
अब CISF संभालेगी संसद की सुरक्षा, दिल्ली पुलिस से छीनी गई
क्या है खबर?
सुरक्षा में सेंध के बाद अब संसद की सुरक्षा की जिम्मेदारी दिल्ली पुलिस के हाथों से लेकर केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) को सौंप दी गई है।
NDTV के मुताबिक, 13 दिसंबर को 2 युवकों द्वारा संसद में घुसकर उत्पात मचाने के बाद यह निर्णय लिया गया है। CISF संसद की बाहरी परिधि की रक्षा करेगी, जो दिल्ली पुलिस करती थी।
वह प्रवर्तन एजेंसी प्रभारी के रूप में प्रवेशकों की तलाशी लेने के साथ-साथ अन्य सुरक्षा संबंधी सभी जिम्मेदारियां संभालेगी।
सुरक्षा
संसद में होती है 3 स्तरीय सुरक्षा
संसद में प्रवेश कर पाना इतना आसान नहीं होता। संसद में मुख्य गेट से प्रवेश से लेकर संसद भवन के अंदर और सदनों के अंदर जाने तक 3 से 4 बार जांच की जाती है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, संसद के बाहर दिल्ली पुलिस उपकरणों से जांच करती थी। संसद भवन के अंदर जाने से पहले मेटल डिटेक्टर से जांच होती है।
भवन के अंदर जाने पर एक बार फिर जांच होती है और नियम बताए जाते हैं।
बदलाव
कैसे होती है संसद की सुरक्षा?
संसद में बाहर से लेकर अंदर तक दिल्ली पुलिस, संसदीय सुरक्षा सेवा (PSS) और संसदीय ड्यूटी ग्रुप (PDG) सुरक्षा का जिम्मा संभालती हैं।
संसद भवन के अंदर संयुक्त सचिव (सुरक्षा) निगरानी करते हैं। संसद की अपनी अलग सुरक्षा यूनिट और कंट्रोल रूम है। पूरा भवन CCTV कैमरे से लैस है।
13 दिसंबर, 2023 की घटना के बाद संसद की सुरक्षा को लेकर नियम और सख्त किए गए हैं। साथ ही आगंतुक पास पर रोक लगा दी गई है।
घटना
संसद की सुरक्षा पर क्यों उठ रहे सवाल?
13 दिसंबर को 2 युवकों ने आगंतुक पास के जरिए संसद में प्रवेश किया था और दर्शक दीर्घा से लोकसभा में कूदकर हंगामा मचा दिया।
दोनों को मैसूर से भाजपा सांसद प्रताप सिम्हा ने पास जारी किया था। दोनों पुलिस हिरासत में हैं। साथ ही योजना में शामिल 4 अन्य गिरफ्तार हुए हैं।
संसद में सुरक्षा को लेकर विपक्षी सांसद लगातार केंद्र सरकार पर हमलावर है। सवाल उठाने पर 143 विपक्षी सांसद निलंबित कर दिए गए हैं।