
बड़ी दुर्घटना का कारण न बन जाए कार का ब्रेक पैड, मिलने लगते हैं ये संकेत
क्या है खबर?
कार की सुरक्षित ड्राइविंग के लिए ब्रेकिंग सिस्टम दुरुस्त रखना जरूरी है। इसका सबसे अहम हिस्सा ब्रेक पैड या ब्रेक शू होते हैं।
अगर इनमें कोई खराबी आ गई है तो समय रहते ध्यान देना हादसे को टाल सकता है।
हालांकि, ब्रेक पैड बदलना आपके बस की बात नहीं है, लेकिन आप यह सुनिश्चित कर सकते हैं कब इन्हें बदलने की जरूरत है।
आइये जानते हैं कब ब्रेक पैड बदलने के लिए गाड़ी को मैकेनिक के पास ले जाएं।
निरीक्षण
पहिये खोलकर खुद कर सकते हैं चेक
कार के ब्रेक पैड घिसने पर ब्रेक लगाने के दौरान तेज आवाज आती है। यह आवाज ब्रेक पैड बैकिंग प्लेट पर लगे मेटल अटैचमेंट के कारण होती है।
डिस्क ब्रेक पर ब्रेक पैड को पहिए हटाकर भी चेक किया जा सकता है। ब्रेक असेंबली या कैलिपर की जांच करें, जो ब्रेक पैड को ब्रेक रोटर के पास दबाए रखता है।
मेटल घिसने की आवाज भी ब्रेक पैड के खराब होने का संकेत है और इसकी अनदेखी भारी पड़ सकती है।
इंटीकेटर लाइट
नई गाड़ियों के इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर में मिलती है जानकारी
ब्रेक पेडल दबाते ही पूरी तरह ब्रेक लगने में ज्यादा समय लगना भी इशारा करता है कि ब्रेक पैड घिस चुके हैं। साथ ही ब्रेक पेडल में वाइब्रेशन भी इसी तरफ इशारा करता है।
इसके अलावा पैड का एक इंच से चौथाई हिस्सा बचा होने पर भी इन्हें तत्काल बदलवा देना चाहिए, क्योंकि ये ब्रेक रोटर्स को नुकसान पहुंचा सकते हैं।
लेटेस्ट कार में इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर पर इंडिकेटर लाइट ब्रेक पैड बदलने संकेत देती है।