
क्यों सफल नहीं हुई थी टाटा मोटर्स की हवा से चलने वाली वनकैट कार?
क्या है खबर?
ऑटोमोबाइल कंपनियां आजकल हाइब्रिड और इलेक्ट्रिक गाड़ियों बनाने पर जोर दे रहीं हैं। वहीं, एक दशक पहले ही टाटा मोटर्स ने अपनी हवा से चलने वाली वनकैट कांसेप्ट कार को पेश कर दिया था।
उस समय हवा से चलने वाली कार बनाना एक अनोखा कांसेप्ट था और भारत में कई खरीदार इस गाड़ी के लॉन्च होने का इतंजार कर रहे थे। हालांकि, बाद में कंपनी ने इस प्रोजेक्ट को बंद कर दिया।
आइये इसके पीछे की वजह जानते हैं।
कांसेप्ट कार
2012 में ही पेश हुई थी हवा से चलने वाली कांसेप्ट कार
टाटा मोटर्स ने 2012 जेनेवा ऑटो एक्सपो में अपनी हवा से चलने वाली टाटा वनकैट को पेश किया था। कंपनी की यह कार टाटा नैनो पर आधारित थी।
बता दें कि कंपनी को जनवरी 2007 में ही इस कार को बनाने का लाइसेंस मिल गया था।
टाटा ने इस कार को मोटर डेवलपमेंट इंटरनेशनल (MDI) के साथ मिलकर बनाया था। MDI फ्रांस की एक कंपनी है, जो हवा से चलने वाली कई गाड़ियां बना चुकी है।
जानकारी
कैसे काम करती हैं हवा चलने वाली गाड़ियां?
असल में हवा से चलने वाली गाड़ियों में एक एयर-पावर्ड इंजन का इस्तेमाल किया जाता है। पेट्रोल इंजन की तुलना में बेहद ही कम पैसों में इन्हे बनाया जा सकता है। हालांकि, ऐसी तकनीक वाले इंजनों को बनाना बेहद ही मुश्किल है।
फीचर्स
इन फीचर्स से लैस थी वनकैट कार
रिपोर्ट्स के अनुसार, टाटा वनकैट कार नैनो जैसी दिखती थी और इसमें पांच लोगों के बैठने की जगह दी गई थी। डिजाइन की बात करें तो यह एक दो दरवाजों वाली कॉम्पैक्ट माइक्रो कार थी।
कंपनी ने इस गाड़ी के एक यूनिट का उत्पादन भी कर लिया था।
इस गाड़ी में एक बड़ा कार्बन फाइबर एयर टैंक था और इसमें हवा भरी जाती थी। फुल टैंक में यह कार 200 किलोमीटर तक की दूरी तय करने में सक्षम थी।
उत्पादन
कंपनी ने क्यों शुरू नहीं किया इस कार का उत्पादन?
इस कार को पेश करने के कुछ महीनों बाद कंपनी ने इसका पहला प्रोडक्शन वर्जन टेस्टिंग के उतार दिया था।
इस कार ने टेस्टिंग का पहला पड़ाव भी पार कर लिया, लेकिन दूसरे चरण की टेस्टिंग से पहले ही इस प्रोजेक्ट को बंद कर दिया।
टाटा मोटर्स की तरफ से इस बारे में कोई भी जानकारी नहीं दी गई। कुछ रिपोर्ट्स की मानें तो इस कार में कई खामियां थी और इसलिए कंपनी ने इस प्रोजेक्ट को बंद कर दिया।
जानकारी
नैनो की घटती मांग बनी बड़ी वजह
कुछ जानकारों का मानना है कि नैनो कार को खराब बिल्ड क्वालिटी के करण ग्राहकों ने इसे खरीदना बंद कर दिया था।
ऐसे में कंपनी को नैनो का उत्पादन बंद करना पड़ा। चूंकि वनकैट इसी कार पर आधारित थी, इस वजह से भी कंपनी ने वनकैट का उत्पादन शुरू नहीं किया।
वहीं, वनकैट कार में काफी सुधार की जरूरत थी और कंपनी के पास भी इस गाड़ी के लिए सही एयर-पावर्ड इंजन उपलब्ध नहीं थे।