
क्या गायों की तरह लोगों की भी देखभाल करता है गीर सोमनाथ प्रशासन- गुजरात हाई कोर्ट
क्या है खबर?
गुजरात सरकार ने गौहत्या और उनकी तस्करी को रोकने के लिए सख्त कानून बना रखा है। इसको लेकर पुलिस भी काफी सख्त रवैया अपनाती है और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करती है।
गत दिनों गीर सोमनाथ जिला मजिस्ट्रेट ने पशु क्रूरता के मामले में एक शख्त को हिरासत में लेने के आदेश दिया था। इस मामले में गुजरात हाई कोर्ट ने जिला प्रशासन ने पूछा है कि क्या वह गायों की तरह लोगों की देखभाल के लिए भी गंभीर है।
प्रकरण
गाय से क्रूरता के मामले में दिया था हिरासत का आदेश
बता दें कि गत दिनों गीर सोमनाथ जिला मजिस्ट्रेट के पास शिकायत पहुंची थी कि एक शख्स गायों को इस तरह से बांधता है कि वह पानी तक भी नहीं पी सकती है।
इसको लेकर उस शख्स के खिलाफ असामाजिक गतिविधि रोकथाम अधिनियम (PASA) लगाया गया था।
इतना ही जिला मजिस्ट्रेट ने शख्स को हिरासत में लेने के भी आदेश जारी किए थे। जिला मजिस्ट्रेट के इस आदेश को परिवादी ने हाई कोर्ट में चुनौती दी थी।
सुनवाई
क्या इंसानों की भी की जाती है इसी तरह से देखभाल- हाई कोर्ट
मामले में सुनवाई करते हुए हाई कोर्ट ने कहा कि राज्य में गायों की रक्षा करना ठीक है, लेकिन क्या गीर सोमनाथ जिला प्रशासन गायों की तरह ही वहां के लोगों की भी देखभाल करता है।
कोर्ट ने जिला मजिस्ट्रेट को सवाल का जवाब देने के लिए 13 अगस्त तक का समय दिया है।
इसके अलावा जवाब आने तक याचिकाकर्ता को हिरासत से छूट देने के लिए भी कहा है। अगली सुनवाई के बाद मामले में फैसला सुनाया जाएगा।
टिप्पणी
जवाब पर किया जाएगा विचार- हाई कोर्ट
हाई कोर्ट ने कहा कि ऐसे मामलों में हिरासत में लेने वाले अधिकारी को यह भी बताना होता है कि जिस तरह से गायों की सुरक्षा के लिए कदम उठाए जा रहे हैं, क्या उसी तरह से लोगों की देखभाल के लिए उठाए जा रहे हैं या नहीं। यदि अगली तारीख तक जवाब दिया जाता है तो उस पर गौर किया जाएगा।
कोर्ट ने कहा कि जवाब दाखिल करने से पहले याचिकाकर्ता को सुरक्षा मुहैया कराए जाने की आवश्यकता है।
जानकारी
गुजरात हाई कोर्ट ने पहले भी पूछा था यही सवाल
यह पहली बार नहीं जब हाई कोर्ट ने यह सवाल पूछा हैं। इससे पहले 28 जून के आदेश में भी कोर्ट ने इसी तरह का सवाल पूछा था, लेकिन अधिकारियों ने इस पर कोई जवाब नहीं आया। अब कोर्ट ने फिर वही सवाल पूछा है।
कानून
गुजरात में गौहत्या को रोकने के लिए है सख्त कानून
गुजरात में गौहत्या या उनकी तस्करी तथा गोमांस की हेराफेरी रोकने के लिए सख्त कानून लागू है। इस कानून के तहत सात साल से लेकर उम्र कैद तक की सजा का प्रावधान है।
राज्य में पहली बार साल 2007 में गोरक्षा के लिए कानून बनाया गया था, लेकिन साल 2017 में इसे और अधिक सख्त कर दिया गया था।
इस कानून की खास बात यह है कि इसमें पकड़े जाने वाले लोगों को जमानत भी नहीं मिल सकती है।