
कौन हैं बमन और बेली, जिनके हाथ में दिखा 'द एलिफेंट विस्परर्स' का ऑस्कर?
क्या है खबर?
गुनीत मोंगा की ऑस्कर विजेता शॉर्ट फिल्म 'द एलिफेंट विस्परर्स' की निर्देशक कार्तिकी गोनसाल्वेस ने बुधवार रात एक खूबसूरत तस्वीर शेयर की।
इस तस्वीर में एक बुजुर्ग दंपत्ति ऑस्कर की ट्रॉफी थामे नजर आ रही है। ऑस्कर के साथ उनकी मुस्कान को देखकर हर किसी का दिल खुश हो गया और लोग कहने लगे कि उन्हें इसी तस्वीर का इंतजार था।
तस्वीर में दिख रही दंपत्ति बमन और बेली हैं, जिन पर 'द एलिफेंट विस्परर्स' बनाई गई है।
पोस्ट
कार्तिकी ने साझा की बमन और बेली की तस्वीर
कार्तिकी ने बमन और बेली की तस्वीर साझा करते हुए लिखा, 'हम चार महीनों से अलग थे। अब ऐसा लग रहा है कि मैं घर आ गई हूं।'
इस तस्वीर को देखते ही लोगों ने प्यार बरसाना शुरू कर दिया। कई सेलिब्रिटीज ने भी इस तस्वीर पर कॉमेंट किए।
तस्वीर देखकर आम प्रशंसकों का दिल भी भर आया। लोगों ने कार्तिकी के लिए लिखा कि उन्होंने उन लोगों पर प्रकाश डाला है, जिनके पास सबसे चमकती हुई मुस्कान है।
परिचय
कौन हैं बमन और बेली?
बमन और बेली तमिलनाडु के मडुमलई नेशनल पार्क में अनाथ हाथियों की सेवा करते हैं।
वन अधिकारियों ने उन्हें रघु नाम के हाथी के बच्चे की देखरेख करने का जिम्मा दिया था। किसी को भी रघु के बचने की उम्मीद नहीं थी, लेकिन बमन और बेली ने उसे इतना प्यार दिया कि वह फिर से स्वस्थ हो गया।
'द एलिफेंट विस्परर्स' में रघु के साथ बमन-बेली के इसी संबंध को फिल्माया गया है।
दंपत्ति
रघु की देख-रेख के बीच दोनों ने रचाई शादी
डॉक्यूमेंट्री में मानव और जंगल के परस्पर संबंध को भी दिखाया गया है।
बाघ के हमले से बेली के पूर्व पति की मौत हो गई थी। इसके बाद से वह जंगल में जाने से डरने लगीं।
रघु का ध्यान रखते-रखते वह फिर से जंगल के साथ सहज हो गईं।
रघु के पालन-पोषण के दौरान ही बमन और बेली ने शादी भी रचा ली।
उनके इस बेहद सरल, लेकिन दिल छू लेने वाली कहानी ने दर्शकों को खूब प्रभावित किया।
ऑस्कर
दोनों नहीं जानते थे क्या होता है ऑस्कर
'द एलिफेंट विस्परर्स' के ऑस्कर जीतने के बाद बमन और बेली सुर्खियों में आ गए थे। मीडिया को उन्होंने बताया था कि उन्होंने यह डॉक्यूमेंट्री नहीं देखी है और न ही वे ऑस्कर के बारे में कुछ जानते हैं।
अब यह तस्वीर देखकर लगता है कि कार्तिकी ने उन्हें उनकी उपलब्धि के बारे में सब बता दिया है। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन भी बमन और बेली को सम्मानित करते हुए 1-1 लाख रुपये का चेक दे चुके हैं ।