
दिल्ली हाई कोर्ट ने कार को बताया "सार्वजनिक स्थल", अकेले चलाते समय भी मास्क पहनना अनिवार्य
क्या है खबर?
दिल्ली हाई कोर्ट ने आज एक अहम फैसला सुनाते हुए कहा कि अकेले कार चलाते समय भी मास्क पहनना अनिवार्य है। कार को 'सार्वजनिक स्थल' बताते हुए कोर्ट ने कहा कि जिस व्यक्ति ने मास्क पहना है, उसके साथ-साथ उसके आसपास के लिए लोगों के लिए भी मास्क एक सुरक्षा कवच है।
अकेले कार चलाते समय मास्क न पहनने पर चालान से संबंधित एक मामले पर सुनवाई करते हुए जज प्रतिभा एस सिंह ने ये बातें कहीं।
सवाल
कार में अकेले होने पर मास्क पहनने से आपत्ति क्यों- जज
मामले की सुनवाई के दौरान जज प्रतिभा सिंह ने कहा, "अगर आप कार में अकेले भी हैं तो मास्क पहनने में इतनी आपत्ति क्यों? यह आपकी खुद की सुरक्षा के लिए है। इतना सचेत तो हर व्यक्ति रह ही सकता है।"
कार को एक 'सार्वजनिक स्थल' बताते हुए उन्होंने कहा, "महामारी का संकट अब बढ़ गया है। किसी व्यक्ति को वैक्सीन लगी हो या नहीं, उन्हें कार में मास्क पहनना चाहिए।"
दलील
"ट्रैफिक सिग्नल पर कार रुकने पर भी कोई व्यक्ति हो सकता है संक्रमित"
कार में मास्क पहनने की जरूरत समझाते हुए जज ने आगे कहा, "जब ट्रैफिक सिग्नल पर कार रुकती है तो कई बार कार चालक को अपनी साइड वाली खिड़की खोलनी पड़ती है। कोरोना वायरस इतना संक्रामक है कि इस समय में भी किसी व्यक्ति को अपना शिकार बना सकता है।"
उन्होंने कहा कि सरकार ने लोगों को सुरक्षित रखने के लिए ही नियम बनाए हैं, इसलिए लोग इसे नाक का मुद्दा बनाने से बचें।
याचिका
सौरभ शर्मा नामक वकील की याचिका पर सुनवाई कर रही थी कोर्ट
हाई कोर्ट ने यह आदेश सौरभ शर्मा नामक एक वकील की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया। सौरभ ने अपनी याचिका में कहा था कि वह 9 सितंबर, 2020 को अकेला निजी कार चलाकर जा रहा था, तभी दिल्ली पुलिस ने उसे रोक लिया और मास्क न पहनने के लिए 500 रुपये का चालान काट दिया।
इस जुर्माने को गलत बताते हुए उन्होंने कहा था कि केंद्र सरकार कहा था कि अकेले कार चलाते हुए मास्क पहनना अनिवार्य नहीं है।
सरकार का पक्ष
दिल्ली सरकार ने कहा- अकेले कार चलाते समय मास्क अनिवार्य
सुनवाई के दौरान दिल्ली सरकार ने कहा था कि अकेले कार चलाते समय भी मास्क पहनना अनिवार्य है और वह इस संबंध में पिछले साल अप्रैल में ही आदेश जारी कर चुकी है।
वहीं केंद्र सरकार ने कहा कि उसने ऐसा कोई आदेश नहीं दिया है कि अकेले गाड़ी चला रहे व्यक्ति को भी मास्क पहनना पड़ेगा, लेकिन स्वास्थ्य राज्यों का विषय है और वह चाहें तो इस मुद्दे पर अपने नियम बना सकते हैं।
अन्य याचिकाएं
दो और लोगों ने डाली है चालान के खिलाफ याचिका
बता दें कि दिल्ली हाई कोर्ट ऐसी दो और याचिकाओं पर सुनवाई कर रही है जिनमें अकेले गाड़ी चलाते समय मास्क न पहनने पर काटे गए 500 रुपये के चालान को रद्द करने की मांग की गई है।
इनमें से एक याचिका आदित्य कौशिक और दूसरी याचिका दीपक अग्रवाल ने दायर की है। इन दोनों ने अपनी याचिकाओं में चालान कटने के कारण हुई "मानसिक प्रताड़ना" के लिए 10 लाख रुपये का मुआवजा भी मांगा है।