करने की छूट दी है।

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जानकारी

अधिकतम लोगों की संख्या कम कर सकते हैं राज्य

गृह मंत्रालय की तरफ से कहा गया है कि सिनेमाघरों, स्विमिंग पूल और एग्जिबिशन हॉल में पहले की तरह पाबंदियों के साथ सीमित संख्या में लोग आ सकेंगे। हालांकि, राज्य और केंद्र शासित प्रदेश बंद स्थानों में लोगों की अधिकतम संख्या कम कर सकते हैं।

गाइडलाइंस

बाजारों और सार्वजनिक परिवहन के लिए जल्द आएगी SOP

मंत्रालय ने गाइडलाइंस में कहा है कि मास्क पहनने की जरूरत पर जोर देने के लिए राज्य और केंद्र शासित प्रदेश मास्क न पहनने वाले लोगों पर जुर्माना लगाने जैसी प्रशासनिक कार्रवाई कर सकते हैं।

वहीं बाजारों, भीड़भाड़ वाले स्थानों और सार्वजनिक वाहनों में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन सुनिश्चित कराने के लिए स्वास्थ्य मंत्रालय जल्द ही मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) का ऐलान करेगा।

इन दिनों बाजारों में भारी भीड़ हो रही है, जिससे संक्रमण तेजी से फैल रहा है।

जानकारी

राज्यों के बीच आवागमन पर कोई रोक नहीं

मंत्रालय की तरफ से कहा गया है कि राज्य के भीतर और राज्यों के बीच व्यक्तियों और सामानों की आवाजाही पर किसी तरह की रोक नहीं होगी। ऐसी आवाजाही के लिए किसी प्रकार की अनुमति या पास की जरूरत नहीं होगी।

कंटेनमेंट जोन

जिलों और राज्यों की वेबसाइटों पर अपलोड करनी होगी कंटेनमेंट जोन की सूची

गाइडलाइंस के अनुसार कंटेनमेंट जोन की सूची को जिला कलक्टर और संबंधित राज्यों की वेबसाइटों पर प्रकाशित करना होगा। यह सूची गृह मंत्रालय के साथ साझा की जाएगी।

इसी तरह सभी सरकारें मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग सहित अन्य नियमों की पालना के लिए अपने स्तर पर जुर्माना राशि तय कर सकेगी।

इसी तरह संक्रमण से बचाव के लिए संक्रमित के सामने आने पर अगले 72 घंटों में उसके संपर्क में करीब 80 प्रतिशत लोगों का पता लगाना आवश्यक होगा।

कोरोना वायरस

देश में महामारी के क्या हालात?

पिछले कुछ दिनों से देश में नए मामलों की संख्या में कमी आई है।

बीते दिन देश में कोरोना संक्रमण के 44,376 नए मामले सामने आए और 481 मरीजों ने इसकी वजह से दम तोड़ा।

इसी के साथ देश में कुल संक्रमितों की संख्या 92,22,216 हो गई है, वहीं 1,34,699 लोगों को इस खतरनाक वायरस के संक्रमण के कारण अपनी जान गंवानी पड़ी है।

वहीं सक्रिय मामलों की संख्या 4,44,746 पहुंच गई है।

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