
भारत में सामने आ चुके हैं कोरोना वायरस के 7,000 से ज्यादा वेरिएंट- रिसर्च
क्या है खबर?
दुनियाभर में तबाही मचा रहे कोरोना महामारी फैलाने वाले SARS-CoV-2 के हजारों वेरिएंट की पहचान हो चुकी है। इनमें कुछ अधिक संक्रामक है तो कुछ इस वायरस के बर्ताव पर बहुत असर नहीं डाल रहे हैं।
अकेले भारत में महामारी की शुरुआत के बाद से कोरोना के 7,569 वेरिएंट की पहचान हो चुकी है। यह तब है जब देश में पर्याप्त सैंपलों को सीक्वेंस भी नहीं किया गया है।
आइये, यह पूरी खबर जानते हैं।
कोरोना वेरिएंट
CCMB हैदराबाद की रिसर्च से मिली जानकारी
हैदराबाद स्थित सेंटर फॉर सेल्युलर एंड मॉलिक्युलर बायोलॉजी (CCMB) की रिसर्च के मुताबिक, देश में कोरोना वायरस के 7,569 वेरिएंट फैले हुए हैं।
इनमें से 5,000 से ज्यादा वेरिएंट्स का विश्लेषण अकेले CCMB के वैज्ञानिकों ने किया है।
TOI के अनुसार, इस काम में देश की 35 लैबोरेट्री जुटी हुई हैं। अभी तक वर्गीकृत किए गए 7,569 वेरिएंट्स में से 5,898 की जिनोम सीक्वेंसिंग की गई है। वैज्ञानिकों का कहना है कि भारत पर्याप्त सीक्वेंसिंग नहीं कर रहा है।
बयान
बाकी देशों में मिले वेरिएंट भारत में कम फैले- मिश्रा
CCMB के निदेशक डॉ राकेश मिश्रा ने बताया कि अभी तक दुनिया के कई देशों में चिंता का कारण बने वेरिएंट भारत में बहुत कम जगह पाए गए हैं। इम्युन सिस्टम से बचकर निकलने वाले और तेजी से फैलने वाले वेरिएंट भारत में अभी तक नहीं फैल पाए हैं।
हालांकि, इसके पीछे वो अपर्याप्त सीक्वेंसिंग को भी एक वजह मानते हैं।
जिनोम सीक्वेंसिंग को आम भाषा में समझें तो इसके जरिये वायरस के जेनेटिक मैटेरियल की पहचान की जाती है।
बयान
दक्षिणी राज्यों में ज्यादा फैल रहे कुछ वेरिएंट- मिश्रा
मिश्रा ने बताया कि कुछ राज्यों में कई वेरिएंट ज्यादा फैल रहे हैं। उन्होंने कहा, "हमें कुछ सबूत मिले हैं कि देश के दक्षिणी राज्यों में N440K ज्यादा तेजी से फैल रहा है। इसके फैलाव को समझने के लिए इस पर निगरानी की जरूरत है।"
कोरोना वेरिएंट
किसी वेरिएंट से धीमी तो किसी से तेज हुई संक्रमण की गति
2019 के अंत में एक वेरिएंट के साथ शुरू हुए कोरोना वायरस के अब तक हजारों वेरिएंट पाए जा चुके हैं।
CCMB की रिसर्च में कहा गया है कि A3i में हुए म्यूटेशन के कारण इसके संक्रमण की गति धीमी हो गई थी।
बाद में इसके A2a वेरिएंट में हुए D614G म्यूटेशन के कारण इसने A3i की जगह ले ली और जून तक कई देशों में फैल गया। इसके बाद यह सालभर कई देशों में लोगों को संक्रमित करता रहा।
कोरोना वायरस
वायरस में बदलाव आना सामान्य बात
जानकारों का कहना है कि वायरस में बदलाव आना बहुत सामान्य है और SARS-CoV-2 में भी ऐसे बदलाव की संभावना थी।
वायरस हर समय बदलते हैं। कई बार नए स्ट्रेन बिना अपना असर दिखाए निष्क्रिय हो जाते हैं तो कई बार वो वायरस के व्यवहार में बदलाव लाए बिना फैलते रहते हैं। कम ही बार ऐसा होता है कि नए स्ट्रेन की वजह से वायरस और उसके फैलने की तरीकेे में बड़ा बदलाव देखा जाए।
कोरोना वायरस
देश और दुनिया में महामारी की क्या स्थिति?
जॉन्स हॉपकिन्स यूनिवर्सिटी के मुताबिक, दुनियाभर में अब तक लगभग 11.07 करोड़ लोग कोरोना वायरस से संक्रमित हो चुके हैं, वहीं 24.53 लाख की मौत हुई है।
सर्वाधिक प्रभावित अमेरिका में 2.80 करोड़ लोग संक्रमित हो चुके हैं और 4.95 लाख लोगों की मौत हुई है।
दूसरे नंबर पर काबिज भारत में भारत में अब तक 1.09 करोड़ लोगों में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हो चुकी है। इनमें से 1,56,212 लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी है।