
ठाकरे का प्रधानमंत्री मोदी को पत्र, कोरोना महामारी को 'प्राकृतिक आपदा' घोषित करने का किया अनुरोध
क्या है खबर?
देश में चल रही कोरोना वायरस महामारी की दूसरी लहर ने महाराष्ट्र को सबसे ज्यादा प्रभावित किया है। यहां प्रतिदिन रिकॉर्ड मामले सामने आ रहे हैं।
इसी बीच मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने गुरुवार को प्रधानमंत्री मोदी को पत्र लिखकर राज्य में संक्रमण के और तेजी से फैलने की आशंका जताई है।
इसके अलावा राज्य के प्रभावित लोगों की आर्थिक मदद के लिए कोरोना महामारी को 'प्राकृतिक आपदा' घोषित करने का भी अनुरोध किया है।
हालात
महाराष्ट्र में यह है कोरोना संक्रमण की स्थिति
महाराष्ट्र में कोरोना संक्रमण के मामलों में प्रतिदिन तेज रफ्तार से इजाफा हो रहा है। बुधवार को यहां 58,952 नए मामले सामने आए और 278 लोगों की मौत हुई है।
इसके साथ राज्य में संक्रमितों की कुल संख्या 35,78,160 पर पहुंच गई है। इनमें से 58,804 मरीजों की मौत हो चुकी है और 29.10 लाख मरीज उपचार के बाद ठीक हो चुके हैं।
राज्य में वर्तमान में सक्रिय मामलों की संख्या बढ़कर 5.64 लाख के पार पहुंच गई है।
आशंका
मुख्यमंत्री ठाकरे ने 30 अप्रैल तक 11.90 लाख सक्रिय मामले होने की आशंका जताई
इंडिया टुडे के अनुसार मुख्यमंत्री ठाकरे ने प्रधानमंत्री मोदी को भेजे पत्र में लिखा कि राज्य में वर्तमान में 5.64 लाख सक्रिय मामले हैं, जो सितंबर 2020 की तुलना में 88 प्रतिशत अधिक है।
ऐसे में यदि इसी रफ्तार से संक्रमण फैलता रहा तो 30 अप्रैल तक राज्य में सक्रिय मामलों की संख्या 11.90 लाख पर पहुंच जाएगी।
उन्होंने लिखा कि महामारी की दूसरी लहर से महाराष्ट्र बुरी तरह से प्रभावित है और सहयोग की उम्मीद करता है।
मांग
कोरोना महामारी को घोषित किया जाए 'प्राकृतिक आपदा'- ठाकरे
मुख्यमंत्री ठाकरे ने पत्र में लिखा कि कोरोना महामारी पर काबू पाने के लिए राज्य में मिनी लॉकडाउन लगा दिया गया है। ऐसे में राज्य के वंचित तबकों को आर्थिक मदद पहुंचाने के लिए कोरोना महामारी को 'प्राकृतिक आपदा' घोषित करने पर विचार किया जाना चाहिए।
इसके साथ ही उन्होंने राज्य सरकार को स्टेट डिजास्टर रिस्पांस फंड (SDRF) को गरीब लोगों की मदद में इस्तेमाल करने की अनुमति देने की भी मांग की है।
जानकारी
SDRF के इस्तेमाल के लिए लेनी होती है केंद्र की अनुमति
बता दें कि राज्य सरकारों को SDRF का इस्तेमाल करने से पहले केंद्र की अनुमति लेनी होती है। इसका प्रमुख कारण है कि सभी राज्य आपदा प्रबंधन अधिनियम केंद्रीय आपदा प्रबंधन कानून के हिस्से के रूप में बनाए गए हैं।
रिटर्न
स्थगित किया जाए GST रिटर्न- ठाकरे
मुख्यमंत्री ठाकरे ने मार्च महीने की GST रिटर्न भरने की अवधि सभी छोटे करदाताओं के लिए तीन महीने आगे बढ़ाने की भी मांग की है।
उन्होंने कहा कि बहुत सारे छोटे-बड़े उद्यमियों ने बैंकों से बड़ी मात्रा में कर्ज ले रखा है और महामारी का प्रकोप में उनका व्यापार भी प्रभावित है। इससे वह वर्तमान में कर्ज चुकाने में सक्षम नहीं है। ऐसे में बैंकों को पहली तिमाही में किश्त वसूली को स्थगित करना चाहिए। इससे राहत मिलेगी।
ऑक्सीजन
2,000 मीट्रिक टन LMO की आपूर्ति करने की मांग
मुख्यमंत्री ठाकरे ने प्रधानमंत्री से राज्य को 2,000 मीट्रिक टन लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन (LMO) की आपूर्ति कराने की भी मांग की है।
उन्होंने कहा कि राज्य में वर्तमान में 1,200 मीट्रिक टन LMO का उत्पादन हो रहा है, लेकिन महामारी के प्रकोप के बीच अप्रैल के अंत 2,000 मीट्रिक टन की मांग होगी। ऐसे में आपूर्ति नहीं होने से परेशानी होगी।
इसी तरह रेमडेसिविर की कालाबाजारी पर रोक के लिए सख्ती बरतने की भी मांग की है।
पृष्ठभूमि
महाराष्ट्र में लागू हुई लॉकडाउन जैसी पाबंदियां
बता दें कि महाराष्ट्र में बढ़ते संक्रमण के प्रसार को रोकने के लिए मुख्यमंत्री ठाकरे ने 14 अप्रैल से 15 दिन के लिए राज्य में धारा 144 सहित अन्य कई पाबंदियां लगाई है।
इसके अलावा राज्य में नाइट कर्फ्यू और सप्ताहांत लॉकडाउन भी लागू है। धारा 144 के दौरान राज्य में आवश्यक सेवाओं को छोड़कर अन्य गतिविधियां बंद हैं।
हालांकि, ट्रांसपोर्टेशन सुविधा और अंतरराज्यीय आवागमन पर रोक नहीं है, लेकिन नियमों की अवहेलना पर कार्रवाई की जा रही है।