
कोविशील्ड से वैक्सीनेशन के बाद 93 प्रतिशत कम हुए संक्रमण के मामले- स्टडी
क्या है खबर?
सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (SII) की कोरोना वायरस वैक्सीन 'कोविशील्ड' को भारतीय सशस्त्र बलों के स्वास्थ्यकर्मियों और फ्रंटलाइन कर्मचारियों पर की गई एक स्टडी में 93 प्रतिशत प्रभावी पाया गया है।
इस स्टडी में सेना के 15.95 लाख से अधिक जवानों और स्वास्थ्यकर्मियों के डाटा का विश्लेषण किया गया और ये दुनिया में अपनी तरह की सबसे बड़ी स्टडी है।
ये स्टडी ऐसे समय पर की गई थी जब देश में कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर आई हुई थी।
स्टडी
क्या रहे स्टडी के नतीजे?
VIN-WIN स्टडी में सशस्त्र बलों के 15,95,630 स्वास्थ्यकर्मियों और फ्रंटलाइन कर्मचारियों के 30 मई तक के डाटा का विश्लेषण किया गया। इनमें से 95.4 प्रतिशत लोगों को कोविशील्ड की एक खुराक लगी थी, वहीं 82.2 प्रतिशत को दोनों खुराकें लग चुकी थीं।
स्टडी के नतीजों में वैक्सीन न लगवाने वाले समूह में संक्रमण के 10,061, एक खुराक लगवाने वाले समूह में 1,159 और दोनों खुराकें लगवाने वाले समूह में 2,512 मामले सामने आए।
इस तरह वैक्सीन 91.8-94.9 प्रतिशत प्रभावी रही।
मौतें
वैक्सीनेशन के बाद मौतों में भी आई कमी
कोविशील्ड के कारण वैक्सीन के कारण होने वाले मौतों में भी कमी आई। जहां वैक्सीन न लगवाने वाले समूह में 37 लोगों की मौत हुई, वहीं एक खुराक लगवाने वाले समूह में 16 और दोनों खुराक लगवाने वाले समूह में सात लोगों की मौत हुई।
इस स्टडी को मंगलवार को भारतीय सशस्त्र बलों के पीयर-रिव्यूज मेडिकल जर्नल में प्रकाशित किया गया और ये संक्रमण और मौत से बचाव में वैक्सीनेशन के लाभ को दर्शाती है।
बयान
वैक्सीनेशन की प्रभावशीलता पर अब तक की सबसे बड़ी स्टडीज में से एक है स्टडी
स्टडी के लेखकों में शामिल एयर कमोडोर सुब्रमण्यम शंकर ने इंडियन एक्सप्रेस के साथ बातचीत में कहा, "ये वैक्सीन की प्रभावशीलता को लेकर भारत की सबसे बड़ी स्टडी है। बाकी स्टडीज में सैंपल साइज 10 लाख से कम ही रहा है।"
अन्य स्टडी
स्कॉटलैंड में हुई थी 13.3 लाख लोगों पर स्टडी
इससे पहले अप्रैल में प्रकाशित हुए स्कॉटलैंड की एक स्टडी में 13.3 लाख लोगों के डाटा का विश्लेषण किया गया था। इन लोगों को दिसंबर से फरवरी के बीच वैक्सीन लगी थी और स्टडी के जरिए पता लगाने की कोशिश की गई थी कि फाइजर और एस्ट्राजेनेका (कोविशील्ड) की वैक्सीनों की एक खुराक अस्पताल में भर्ती होने के खतरे को कम करने में कितनी प्रभावी है।
फाइजर को 91 प्रतिशत और एस्ट्राजेनेका को 88 प्रतिशत प्रभावी पाया गया था।
कोरोना का कहर
भारत में क्या है कोरोना महामारी की स्थिति?
देश में बीते दिन कोरोना वायरस से संक्रमण के 43,509 नए मामले सामने आए और 640 मरीजों की मौत हुई।
इसी के साथ देश में कुल संक्रमितों की संख्या 3,15,28,114 हो गई है। इनमें से 4,22,662 लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी है।
सक्रिय मामलों की संख्या लगातार दूसरे दिन बढ़कर 4,03,840 हो गई है।
देश में बीते दिनों में कई बार सक्रिय मामले बढ़ चुके हैं, जो चिंता की बात है।