
ट्रंप के टैरिफ से वॉल स्ट्रीट में उथल-पुथल, बाजारों में कोविड के बाद सबसे बड़ी गिरावट
क्या है खबर?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत और चीन समेत दुनिया के कई देशों के लिए इस हफ्ते नए टैरिफ की घोषणा की है, जिसके बाद वॉल स्ट्रीट में भारी गिरावट देखी गई।
ट्रंप की घोषणा ने निवेशकों को चौंका दिया और बाजार को हिला कर रख दिया।
S&P 500 में 4.8 प्रतिशत और डॉव जोन्स में 1,679 अंकों की गिरावट आई, जबकि नैस्डैक 6 प्रतिशत नीचे गया। यह गिरावट 2020 की महामारी के बाद सबसे बड़ी मानी जा रही है।
खतरा
आर्थिक विकास पर बड़ा खतरा
UBS के अनुसार, टैरिफ अमेरिकी आर्थिक वृद्धि को 2 प्रतिशत तक घटा सकते हैं और मुद्रास्फीति 5 प्रतिशत तक पहुंच सकती है, जिससे आर्थिक स्थिरता को गंभीर चुनौती मिल सकती है।
छोटे शेयरों का रसेल 2000 इंडेक्स 6.6 प्रतिशत गिर गया, जिससे स्पष्ट है कि छोटे व्यवसायों पर भारी असर पड़ा है।
इस आर्थिक अनिश्चितता ने करीब 1.70 लाख अरब रुपये से अधिक बाजार पूंजी को मिटा दिया है, जिससे निवेशकों में चिंता का माहौल है।
बाजार
वैश्विक बाजारों में भी हड़कंप
ट्रंप की घोषणा का असर केवल अमेरिका तक सीमित नहीं रहा।
फ्रांस के CAC 40 में 3.3 प्रतिशत, जर्मनी के DAX में 3 प्रतिशत और जापान के निक्केई में 2.8 प्रतिशत की गिरावट आई। हांगकांग, दक्षिण कोरिया और अन्य एशियाई बाजार भी नीचे आए।
अमेरिकी डॉलर की कीमत गिरी और सोने की कीमतों में भी गिरावट दर्ज की गई। इससे स्पष्ट है कि यह टैरिफ वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी भारी असर डाल सकते हैं।
भूमिका
फेडरल रिजर्व की संभावित भूमिका
बाजार की गिरावट को देखते हुए अब उम्मीद की जा रही है कि फेडरल रिजर्व ब्याज दरों में कटौती कर सकता है।
हालांकि, मुद्रास्फीति बढ़ने की आशंका से फेड के पास सीमित विकल्प हैं। अमेरिकी बॉन्ड प्रतिफल में भारी गिरावट दर्ज की गई है।
इस बीच ट्रंप का कहना है कि यह ऑपरेशन जैसा है, जो देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए जरूरी है, लेकिन बाजार इससे सहमत नहीं दिख रहे हैं।