
लोकसभा चुनाव: मणिपुर में मतदान केंद्र पर गोलीबारी, 3 घायल
क्या है खबर?
लोकसभा चुनाव के पहले चरण के मतदान के दौरान आज मणिपुर में उपद्रवियों ने मतदान केंद्र पर गोलीबारी की। इस गोलीबारी में 3 लोगों के घायल होने की खबर है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यह गोलीबारी बिष्णुपुर जिले के टेंग्नौपाल मतदान केंद्र पर हुई।
घटनास्थल से आई तस्वीरों में जमीन पर पड़ी EVM आदि देखी जा सकती हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, उपद्रवियों ने केंद्र में घुसकर EVM लूटने की कोशिश की।
बहिष्कार
मणिपुर से आ रहीं कई चिंतित करने वाली खबरें
बता दें, एक साल से जारी हिंसा के कारण मणिपुर में कई जगह लोग मतदान का बहिष्कार कर रहे हैं। इसके अलावा कई जगहों पर खास उम्मीदवारों के बहिष्कार की भी खबर है।
मैतेई उग्रवादी संगठन अरामबाई तेंगगोल के मतदान केंद्र पर कांग्रेस का कोई भी प्रतिनिधि नहीं रहने की धमकी दी है।
इसके अलावा कुछ अपुष्ट रिपोर्ट्स में उग्रवादियों के मतदान केंद्रों पर कब्जा करने की खबर भी है। हालांकि, अभी तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
ट्विटर पोस्ट
देखें गोलीबारी का वीडियो
MANIPUR | Gunshots were fired near a polling booth in Thamanpokpi in the Moirang area of Manipur on Friday morning amid the voting for phase 1 Lok Sabha elections triggering panic in the area. A video circulating online shows commotion and people shouting before gunshots are… pic.twitter.com/eo2FT4AKZY
— ℝ𝕒𝕛 𝕄𝕒𝕛𝕚 (@Rajmajiofficial) April 19, 2024
मतदान
मणिपुर की 2 सीटों पर हो रहा है मतदान
बता दें कि लोकसभा चुनाव के पहले चरण में आज मणिपुर की 2 सीटों पर मतदान हो रहा है। इनमें इनर मणिपुर और आउटर मणिपुर सीटें शामिल हैं।
इनर सीट पर पिछले लोकसभा चुनाव में भाजपा के थौनाओजम बसंत कुमार सिंह ने जीत दर्ज की थी। इस बार भी वह इस सीट से उम्मीदवार हैं।
आउटर सीट पर भाजपा की सहयोगी नागा पीपल्स फ्रंट (NPF) के कचुई टिमोथी जिमिक जीते थे। इस बार भी वह उम्मीदवार हैं।
हिंसा
मणिपुर में लगभग एक साल से जारी है हिंसा
मणिपुर में पिछले साल 3 मई से हिंसा जारी है। तब आदिवासी समुदाय कुकी ने मैतेई समुदाय को अनुसूचित जनजाति (ST) का दर्जा देने के खिलाफ मार्च निकाला था, जिसके बाद हिंसा भड़क गई थी।
मणिपुर हिंसा में अब तक 200 से अधिक लोगों की मौत हुई है, वहीं 1,100 से अधिक लोग घायल हुए हैं।
मणिपुर में 53 प्रतिशत मैतेई है, जो घाटी में रहते हैं, वहीं कुकी समेत 40 प्रतिशत आदिवासी हैं, जो पहाडों पर रहते हैं।