
रफ्तार पकड़ रहा है ISRO का गगनयान मिशन, चुने गए चार अंतरिक्ष यात्री
क्या है खबर?
भारत के पहले मानव युक्त अंतरिक्ष मिशन 'गगनयान' के लिए चार अंतरिक्ष यात्रियों का चयन कर लिया गया है।
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के प्रमुख के सिवन ने नये साल के मौके पर इस बात की जानकारी दी।
गगनयान मिशन के तहत 2022 से पहले अंतरिक्ष में सात दिनों के लिए तीन अंतरिक्ष यात्री भेजे जाएंगे। सिवन ने कहा कि इनकी ट्रेनिंग इस साल की मुख्य गतिविधि रहने वाली है।
आइये, इस बारे में विस्तार से जानते हैं।
जानकारी
गगनयान मिशन के लिए मिली है 10,000 करोड़ के बजट की मंजूरी
सिवन ने गगनयान मिशन के बारे में बताते हुए कहा कि इसके कई सिस्टम की टेस्टिंग की जानी बाकी है। उन्होंने कहा कि 2019 में गगनयान मिशन पर काफी काम हुआ है। चार अंतरिक्ष यात्रियों की ट्रेनिंग जनवरी के तीसरे सप्ताह से शुरू हो जाएगी।
चयन
भारतीय वायुसेना से चुने गए हैं अंतरिक्ष यात्री
गगनयान मिशन पर भेजने के लिए भारतीय वायुसेना के पायलटों को चुना गया है।
ISRO ने इन अंतरिक्षयात्रियों को चुनने का काम वायुसेना के इंस्टीट्यूट ऑफ एयरोस्पेस मेडिसिन (IAM) का सौंपा गया था।
इसी इंस्टीट्यूट ने 1980 के दशक में भारत-सोवियत रूस के अंतरिक्ष कार्यक्रमों में मेडिकल सहायता दी थी।
IAM ने सितंबर में पायलटों के उस समूह का चयन किया था, जिसमें से चार अंतरिक्ष यात्री चुने गए हैं। इनकी ट्रेनिंग रूस में होगी।
चुनौतियां
केवल तीन देश पूरा कर पाएं हैं ऐसा मिशन
अंतरिक्ष में मानव भेजने का काम पेचीदा, गंभीर और समय लेने वाला है। कई विकसित देशों को इसमें चुनौतियों का सामना करना पड़ा है और उन्होंने अंतरिक्ष में मानव भेजने के मिशन को टाल दिया।
गौरतलब है कि भारत से पहले केवल अमेरिका, चीन और रूस तीन देश ही ऐसे हैं जिन्होंने यह मिशन पूरा किया है।
ऐसे में अगर भारत का यह मिशन सफल रहता है तो भारत ऐसा करने वाला दुनिया का चौथा देश बन जाएगा।
मिशन की टेस्टिंग
इस साल भेजी जाएंगी दो टेस्ट फ्लाइट
ISRO ने गगनयान मिशन के लिए दिसंबर 2021 की समयसीमा तय की है। दिसंबर में तीन भारतीय अंतरिक्ष यात्रियों को गगनयान मिशन पर भेजा जाएगा।
इसका अभ्यास करने के लिए ISRO पहले दो मानवरहित फ्लाइट टेस्ट करेगा। पहली फ्लाइट जून 2020 और दूसरी दिसंबर 2020 में भेजी जाएगी।
इनकी पुख्ता सुरक्षा के लिए ISRO बेहद सावधानी से कदम उठा रहा है। इनके बाद दिसंबर 2021 में अंतरिक्ष यात्रियों वाली फ्लाइट भेजी जाएगी।
चंद्रयान-3
चंद्रयान-3 मिशन को मिल चुकी है मंजूरी
केंद्र सरकार ने चंद्रयान-3 मिशन को मंजूरी दे दी है। अंतरिक्ष विभाग के केंद्रीय राज्यमंत्री जितेंद्र सिंह ने 31 दिसंबर को इसका ऐलान करते हुए बताया कि लैंडर और रोवर के साथ चंद्रयान-3 चंद्रमा की सतह पर उतरने की कोशिश करेगा।
ISRO ने इस पूरे मिशन का रोडमैप तैयार कर लिया है और आगे की तैयारी चल रही है।
इसके लिए अक्टूबर से लेकर अब तक चार उच्च स्तरीय बैठकें हो चुकी हैं।
जानकारी
चंद्रयान-3 के बारे में क्या बोले सिवन?
चंद्रयान-3 के बारे में जानकारी देते हुए सिवन ने कहा कि इस मिशन से जुड़े सभी काम सही दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा, "हमारे पास चंद्रयान-2 में ऑर्बिटर-लैंडर-रोवर कॉन्फिगरेशन थी। चंद्रयान-3 में प्रोपल्शन मॉड्यूल के साथ लैंडिंग और रोवर कॉन्फिगरेशन होगी।"