
लेखपाल पेपर लीक: देहरादून में छात्रों का प्रदर्शन, झड़प के बाद पुलिस ने किया लाठीचार्ज
क्या है खबर?
उत्तराखंड के देहरादून में सरकारी नौकरी की परीक्षाओं की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों की पुलिस के साथ झड़प हो गई।
अभ्यर्थी उत्तराखंड लोक सेवा आयोग (UKPSC) और उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSC) की भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं को लेकर धरना-प्रदर्शन कर रहे थे।
इस दौरान पुलिस ने छात्रों की भीड़ को बलपूर्वक हटाने की कोशिश की। मामले में प्रदर्शनकारियों द्वारा पथराव की खबर भी सामने आई है।
मामला
क्या है मामला?
उत्तराखंड में 8 जनवरी, 2023 को हुई पटवारी-लेखपाल भर्ती परीक्षा का पेपर लीक हो गया था। इससे पहले साल 2021 में UKSSC परीक्षा का पर्चा आउट हुआ था।
यही नहीं लेखपाल, JE और AE जैसी परीक्षाओं में गड़बड़ी सामने आ चुकी है। भर्ती परीक्षाओं में लगातार सामने आ रही धांधली से आक्रोशित छात्र देहरादून में धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं।
पुलिस युवाओं को समझाने पहुंची, लेकिन वह नहीं माने। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हो ग।
परीक्षा
लेखपाल का पेपर लीक होने के बाद फूटा छात्रों का गुस्सा
लगातार गड़बड़ी के बीच 8 जनवरी को पटवारी-लेखपाल परीक्षा का पेपर लीक हुआ तो छात्रों का गुस्सा फूट पड़ा।
इस पेपर को आयोग के ही अतिगोपान विभाग के अनुभाग अधिकारी संजीव चतुर्वेदी ने पत्नी के साथ मिलकर लीक कराया था।
मामले में पुलिस ने कई आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
इससे पहले साल 2021 में आरोपियों ने 4 और 5 दिसंबर को UKSSC की परीक्षा का प्रश्नपत्र लीक कराकर अभ्यर्थियों को उपलब्ध करा दिया था।
जानकारी
क्या है छात्रों की मांग?
प्रदर्शन कर रहे छात्रों की मांग है कि राज्य सरकार जल्द से जल्द भर्ती परीक्षाओं में हो रही गड़बड़ी रोकने के लिए कोई सख्त कदम उठाए। इसके साथ ही उन्होंने पेपर लीक मामलों की केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से जांच की मांग की है।
ट्विटर पोस्ट
छात्रों और पुलिस में झड़प
#बिहार के बाद #देहरादून में छात्रों पर लाठीचार्ज।छात्र सुबह से धरना प्रदर्शन कर रहे थे परीक्षा में धांधली की #CBI जाँच की माँग के साथ। शाम तक पुलिस का धैर्य जवाब दे गया और दे लाठी दे लाठी दौड़ा दौड़ा कर छात्रों को मारा गया pic.twitter.com/7QEyzj3LLF
— Mamta Tripathi (@MamtaTripathi80) February 9, 2023
सरकार
राज्य सरकार बनाएगी नकल विरोधी कानून
परीक्षा भर्ती में अनियमितता को लेकर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जांच बुलाई है और आरोपियों को कठोर सजा की बात कही है।
राज्य सरकार जल्द ही सरकारी नौकरी की भर्ती परीक्षाओं के लिए एक नया कानून पेश करेगी।
इस कानून को "नकल विरोधी कानून" के रूप में जाना जाएगा। इस कानून में जो भी उम्मीदवार परीक्षा के दौरान नकल संबंधी गतिविधियों में संलिप्त पाया जाएगा, उसे 10 साल के प्रतिबंध के साथ सजा का प्रावधान होगा।