
महाराष्ट्र में दूसरी कोरोना लहर की शुरूआत, ठीक से काम नहीं कर रहे अधिकारी- केंद्र सरकार
क्या है खबर?
केंद्र सरकार ने महाराष्ट्र सरकार को पत्र लिखते हुए कहा है कि राज्य कोरोना वायरस की दूसरी लहर की शुरूआत में है और उसके अधिकारी महामारी को नियंत्रित करने के लिए अच्छे से काम नहीं कर रहे हैं।
पत्र में कहा गया है कि राज्य के अधिकारी ट्रैकिंग, टेस्टिंग और सक्रिय मामलों के आइसोलेशन पर ठीक से ध्यान नहीं दे रहे हैं। इसके अलावा लोगों के नियमों का पालन न करने पर भी चिंता जाहिर की गई है।
पत्र
ग्रामीण और शहरी दोनों इलाकों में नहीं हो रहा नियमों का पालन- केंद्र सरकार
केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने महाराष्ट्र के मुख्य सचिव सीताराम कुंटे को लिखे पत्र में कहा है, "महाराष्ट्र कोविड-19 महामारी की दूसरी लहर की शुरूआत में है। ट्रैकिंग, टेस्टिंग, मामलों को आइसोलेट करने और संपर्कों को क्वारंटाइन करने के लिए बहुत कम सीमित प्रयास किए जा रहे हैं।"
पत्र में आगे कहा गया है कि राज्य में ग्रामीण और शहरी दोनों इलाकों में कोरोना वायरस से बचाव के नियमों का पालन नहीं किया जा रहा है।
चेतावनी
"जिला प्रशासन ज्यादा चिंतित नहीं, आत्मतुष्टि पड़ सकती है भारी"
पत्र में कहा गया है, "सीमित कॉन्टेक्ट ट्रेसिंग के कारण बिना लक्षण वाले और लक्षण दिखने से पहले वाले लोगों की ट्रैकिंग और टेस्टिंग नहीं हो पाती... जिला प्रशासन स्थिति को लेकर ज्यादा चिंतित नहीं हैं और ये आत्मतुष्टि भारी पड़ सकती है।"
स्वास्थ्य सचिव ने कहा है कि कुछ जिले आंशिक लॉकडाउन, वीकेंड लॉकडाउन और नाइट कर्फ्यू लगा रहे हैं, लेकिन ये पर्याप्त नहीं है और उन्हें स्वास्थ्य मंत्रालय की गाइडलाइंस के मुताबिक कंटेनमेंट पर ध्यान देना चाहिए।
सलाह
भूषण ने दी टेस्टिंग को बढ़ाने की सलाह
भूषण ने कहा है कि स्थिति का जायजा लेने महाराष्ट्र गई केंद्रीय टीम ने पाया कि मुंबई में 5.1 प्रतिशत से औरंगाबाद में 30 प्रतिशत तक राज्य में पॉजिटिव पाए जाने वाले लोगों की संख्या काफी अधिक है, जिसका मतलब ऐसे कई मामले हैं जिनका टेस्ट नहीं किया जा रहा और समुदाय में उच्च ट्रांसमिशन हो रहा है।
उन्होंने लिखा है कि भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR) के नियमों के अनुसार टेस्टिंग को बहुत बढ़ाए जाने की जरूरत है।
स्थिति
महाराष्ट्र में दिन-प्रतिदिन खराब हो रही है स्थिति
बता दें कि महाराष्ट्र में फरवरी के दूसरे हफ्ते से कोरोना वायरस के दैनिक मामले लगातार बढ़ रहे हैं और राज्य में पिछले तीन दिन से 15,000 से अधिक मामले सामने आ रहे हैं।
रविवार को राज्य में 16,620 नए मामले सामने आए जो इस साल सामने आए सबसे अधिक नए मामले हैं।
अभी तक राज्य में कुल 23,29,464 लोगों को संक्रमित पाया जा चुका है और 52,909 लोगों की मौत हुई है।
रोकथाम के प्रयास
नागपुर में लॉकडाउन, पूरे राज्य में भी लगाई गई कड़ी पाबंदियां
मामलों में उछाल को काबू में करने के लिए राज्य सरकार ने कई कठोर कदम भी उठाए हैं और नागपुर में 21 मार्च तक पूर्ण लॉकडाउन लगाया गया है।
इसके अलावा सोमवार को नई गाइडलाइंस जारी करते हुए सरकार ने होटलों, सिनेमाघरों, रेस्टोरेंट्स और कार्यालयों को 50 प्रतिशत क्षमता पर कार्य करने को कहा है।
सभी तरह की सामाजिक, सांस्कृतिक, राजनीतिक और धार्मिक सभाओं पर रोक लगा दी गई है। शादियों में केवल 50 लोगों को आने की इजाजत होगी।