
दिल्ली कोचिंग हादसा: अग्निशमन विभाग ने शुरू की सेंटर की NOC रद्द करने की प्रक्रिया
क्या है खबर?
दिल्ली के ओल्ड राजेंद्र नगर स्थित राऊ के IAS स्टडी सर्किल कोचिंग सेंटर के बेसमेंट में पानी भरने से हुई 3 सिविल सेवा परीक्षा उम्मीदवारों की मौत के मामले में अग्निशमन विभाग ने सेंटर के अनापत्ति प्रमाणपत्र (NOC) को रद्द करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
विभाग ने कोचिंग सेंटर को यह NOC भंडारण उद्देश्यों के लिए दी थी।
इसी तरह उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने धरना दे रहे छात्रों से मिलकर उचित कार्रवाई का भरोसा दिलाया है।
NOC
NOC को किया जा रहा है रद्द- अग्निशमन अधिकारी
अग्निशमन विभाग के अधिकारी ने बताया कि कोचिंग सेंटर संचालक ने बेसमेंट को भंडारण उद्देश्य से इस्तेमाल करने का शपथ पत्र देकर NOC जारी कराई थी, लेकिन उसने इसका पालन नहीं किया है। ऐसे में उसकी NCO को रद्द कर झूठा शपथ पत्र पेश करने के संबंध में कार्रवाई की जा रही हे।
उन्होंने बताया कि क्षेत्र में जारी की गई NCO को लेकर सत्यापन किए जा रहे हैं। सभी दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
मुलाकात
धरना स्थल पर पहुंचे उपराज्यपाल
3 अभ्यर्थियों की मौत के बाद दर्जनों अभ्यर्थी कार्रवाई की मांग को लेकर ओल्ड राजेंद्र नगर इलाके में धरना दे रहे हैं।
दोपहर में उपराज्यपाल सक्सेना ने धरना स्थल पहुंचे तो धरनार्थियों ने 'हमे न्याय चाहिए' के नारे लगाना शुरू कर दिया।
इस दौरान उपराज्यपाल ने दोषियों को न बख्शने का वादा करते हुए बैरिकेड्स हटा दिए।
उन्होंने कहा, "मैं वादा करता हूं कि जो भी जिम्मेदार हैं, उन्हें सजा दी जाएगी। किसी को भी नही बख्शा जाएगा।"
कार्रवाई
ओल्ड राजिंदर नगर में की अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई
दिल्ली नगर निगम (MCD) ने ओल्ड राजिंदर नगर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की। इसमें कोचिंग सेंटरों के सामने बने रैंप जैसे अवैध अतिक्रमणों को JCB मशीन से ध्वस्त किया गया।
इस दौरान 4 बेसमेंट को सील किया गया, जिसमें 14 कोचिंग संस्थान या कार्यालय संचालित थे। इसी तरह 4 अन्य बेसमेंट वाली संपत्तियों को सील करने की प्रक्रिया जारी है।
इसके अलावा मामले में लापरवाही बरतने के मामले में दो अधिकारियों को निलंबित भी किया गया है।
आह्वान
केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने किया मामले में राजनीति न करने का आह्वान
3 अभ्यर्थियों की मौत के बाद राजनीति गरमा गई है। भाजपा और कांग्रेस इसके लिए आम आदमी पाटी (AAP) सरकार को जिम्मेदार मान रहे हैं।
दिल्ली भाजपा प्रमुख वीरेंद्र सचदेवा ने तो घटना को हत्या करार देते हुए अरविंद केजरीवाल सरकार से इस्तीफा देने की मांग की है।
इस बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस मामले में राजनीति बंद करने का आह्वान किया है। इसके अलावा कोचिंग संस्थानों को नियमों का पालन करने के निर्देश दिए हैं।
पत्र
सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी कर रहे छात्र ने मुख्य न्यायाधी को लिखा पत्र
इस पूरे मामले के बीच सिविल सेवा परीक्षा छात्र अविनाश दुबे ने मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ को पत्र लिखकर राजेंद्र और मुखर्जी नगर जैसे क्षेत्रों में खराब बुनियादी ढांचे की ओर ध्यान दिलाया है।
छात्र ने पत्र में लिखा है कि मुखर्जी और राजेंद्र नगर में नगर निगम की लापरवाही से हर साल जलभराव होता है। लोगों को घुटनों तक पानी में चलना पड़ता है। वह खुद नरक की जिंदगी जीते हुए परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं।
मांग
छात्र ने की दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग
दुबे ने लिखा, "हमारे जैसे छात्र किसी भी तरह अपने लक्ष्य की ओर बढ़ रहे हैं, लेकिन 27 जुलाई की घटना ने साबित कर दिया कि उनका जीवन सुरक्षित नहीं है। दिल्ली सरकार और नगर निगम हमें (कीड़ों) जैसा जीवन जीने को मजबूर कर रहे हैं।"
उन्होंने इस पूरे मामले में अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करते हुए कार्रवाई की मांग की है।
हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं कि मुख्य न्यायाधीश ने इसे याचिका के रूप में लिया है या नहीं।
पृष्ठभूमि
कैसे हुआ कोचिंग में हादसा?
27 जुलाई की शाम को ओल्ड राजेंद्र नगर स्थित राउ कोचिंग सेंटर के बेसमेंट में बनी लाइब्रेरी में भारी बारिश के बाद पानी घर गया था।
इस वजह से करीब 35 छात्र फंस गए थे, जिनमें से अधिकतर को बाहर निकाल लिया गया, लेकिन 3 को नहीं बचाया जा सका।
मृतकों की पहचान नेविन डाल्विन, तान्या सोनी और श्रेया यादव के तौर पर हुई है। नेविन केरल, श्रेया उत्तर प्रदेश और तान्या तेलंगाना की रहने वाली थीं।